वंध्या की सील जीजा और मकान मालिक ने मिलकर तोड़ी

बिस्तर में आके मेरे सीने में हाथ रखकर मुझे बोला सीधी हो जाओ बंध्या मैं वैसी ही लेटी रही तो जीजा ने खुद पकड़ कर मुझे सीधा लिटा दिया और मेरी फ्रॉक को खींच कर ऊपर किया और गर्दन से उतार बाहर कर दी, अब मैं जीजा के सामने ब्रा और पैंटी में लेटी थी। जीजा बोले ओहहहहह गाड बंध्या तुम तो कयामत हो, क्या मस्त लौंडिया हो क्या माल हो मैं आज तक तुमसे मस्त माल नहीं देखा, इतनी हिरोइन फिल्मों में देखी, इतनी लड़कियां देखी कोई भी लड़की तुम्हारे आस पास भी नहीं, बंध्या तुम बहुत मस्त माल हो क्या गजब की चिकनी टांगे हैं तुम्हारी, क्या मस्त सेक्सी गहरी नाभि है, और क्या कड़क बूब्स लग रहे हैं, मुर्दे के सामने ऐसे चली जाओ बंध्या तो वो भी खड़ा हो जाए, कितने मस्त मस्त प्यारे लाल सुर्ख होंठ हैं, और उसमें प्यारी सी तुम्हारी सेक्सी नाक है, आंखों का तो कहना ही क्या है लगता है बिल्कुल चुदवाने का इशारा कर रही हैं। जीजा की यह बातें मेरे को अंदर से अच्छी लगी, इतने में जीजा मेरी पेंटी को धीरे से पकड़कर उतारने लगे, मैं बोली जीजा मत करिए हाथ जोड़ती हूं मुझे छोड़ दो बहुत डर लग रहा है कभी नहीं करवाया। पर जीजा कहां मानने वाले उन्होंने पैंटी को उतार फेंका अब मेरे बदन पर सिर्फ ब्रा बची थी,

जीजा ब्रा के ऊपर से ही दोनों बूब्स अपने दोनों हाथों से पकड़ कर जोर से दबाने लगे मैं चीख उठी, जैसे चीखी जीजा मेरे होठों को चूम लिए, और बोले इस तड़प और दर्द में बहुत मजा होता है बंध्या, फिर जीजा मेरी ब्रा के हुक पर हाथ रखकर ब्रा को खींच दिया हुक टूट गई ब्रा अलग हो गयी, मैं बोली मेरा ब्रा तोड़ दीया तभी जीजा बोले तुझे आज 4-5 ब्रा खरीदवा दूंगा चिंता मत कर, अब मैं जीजा के सामने बिस्तर में पूरी नंगी लेटी थी जीजा भी पूरे नंगे थे, इस तरह पहली बार आज कोई मर्द मेरे ऊपर मुझे पूरी नंगी करके और मेरे ऊपर पूरा नंगा होकर लेट गया, जीजा मेरे ऊपर चढ़ गये कि फिर मुझसे चिपक गए, मेरा अब हाल बहुत बुरा था मैं कुछ सोच नहीं पा रही थी कि यह सब क्या है? जीजा का शरीर बहुत गर्म होकर तप रहा था उनका सीना मेरे सीने से चिपक गया, मेरे होंठ पर अपने होंठ रख दिए नीचे उनका लन्ड मेरी चूत में रगड़ खा रहा था, जीजा बोले बंध्या तुम्हारा जिस्म तो आग की भट्टी की तरह बहुत गर्म है, तुम प्यासी हो बहुत चुदासी हो, मैं यह बात समझ नहीं पा रही थी,

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तभी जीजा उल्टे हो गए उन्होंने अपने पैर मेरे मुंह तरफ कर दिए और अपना मुंह मेरे पैरों तरफ मैं बोली जीजा छोड़ दो जाने दो मेरे मुंह से सिर्फ यही सब निकल रहे थे,जीजा को इन बातों से कोई मतलब नहीं था कि मैं क्या बोल रही हूं, मेरी क्या हालत है? उल्टा लेटने के कारण उनकी कमर मेरे मुंह की तरफ हो गई, और जीजा ने अपना मुंह मेरे पैरों तरफ करके मेरी टांगों को फैलाया और सीधे अपना मुंह मेरे चूत में रख दिया और अपने होठों से जैसे मेरी चूत को चुमा मैं उछल पड़ी, और मेरे मुंह से उंहहह निकल गया, जीजा अब अपनी जीभ से मेरी चूत चाटने लगे जैसे ही जीजा की जीभ मेरी चूत की रेखा पर चलती जा रही थी वैसे वैसे मुझे कुछ अजीब सा होता जा रहा था। उनका लन्ड मेरे चेहरे के पास टकराने लगा, तभी जीजा मेरी टांगों को और चौड़ा करके बोले बंध्या क्या मस्त चिकनी सुर्ख लाल चूंत है तुम्हारी ओह माय गॉड और जमकर अपने होठों से जीभ से चूमने और चाटने लगे,

