वंध्या की सील जीजा और मकान मालिक ने मिलकर तोड़ी

मैं बोली ठीक है, काफी हाउस से जीजा नास्ता पैक कराये और कोल्डड्रिंक लिए और चल दिए रूम पहुंच गए जीजा के उन्होंने कमरे का ताला खोला सिर्फ एक ही कमरा था उसमें चारपाई रखी थी उसमें बिस्तर लगा हुआ था। जीजा जी बोले आराम से बैठ जाओ वंध्या बिस्तर में यही गरीब खाना है जहां रहकर मैं ड्युटी करता हूं। मैं बोली अच्छा तो है जरूरत के हिसाब से अकेले रहने के लिए और मैं बिस्तर में बैठ गई , तभी जीजा अंदर से रूम को लाक कर दिया , मैं बोली की जीजा तुम क्यों बंद कर दिए अंदर से तो जीजा बोले कि अपन अभी नाश्ता कर ले, वैसे भी मैं जब कमरे में आता हूं तो बंद ही कर लेता हूं मैं कुछ नहीं बोली, तभी जीजा एक प्लेट में इडली निकालें और गलास में कोल्ड ड्रिंक और सामने रखें, मैं बोली मुझे खाने की इच्छा नहीं, तो जीजा अपने हाथ से लेकरकर मेरे मुंह में डालने लगे और बोले मेरी खूबसूरत साली बंध्या तुम यह मेरे हाथ से खाओ, मैं खाने लगी तभी जीजा प्लेट रखकर मेरे को बोले कि थोड़ा मुंह में होंठ के नीचे यहां पर कुछ लग गया है, मैं बोली मैं पोंछ लूंगी, लेकिन जीजा अपने हाथों से मेरे होठों को अपनी उंगलियों से छुआ और बोला कितने कोमल होंठ हैं तुम्हारे साली जी, मैं शरमा गई कुछ नहीं बोली,

तभी जीजा रुमाल निकालें तो मैं सोची, कुछ पूछ रहे हैं। कि तभी उन्होंने सीधे मेरे होठों को अपने होठों से चुमने लगे, मैं बोली यह क्या कर रहे हैं जीजा यह मुझे पसंद नहीं प्लीज यह मत करिए, मुझे छूना नहीं मैं आप से कितनी छोटी हूं, तभी जीजा बोले परसों अपनी बात हो गई थी, बन्धया तुमसे क्या बात हुई थी ? तब तुम बोली थी कि फ्री में कुछ नहीं होगा तब मैं बोला था कि कितना लोगी तो तुमने कहा था कि मैं पैसे नहीं लेती, तो मैं पूछा क्या पसंद है चलो मैं तुम्हें अच्छी सी ड्रेस दिला दूंगा और आज मैं अपना वादा पूरा करने तुम्हें ले आया, अब तुम अपना वादा पूरा करो वंध्या, मैं बोली नहीं जीजा वह मजाक था मैं तो ऐसे ही मजाक में सब कह रही थी, तो जीजा बोले मजाक था तो तुम सतना यहां ड्रेस के लिए क्यों चली आई। यह उसी मजाक में ही तो यह बात हुई थी। तब मैं कोई जवाब नहीं दे पाई जीजा मेरे बगल से बैठ गए चारपाई में, और मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया मैं छुड़ाने लगी, तो जीजा बोले मैं बोला था ना की चैलेंज मत करो बंध्या, डार्लिंग तुम मेरी साली हो और साली आधी घरवाली होती है, मान जाओ तुम इतनी सेक्सी तो हो फिर क्यूं नाटक करती हो। मैं उनके हाथ जोड़ने लगी बोली छोड़ दो मुझे जाने दो मुझे आपसे ड्रेस नहीं चाहिए,

