स्टाफ की बेटी नेहा के साथ चुदाई

हेलो एवेरिवन, मेरा नाम मिहिर हैं मैं राँची, झारखंड का रहने वाला हू, मेरी एज 20 साल हैं, मैं डीके का रेग्युलर रीडर हू इतनी सारी देसी सेक्स स्टोरीस पढ़ के मैने सोचा की अपनी आप बीती भी इसके ज़रिए आप सब के साथ शेयर करू, फिलहाल खुद के बारे ज़्यादा टिपनि ना करते हुए मैं सीधा स्टोरी पे आता हू.

ये स्टोरी रियल इन्सिडेंट पर लिखी है जो मेरे साथ एक साल पहले हुई थी, मैं अभी एसटी, *** कॉलेज मे ग्रॅजुयेशन कर रहा हू, मेरे पापा का मेडिकल एजेन्सी का बिज़्नेस हैं इसमे काफ़ी सारे स्टाफ की ज़रूरत पड़ती हैं उनमे से ही हमारा एक बोहोत ही पुराना और भरोसेमंद स्टाफ हैं जो की बोहोत सालो से हमारे यहा काम कर रहा हैं उसकी पत्नी भी हमारे घर मे काम करती हैं और इनकी एक बेटी हैं जिसका नाम नेहा है.

हम दोनो की एज सेम हैं, नेहा के बारे बता दू वो बोहोत ही सुंदर दिखती है एकदम पतली कमर बड़े बड़े चुचे हाइट 5″4 की और गॅंड मीडियम साइज़ की लेकिन एकदम टाइट जैसे की किसी को भी उसको देख के चोदने का मन कर जाए, पति पत्नी दोनो के काम पे होने के कारण उन्हे नेहा को भी साथ मे रखना पड़ता था.

इनका और हमारे परिवार के बीच बोहोत ही आछे संबंध बन गये थे हमारा घर बड़ा होने के कारण हमने इन्हे रहने के लिए रूम दे दिया था और इसी कारण बचपन से ही हम दोनो एक दूसरे साथ खेलते आए हैं और साथ ही मे बड़े हुए और हम दोनो मे बोहोत अछी दोस्ती हो गई थी .

जब हम दोनो 11थ क्लास मे थे तो उसकी चुचिया आकर मे आने लगी थी और मेरा भी लॅंड लड़किया देख के बड़ा होने लगता था, धीरे धीरे हम दोनो जवान हो रहे थे, जब भी हम दोनो साथ खेला करते थे तो मैं कुछ ना कुछ बहाने से उसे छूता था और कभी कभी उसकी चुचिया छूने की कोशिश करता था शायद उसे भी मज़ा आता था.

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12थ मे आने के बाद मेरे पापा ने हम दोनो को पास मे ही एक ट्यूशण मे लगा दिया, हम दोनो शाम को रोज़ ट्यूशन आया जाया करते और साथ ही पढ़ा करते, उसकी चुचिया पहले से और बड़ी हो गई थी, हम दोनो जब भी पढ़ा करते थे तो मैं जान भुज कर उसके सामने बैठा करता था.

जब जब वो झुकती थी तो उसके चुचे को घूरा करता था ऐसा करने मे मुझे बोहोत मज़ा आता था क्या मस्त बूब्स थे उसके मन तो करता था बस उनमे समा जाउ, कई बार उसने मुझे ऐसा करते देखा पर हमेशा नज़र अंदाज़ कर देती थी.

जैसे जैसे वक़्त बीतता गया उसकी जवानी और निखरती गयी और मेरे भी लॅंड का साइज़ 6″ हो गया, वो बोहोत ही सेक्सी और एकदम माल दिखती थी और ट्यूशन के सारे लड़के मुझसे बोहोत जलते थे क्यूकी वो किसी को भाव नही देती थी बस मुझसे बात करती थी .

बात तब की है जब हम दोनो 12थ मे आ गये थे और बोर्ड्स एग्ज़ॅम 1 महीने बाद था, मैने अपनी मम्मी से पर्मिशन ले ली थी की मैं और नेहा कुछ दीनो तक देर रात तक साथ मे पढ़ाई किया करेंगे इससे हम दोनो की हेल्प हो जाएँगी तो मेरी मम्मी ने हाँ कर दिया, मैं बोहोत ही खुश हो गया की इसी बहाने नेहा की बड़ी बड़ी चुचिया नाप सकूँगा और उससे देर रात तक बात भी कर पाउन्गा.

वो रात मे शॉर्ट्स पहना करती थी उसकी गोरी गोरी जांघे देख के मुझे एकदम कंट्रोल नही होता था हम दोनो रात मे 1-2 घंटे पढ़ा करते और बाकी के टाइम बात किया करते मैं उससे फ्लर्ट करता था वो भी मुझे चीढ़या करती, मैं उसका हाथ भी पकड़ लेता था पर उसने आज तक कभी कुछ नही कहा .

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मैं मन ही मन उसे चोदने का सोचने लगा, मैने फिर सोच ही लिया की इसे ज़रूर चोदुन्गा अब मुझसे और देख देख के नही रहा जाता, संडे का दिन था और घर के सारे लोग किसी की शादी मे गये थे मैने पढ़ने का बहाना दे कर मना कर दिया, उसी दिन प्लॅन बनाया की नेहा को सिड्यूस करूँगा, रात के 8 बजे थे मैने उसे पढ़ने बुला लिया.

हमेशा की तरह वो शॉर्ट्स मे थी और लोंग नच वाला टॉप पहना था जिससे उसकी चुचियो के बीच की लाइन साफ साफ दिख रही थी, क्या बताउ दोस्तो बोहोत ही सेक्सी लग रही थी, तोड़ा कंट्रोल कर के कुछ देर पढ़ने के बाद मैने उससे कहा की और पढ़ने का मूड नही आज तो उसने भी कहा मेरा खुद मन नही, मैं तो और ज़्यादा खुश हो गया और तुरन्त कहा की चलो इंग्लीश मूवी देखते हैं.

मैने पहले से ही मूवी की डीवीडी निकाल रखी थी जिसमे बोहोत सारे रोमॅंटिक सीन थे, ठंड का मौसम था तो हमने रज़ाई खोल ली और दोनो ने अपना पैर अंदर कर लिया, मैं जान भुज कर उसके पैर से अपने पैर सटा के रखा था उसने ज़रा सा भी विरोध नही किया, मेरी हिम्मत और बढ़ गई.

रोमॅंटिक सीन चल रहा था वो बड़े ही ध्यान से देख रही थी, मैने अपना हाथ रज़ाई के अंदर कर लिया और धीरे से उसकी जाँघो पे रख दिया उसने मेरा हाथ हटाने की कोशिश की पर मैने नही हटाया और उसकी जाँघो पे हाथ घुमाने लगा तभी नेहा ने कहा की तुझे क्या हो गया तो मैने कहा मुझे भी रोमॅन्स करना है तेरे साथ तो वो हसने लगी.

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