मेरे मुंह से अपने आप लगातार सिसकारियां निकलने लगी, जीजा अब अपनी एक उंगली भी मेरी चूत में घुसा दिए और उसे अंदर बाहर करने लगे जैसे ही उंगली अंदर घुसती मैं उछल पड़ती, जीजा बोले क्या हुआ मेरी सेक्सी साली बंध्या, मैं बोली मत करो जीजा मुझे पता नहीं क्या हो रहा है, मुझे बहुत घबराहट हो रही है तभी जीजा उंगली और तेजी से चलाने लगे और अब अंदर मेरी चूत से रस निकलने लगा उस चूत रस को जीजा जीभ से चाटते भी जा रहे थे, बोले क्या मस्त सुगंध है तुम्हारी चूत की बहुत प्यारी महक है और अपनी नाक मेरी चूत में रगड़ने लगे, फिर मेरी टांगों को फैलाकर मेरी चूत में पूरी जीभ को घुसा दिया, जोर सी सी सी सी उहहहहह ओहहहहह करने लगी, तभी जीजा बोले बंध्या मेरे लन्ड को मुंह में ले लो मैं बोली नहीं मुझे यह सब नहीं करना मुझे नहीं पसंद है। तभी जीजा ने अपनी पूरी जीभ अंदर मेरी चूत में जोर से डाल कर बहुत तेजी से जीभ चलाने लगे, अब मैं ना चाहते हुए भी जीजा का लन्ड हाथ में पकड़ ली और जैसे ही जीजा ने चूत को दोनों हाथों से अपने रगड़ने लगे और जीभ को बहुत अंदर तक चूंत में डाले, मुझे कुछ समझ नहीं आया किस कारण किस जोश में किस नशें में मैं जीजा का लौड़ा अपने आप मुंह में घुसा ली मुझे कुछ समझ नहीं आया और मैं जीजा का लन्ड अपने मुंह में अंदर बाहर करने लगी।

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जीजा के लन्ड में अजीब सी गंध थी पर मुझे कुछ होश नहीं था। तभी जीजा बोले बहुत मस्त लौड़ा चुस्ती है बंध्या, लगता है तू बहुत लोगों का लन्ड चूस चुकी है और बहुत बड़ी रंडी है फिर भी झूठ बोलती है कि आज तक किसी ने नहीं किया। मैं सुन रही थी परन्तु पहली बार जाने क्यूं अब यह बात मुझे बुरी भी नहीं लगी, जबकि मैं मन-ही-मन सोची कि आज तक में सिर्फ कमलेश सर का ही लन्ड चूसी हूं और जीजा झूठ बोल रहे हैं। मेरे अब तक के जीवन में आज जीजा का दूसरा लन्ड है जिसे चूस रही हूं। तभी जीजा बोले बंध्या अब तुम चुदासी हो और चुदवाने के लिए बहुत तड़प रही हो, और मुझे बोले तुम बहुत पागल हो रही हो चलो तुम्हारी आज चूत की प्यास, तेरी चूंत की खुजली मिटा देता हूं। बंध्या बहुत मजा आएगा तुझे और जीजा उठ गए सीधे होकर मेरी टांगों की तरफ आकर बैठ गए, और अपना लन्ड पकड़ के मेरी चूंत को फैलाकर मेरी कमर ऊपर उठाया और एक तकिया मेरी कमर के नीचे रखा, जीजा बोले कि बंध्या क्या पतली कमर और मस्त प्यारी सी टाइट चूत है तुम्हारी, बंध्या तुम भले ही कितना चुदाई करवाती रही हो, पर लगता है जैसे बिल्कुल फ्रेश माल हो। मैं बोली कोई नहीं छुआ मुझे आज तक ना कुछ किया,

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