वर्जिन ट्यूशन टीचर की चुदाई घर में

फिर मैंने उससे कहा कि यह फ्रूटी तो पीकर जाओ तो वो बोली कि नहीं बस धन्यवाद.. फिर मैंने कहा कि अगर आप नहीं पियोगी तो यह खराब हो जाएगी तो वो मान गई और जल्दी से एक बार में ही फ्रूटी का पूरा का पूरा ग्लास पी गई। फिर में उसे अपनी बातों में लगाने के लिए पूछने लगा कि तुम कहाँ पड़ती हो और क्या पढ़ाई करती हो? तो वो मुझे सब कुछ बताने लगी और फिर मैंने उससे पूछा कि तुम्हारे घर में कितने सदस्य है और वो क्या करते.. इन्ही बातों को पूछते हुए मैंने उसे 15 मिनट तक व्यस्त रखा और फिर कुछ देर बाद मैंने देखा कि गोलियों ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था.. उसके पूरे चहरे पर पसीना आने लगा और फिर वो मुझसे बोली कि मुझे बहुत अज़ीब सा लग रहा है और चक्कर भी आ रहे है और अब में अपने घर पर चलती हूँ तो मैंने उससे कहा कि अगर तुम्हारी ज़्यादा तबियत खराब है तो थोड़ी देर यहीं पर रुक जाओ और आराम कर लो तो वो बोली कि नहीं में चली जाउंगी और यह सब देखकर मुझे मेरा प्लान खराब होता हुआ दिखा और वो उठकर खड़ी हो गई और दरवाजे की तरफ जाने लगी। तभी अचानक से वो रुकी और पास पड़ी चारपाई पर बैठ गई और बोली कि मुझे बहुत ज़ोर से चक्कर आ रहे है तो में जैसे ही उसके पास गया तो वो गिरने लगी और मैंने उसे संभाले के लिए हाथ आगे बड़ाया और उसकी पतली, चिकनी कमर पर हाथ रख दिया और वो अब मेरे एक हाथ पर थी और मेरी उंगलियाँ उसके बूब्स के किनारों में धँस गई.. जो कि रूई की तरह एकदम मुलायम थे। फिर मैंने उसको चेक करने के लिए बहुत हिलाया लेकिन वो एकदम सुन्न पड़ी थी.. उसके गुलाबी होंठ मुझे गुलाब की पंखुड़ियों जैसे लग रहे थे और अब मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने अपने होंठ उसके होंठो से लगा दिए और ऐसा करते ही मुझे 440 वॉल्ट का झटका सा लगा और मेरा लंड ज़ोर-ज़ोर से फड़फड़ाने लगा तो में उसे अपनी गोद में उठाकर अपने कमरे में लेकर आ गया और अपने बिस्तर पर लेटा दिया और अब में उसे देखकर बहुत ही हैरान था.. क्योंकि वो बेहोशी में और भी ज़्यादा सुंदर लग रही थी और उसके होंठ मुझे अपनी और बुला रहे थे। फिर मैंने उठकर अपने कमरे की कुण्डी लगा ली और उसके पास बैठ गया और धीरे से उसके बूब्स पर अपना एक हाथ रखा.. हाथ रखते ही मुझे ऐसा लगा कि जैसे मैंने किसी रूई के तकिए को पकड़ा हो और मेरी उंगलियां उसके मुलायम बूब्स में धँसी जा रही थी। फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को हल्के हल्के दबाना शुरू कर दिए और अब मेरा 7 इंच का लंड मेरे बरमूडे में टेंट बन चुका था।

