अंकल के सामने उनकी बीवी की चुदाई की

indian biwi ki chudai : सभी लंड धारियों को मेरा लंडवत नमस्कार और चूत की मल्लिकाओं की चूत में उंगली करते हुए नमस्कार। हेलो दोस्तो, मैं राज आज फिर से एक बिल्कुल नयी कहानी ले कर आया हूँ. मुझे पूरा यकीन आप ने आज तक ऐसी कहानी ना ही सुनी होगी और ना कभी ऐसा सोचा होगा.

दोस्तो ये कहानी मेरी नही बल्कि मेरे मिश्रा अंकल की है. जो की उन्होने मुझे कल रात बताई. जब मैं उनके साथ बैठा दारू पी रा था. मिश्रा अंकल एक बहोत ही अच्छे इंसान है और वो मेरे साथ पूरे खुले हुए है. वो मुझे अक्सर सेक्स करने की टिप्स भी देते रहते है.
अंकल की एक बहोत ही खास बात है. वो जब भी मेरे साथ बैठ कर दारू पीते है. तो अपने सारे सच मुझे बता देते है. ऐसा ही एक सच उन्होने मुझसे शेर किया. जिसे आज मैं आप से शेर करने जा रा हूँ. दोस्तो आज की कहानी मैं कुछ ऐसे तरीके से लिख रा हूँ. जिससे आप को लगे की ये कहानी मैं नही मेरे अंकल मिश्रा जी बता रहे है.
तो चलिए अब मैं आप सब का ज़्यादा टाइम खराब ना करते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ. शुरू करने से पहले मैं बता दूं की आप प्लीज़ पूरी कहानी को ध्यान से पढ़ना. क्योकि तभी आप को और भी मज़ा आएगा. ये कहानी बहोत ही अच्छी है.
मिश्रा अंकल 52 साल के एक थोड़े कमजोर टाइप के आदमी है. उनकी एक वाइफ भी है जिसका नाम शुषमा है. शुषमा आंटी की उमर करीब 45 साल है. वो दोनो अपनी ओल्ड एज मे आ चूक्के है. पर आंटी के अंदर की गर्मी अभी तक शांत नही हुई थी. वो आज भी काफ़ी सेक्सी लगती थी. उसका भरा हुआ जिस्म कयामत सा लगता था. आंटी का साइज़ 38-36-40 होगा. उनके बूब्स काफ़ी बड़े थे जो की ब्रा मे भी बड़ी मुश्किल से आते थे. इसलिए उन्होने अपनी ब्रा डालना ही बंद कर दिया था.
अंकल भी अब ओल्ड हो चुके थे वो जायदातर अब बनियान मे ही रहते थे. उनका पेट भी अब बाहर आता जा रा था. अंकल आंटी के दो लड़के है. और दोनो की शादी भी हो रखी है. और दोनो के दोनो इंडिया से बाहर ही रहते है. वो दोनो पूरे घर मे अकेले ही रहते थे. इस लिए वो दोनो खुल कर सेक्स करते थे. अंकल के लंड का साइज़ सिर्फ़ 4 इंच का था. जब वो सेक्स करते थे तो आंटी का मन लंबा लंड लेने को करता था. पर अब अंकल का लंड और लंबा नही हो स्कता था.
अंकल घर मे टी.वी पर सेक्सी वीडियो लगा कर सेक्स करते थे. अंकल अब बड़े और लंबे लंड वाली ब्लू मूवीस लाते थे. और वो अब ज़्यादातर ग्रूप सेक्स ही देखते थे. आंटी अंकल के साथ बैठ कर जब भी ऐसी मूवी देखती थी. तो उनका बहोत ही मन करता था की वो भी अपनी चूत मे एक ऐसा लंड ले और जिंदगी के असली मज़े वो भी ले.
अंकल भी आड़े लंड को देख कर ये ही सोचते थे की काश उनका भी ऐसा लंड होता. तो वो अपनी वाइफ की चूत को फाड़ कर रख देते. कुछ ही देर मे वो दोनो गरम हो जाते और फिर वो सेक्स करना शुरू कर देते. अंकल जब आंटी की चूत मे अपना 4 इंच का लंड डालते थे तो आंटी को कुछ पता भी नही चलता था. की उनक्की चूत मे कुछ गया भी है.

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करीब 5 मिनिट मे ही अंकल का काम हो जाता था. और वो थक कर बैठ जाते थे. पर आंटी की प्यास भी वेसी की वेसी थी. वो अभी भी चुदवाना चाहती थी. पर उसकी किस्मत मे शायद ये ही एक छोटा सा लंड लिखा था. आंटी अंकल से अकसर कहती थी की काश वो एक लंबा और मोटा लंड अपनी चूत मे ले पाती. अंकल भी ये ही चाहते थे वो भी सच मे एक लंबा लंड देखना चाहते थे. उनके दिल मे भी यही इच्छा थी की काश वो भी एक लंबे से लंड से अपनी वाइफ को चूड़ते देखे. और खुद भी ऐसे लंड से खेल पाए.
अंकल की ये इच्छा जल्दी ही पूरी होने वाली थी. क्योकि उनके घर के सामने अब एक नया कपल आया था. उनके घर मे वो दोनो हज़्ब्नॅड वाइफ और एक लड़के का बाप. उनका नाम सूरज वेर्मा कहते थे. जल्दी ही मिश्रा और वेर्मा अंकल की आपस मे अच्छी दोस्ती हो गई.

दोनो बहू बेटा सर्विस वाले थे और उनके साथ उनके पापा जी रहते थे. जो की 56-57 साल के थे और एक दम फिट थे. पर उनकी बीवी मर चुकी थी इसलिए वो अकेले से पड़ गये थे.

धीरे-धीरे हमारी मुलाकात हुई और उन्होने अपनी पहचान मे अपना बताया तो पता चला की वो वेरमास थे. वो अब हम से घुल मिल गये थे क्योकि हम भी घर पर अकेले ही होते थे तो वो भी आजाते थे.
वो अपने बहू बेटे के जाने के बाद हमारे घर पर आते थे. और फिर हम चाय की चुस्कियो के साथ कार्ड्स भी खेलते थे. और इसी तरह हमारा टाइम पास हो जाता था.

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उधर मेरी बीवी मेरे छोटे से लंड से सॅटिस्फाइड नही थी. की एक दिन अचानक मिश्रा अंकल वेर्मा अंकल से मिले और तब सेक्स से रिलेटेड ऐसे ही बात हुई.

मिश्रा – यार मेरा लंड तो खड़ा ही नही होता और अगर होता है तो जल्दी ही मर जाता है.
वेर्मा – पर यार मेरा तो इधर इसके ऑपोसिट है. क्योकि मेरा लंड तो 24 घंटे तनटनाता रहता है. जब बीवी होती थी तो गर्मी निकल जाती पर अब तो खुद ही निकलनी पड़ती है. और बहू बेटे की रात भर छूउ-छूउ सुन कर तो मुझे मूठ मारनी ही पड़ती है.

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