शादी बाद सुहागरात का मज़ा

हेलो दोस्तो, मेरा नाम राघव है और मैं लुधियाना का रहने वाला हूँ और मेरी ये सच्ची इंडियन हनिमून सेक्स कहानी है जो आज मैं आपको बताने जा रहा हूँ. दोस्तो मेरी उमर 24 साल है और मैं दिखने मे हैंडसम हूँ और स्मार्ट भी हूँ इसलिए काफ़ी लड़किया मुझ पर फिदा है पर मैं आज तक किसी भी लड़की से इतना फ्रैंक नही हुआ और ना ही कभी सोचा है.

दोस्तो, इसी के चलते मेरी एक साल पहले यानी की जब मैं 23 का था तब मेरी एक बहोत ही खूबसूरत लड़की से मुलाकात हुई वो भी जब मेरा परिवार लड़की को देखने उसके घर गया और हमने एक दूसरे को पसंद करते हुए हाँ करदी और फिर धीरे-धीरे हमारी शादी की रस्मे हुई और फिर हमारी शादी हो गई.

हमारी शादी सर्दियो मे हुई थी तो शादी के समये हमे बहोत अच्छा लगा पर मैं जब अपनी दुल्हन को डॉली मे लेकर अपने घर आ रहा था तो मुझे आते हुए फोन आया की मुझे कुछ दीनो के लिए बिज़्नेस के सिलसिले मे बंगलोरे जाना पड़ गया है इसलिए तब मैं थोड़ा उदास हुआ पर अभी भी मेरे पास कुछ समये था.

इसलिए मैं अपनी जान, अपनी रोज़ी का दिल नही दुखाना चाहता था इसलिए मैं उसके साथ खुशी- खुशी ग्रे प्रवेश किया और घर पर आ कर जो भी रिलेटिव्स थे वो आराम से, अपनी बीवी के साथ बैठ कर बाते किए और अपनी जान के साथ बैठ कर अच्छे से खाना खाया और तभी मैने घरवालो को बताया की मुझे कुछ दिन के लिए बंगलोरे जाना पड़ेगा तो सबसे ज़्यादा दुख रोज़ी को हुआ जो की जायज़ भी था.

अब मैं ना चाहते हुए भी उसके साथ कुछ भी टाइम स्पेंड नही कर पाया था और मुझे बंगलोरे आ कर अपना बिज़्नेस देखना था पर मैं उसके लिए डेली थोड़ा टाइम निकाल कर फोन करता था और हम एक दूसरे को जानने और समझने के लिए खूब बाते करते थे और खुश भी रहते थे और एक दूसरे को मिस भी करते थे.

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अब ऐसे ही कुछ दिन निकल गये और फिर मैने करीब 15 दिन बाद रोज़ी को भी बंगलोरे बुला लिया और उसको लेने एरपोर्ट पहोच गया और जब मैने उसे देखा तो सच कहु तो देखता ही रह गया क्योकि वो दिखने मे इतनी खूबसूरत लग रही थी की क्या बताऊ, उसने रेड कलर की साड़ी डाल रखी थी और उप्पर से बाजू मे शादी का जोड़ा जिसमे वो बहोत खूबसूरत लग रही थी.

मैने उसे कार मे बिताया और सारे रास्ते उसे देखते हुए घर पर आ गया और घर आते ही वो नहाने चली गई और उसके बाथरूम जाने पर मैने खाना भी ऑर्डर कर दिया और फिर वो जब बाथरूम से आई तो उसने येल्लो कलर का सूट डाल रखा था जिसमे वो बहोत ही क्यूट लग रही थी.

अब हम दोनो ने एक साथ बैठ कर खाना खाया और फिर वो थक गई थी इसलिए वो थोड़ी देर सो गई तो मैने भी उसके सोने पर अपना ऑफीस का वर्क पूरा कर लिया क्योकि मैं आगे 3 दिन की छुट्टी पर था. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

अब जब शाम के 5 बजे वो उठी तो मेरे पास आ कर मुझे गाल पर किस करते हुए मेरे पास बैठ गई तो मैने अपना ऑफीस वर्क बंद कर दिया और उससे बाते करने लग गया और फिर हम थोड़ी देर बाद घूमने चले गये और वाहा से रात 8 बजे घर आए और आ कर रोज़ी ने अपने प्यारे से हाथो से खाना बनाया जो की मैने उसके हाथ का पहली बार खाया और उसके साथ बैठ कर खाया और उसे खिलाया और फिर हम दोनो बेडरूम मे आ गये.

रोज़ी रेड कलर के बहोत ही कमाल के सूट मे मेरे पास आई और मैने उसे अपने पास बेड पर बिठा लिया. कुछ देर तो हम दोनो कुछ नही बोले पर फिर मैने अपना एक हाथ उसके कोमल हाथ पर रख लिया. रोज़ी ने कोई हरकत नही करी और फिर मैने उसका हाथ पकड़ कर उसे अपने से चिपका लिया और फिर उसने मेरी तरफ देखा और मुस्कुरा पड़ी. फिर क्या था मैने अपनी जान को अपनी बाहों मे भर लिया और वो भी मुझे अपनी बाहों मे भरने लग गई.

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हम दोनो एक दूसरे को अपनी अपनी बाहों मे कस रहे थे. क्या कमाल का टाइम था मुझे सच मे उसकी बाहों मे बहोत ही सुकून मिल रहा था. उसके बाद मैने बड़े प्यार से रोज़ी का चेहरा अपने दोनो हाथो मे लिया और उसके गुलाबी होंठो पर अपने होंठ रख दिए और एक एक करके उसके दोनो होंठो का मैने सारा जूस पिया और फिर वो भी किस्सिंग मे मेरा साथ देने लग गई.

हम दोनो की जीब एक दूसरे के मूह के अंदर घुस रही थी और हम दोनो एक दूसरे की जीब को अच्छे से चूस रहे थे. हम दोनो करीब 10 मिनिट तक एक दूसरे को अच्छे से किस किया और रोज़ी फिर से मेरे गले लग गई. अब मैने उसकी गर्दन को चूमना शुरू कर दिया और साथ ही साथ ही उसके कानो को अपने दांतो से काटना शुरू कर दिया और फिर मैने धीरे उसे अपने सीने से अलग किया और उसका सूट उतार दिया अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा मे थी. मैने उसकी ब्रा भी बड़े ही प्यार से उतार दी और फिर मैने उसे बेड पर सीधा लेटा दिया और उसके दोनो बूब्स को एक एक करके अच्छे से चूसा और उसके निप्पल्स को मूह मे ले कर उसको दांतो से कटा जिससे रोज़ी और भी गरम हो गई.

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