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फिर मैंने अपना बरमूडा और अंडरवियर दोनों ही एक साथ उतार दिए और अब मेरा लंड किसी भूखे शेर की तरह शिकार को तलाश कर रहा था। फिर में उसके चहरे की तरफ गया और उसके गुलाबी होंठो को किस किया और उसके बाद में अपने तने हुए लंड को उसके नाज़ुक होंठो पर फेरने लगा.. जिसकी वजह से मेरे लंड से चिकना पानी निकलने लगा.. जो कि मैंने उसके होंठों पर अपने लंड से लिपस्टिक की तरह लगा दिया तो अब उसके होंठ और भी ज़्यादा चमकने लगे और मुझे उत्साहित करने लगे और मैंने उसका मुहं हल्के से दबाया.. जिसकी वजह से वो खुल गया और मैंने अपने लंड का टोपा उसके मुहं में डाल दिया और धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा और करीब 10 मिनट तक ऐसा करने के बाद मुझे ऐसा लगा कि जैसे में झड़ने वाला हूँ तो में एकदम से रुक गया और अपने लंड को जल्दी से बाहर खींच लिया।

अब मैंने उसे पूरा नंगा करने के बारे में सोचा और फिर मैंने उसे हल्का सा उठाकर उसकी टॉप को ऊपर कर दिया और फिर पूरा उतार दिया और उसके बाद उसका इलास्टिक वाला पाज़ामा भी धीरे से खिसकाकर उतार दिया और अब जो द्रश्य मेरे सामने था.. उसको में आप सभी को अपने शब्दों से बता नहीं सकता.. उसने सफेद कलर की जालीदार ब्रा और जालीदार पेंटी का सेट पहना हुआ था.. जिसमे से उसके आधे बूब्स और चूत की लाईन की शुरूआत दिख रही थी और मुझे ऐसा लग रहा था.. जैसे सफेद लिबास में कोई परी मेरे सामने पड़ी हो तो में उसके ऊपर ऐसे ही लेट गया और उसके शरीर की गर्मी महसूस करने लगा.. उसकी छाती मेरी छाती से टकरा रही थी और मेरा लंड उसकी पेंटी से ढकी चूत को फाड़ने को बैचेन था और अब मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया। उसके होंठ चूसने की वजह से और भी गुलाबी हो गए थे।

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फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी कमर के नीचे डालकर उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया और धीरे से उसके बूब्स से जुदा कर दिया और अब उसके 32 साईज के दूध आज़ाद थे और हिलकर मुझे मसलने के लिए उकसा रहे थे तो मैंने भी उन्हे नाराज़ ना करते हुए अपने दोनों हाथों में ले लिया और धीरे धीरे प्यार से सहलाने लगा और यह सब लगभग 15 मिनट तक चला। फिर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसकी पेंटी को धीरे से नीचे खिसकाते हुए बाहर निकाल दिया और अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी पड़ी थी और मैंने देखा कि उसकी चूत पर हल्के हल्के बाल थे तो मुझे देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे उसने अभी 3-4 दिन पहले ही अपनी चूत के बाल साफ किए होंगे और मैंने बिना समय गंवाए उसके दोनों पैरों को फैलाया तो उसकी कुंवारी चूत मेरे सामने मुहं फैलाकर मुझे अपनी और बुलाने लगी और मैंने यह चेक करने के लिए कि क्या वो कुंवारी है तो मैंने अपने मोबाईल की टॉर्च जलाई और देखा कि उसकी चूत के बीच एक तिनका सा लगा हुआ था.. जो कि उसके कुंवारे होने का ऐलान कर रहा था। फिर यह सब देखकर मेरा लंड और भी जोश में फूलने लगा और अब मैंने बिना समय गंवाए उसकी कुँवारी चूत को अपने मुहं में भर लिया और ज़ोर ज़ोर से चाटने लगा तो मेरे चाटने से उसकी चूत का रंग और भी निखर गया और अब वो हल्की सी कसमसाने लगी थी और उसके मुहं से हल्की हल्की सिसकियाँ बाहर आने लगी थी और वो चिकना चिकना पानी छोड़ने लगी.. वो पानी कुछ नमकीन सा था और अब उसकी चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी। फिर चूत को चाटने के बाद मैंने अपने लंड को सहलाया.. जो कि अब उसकी कुंवारी चूत फाड़ने को बिल्कुल तैयार था।

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