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जीजा प्लीज मुझे जाने दो नहीं मैं चिल्लाऊंगी सबको बता दूंगी, दीदी को भी बता दूंगी, मुझे जाने दो। जीजा बोले नाटक मत करो बंध्या है तुम अब छोटी नहीं हो, मैंने तुम्हें देखा है तुम्हारे हुस्न और जिस्म को अच्छी तरह से सब देखा है, मैं चोरी से तुम्हारे पीछे पीछे ही लगा रहता था, जब तुम लैट्रिन के लिए लोटा लेकर बाहर जाती थी, मैं पीछे-पीछे आता था और झाड़ी के पीछे छुपकर लेट्रिन करते हुए जब जैसे निकलती थी एकदम तुम्हारी नंगी गांड बहुत टाइट थी और बहुत बड़ी है अच्छे से देखा, छुपकर लेट्रिन कर जब तुम कपड़े पूरे उतार कर नंगी हो कर फिर सही वाले कपड़े पहनती थी तब वंही जहां जिस पीछे वाले कमरे में बदलती थी वहीं तखत के नीचे मैं दौड़कर पहले से घुस जाता था और जब तुम कपड़े उतारने लगती तब मैं तुम्हें नंगी देखकर वहीं मुट्ठ मारता रहा हूं, कई बार तो लगा था कि तुमसे लिपट जाऊं और तुम्हें जमके चोद दूं, तुमने दो तीन बार नंगी होकर अपनी चूत फैलाकर उसे अपनी ऊंगली से साफ कर रही थी, क्या मस्त चूत थी तुम्हारी बंध्या उस समय तो कैसे सम्हाला अपने आप को मैं ही जानता हूं, जब तुम नहाने जाती थी तब मैं रोज देखता था, कैसे अपने जिस्म को रगड़ रगड़ कर साफ किया करती रही हो, भींगे होंठ, भींगे गाल,भींगा सीना उठा हुआ, भींगा चिकना पेट और उसमें कयामत सी दिखने वाली नाभि तुम्हारी बंध्या, भींगा पानी में तुम्हारा पूरा बदन वोहह माई गॉड पागलपन था बंध्या, तुम क्या जानो कि बंध्या तुम कितनी मस्त माल हो गई हो, इसलिए झूठ बोलना बंद करो कि तुम कोई छोटी लड़की हो।

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आज तुम्हें मैं बहुत मजा दूंगा, तुम जन्नत में पहुंच जाओगी, मैं बोली कितने गन्दे हो छी मुझे लेट्रिन करते देखा थू, उनके हाथ जोड़ने लगी बोली जीजा प्लीज मैं चिल्ला दूंगी और मैं रोने लगी बोलने लगी हाथ मत लगाओ मुझे जीजा मुझे जाने दो। मैं ड्रेस नहीं लूंगी और जैसे ही चारपाई से उतरने लगी जीजा मुझे पीछे से पकड़ लिये और मुझे बिस्तर में फिर से पटक दिया। और अब वह बोले मजाक मत करो बंध्या मेरी जान, और मेरे होठों के चुम्मा लेने लगे मैं हाथ पैर दोनों झटक रही थी और रोने लगी। पर जीजा को कुछ समझ नहीं आया तुरंत मेरी वन पीस फ्रांक को ऊपर किये तो वह मेरे पेट तक आ गई, अब कमर के नीचे मैं नंगी हो गई सिर्फ पैंटी रह गई, मेरी नंगी जांघों और टांगें देखकर जीजा बोले क्या मजाक कर रही हो बंध्या कितनी मस्त माल हो, तुम्हारी यह प्यारी मस्त पैंटी के ऊपर से फूली चूत सब बता रही है कि तुम्हारी चूत को अब लंड चाहिए। जीजा मेरी पैंटी के ऊपर जहां फूली हुई चूत थी वहीं पे हाथ रखे और बोले कितनी तो गरम है तुम्हारी चूत फिर भी चिल्ला रही हो। मैंने जोर से धक्का मारा और जीजा के हाथ में दांत से चाब कर काटने लगी और उनसे खुद को छुड़ा ली, बिस्तर से नीचे उठी एक चाकू पड़ा था सब्जी वाला उसे ले लिया,

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