रंडी मॉं की चुदाई ताउ जी ने की

Randi maa ki chudai सभी लंड धारियों को मेरा लंडवत नमस्कार और चूत की मल्लिकाओं की चूत में उंगली करते हुए नमस्कार। हिन्दी चुदाई कहानी के माध्यम से आप सभी को अपनी स्टोरी सुना रहा हूँ। मुझे यकीन है की मेरी सेक्सी और कामुक स्टोरी पढकर सभी लड़को के लंड खड़े हो जाएगे और सभी चूतवालियों की गुलाबी चूत अपना रस जरुर छोड़ देगी।

हेलो दोस्तो मेरा नाम मोहन (22) है. मैं *** गाओं से हू. शहर मे हॉस्टिल मे रहके पढ़ता हूँ. ये मोम सन सेक्स परिवार मे चुदाई बात कुछ साल पहले की है. गाँव मे मेरा ख़ानदानी ज़मींदार है. मेरे पिताजी केशव (42) खेतीबाड़ी का काम संभालते है. मा एक रेग्युलर हाउसवाइफ है. मा का नाम सुमित्रा (38) है. कमाल का फिगर है मा का 36 28 36.

मम्मी बड़े बड़े गोल गोल कूल्हे और लचकति हुई कमर. गाओं के हर मर्द मा के फिगर पे फिदा है. पिताजी महीने मे सिर्फ़ दो बार मा को चोदते है. इसलिए मा लगभग प्यासी ही रहती है. इसलिए कई बार अकेले मे मा को चुत मे उंगलियाँ करते देखा है मैने.

मैं पढ़ाई मे बोहोत होशियार था. बोर्ड एग्ज़ॅम तक टॉप किया. गाँव मे कॉलेज नही थी इसलिए शहेर जाना पड़ता था. मुझे कॉलेज जाना था पर पिताजी मना कर रहे थे.

पर मेरे बड़े पापा किशन (45) ने पापा को कहा मुझे कॉलेज पढ़ने दे. शहर मे उनकी पहचान है किसी अच्छे कॉलेज मे मेरा अड्मिशन करवा देंगे. किशन तौजी का गाँव मे बड़ा नाम था सब उनकी मानते थे. पापा भी उनकी बोहोत इज़्ज़त करते है. तो उनके कहने पर पापा मान गये.

तौजी ने मेरा अड्मिशन करवा दिया अब मुझे शहेर मे हॉस्टिल मे छोड़ने के लिए पिताजी काम की वजह से मना कर रहे थे तो तौजी ने कहा वो छोड़ देंगे हमे और आछेसे मेरी व्यवस्था कर देंगे. वैसे तौजी बड़े हट्टे कट्टे आदमी है 6फिट लंबे और कसरती बदन था. गाँव में फ्री टाइम मे पहेलवानी करते.

शहेर जाने की मैं तैयारी कर रहा था मा मुझे बोहोत प्यार करती हैं इसलिए वो भी साथ मे मुझे छोड़ने आना चाहती थी. हम तैयार हो के बस स्टेशन निकल गये.

More Sexy Stories  मम्मी और उनकी सहेली की चूत चूस के चोदी

तौजी भी वही मिले. हम बस मे बैठ गये, बस चल पड़ी. मैं विंडो सीट पे बैठा था. मा बीच मे और साइड मे तौजी. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मा तौजी के सामने घूँघट मे थी. तो तौजी ने कहा, ‘बहू गाओ छूट गया अब तुझे हमारे सामने घुंघट लेने की ज़रूरत नही है. मुझे कोई दिक्कत नही.’ तौजी के कहने पे मा ने घूँघट निकाल दिया.

तो तौजी मा का चेहरा देखते ही रह गये. रे तू तो बोहोत खूबसूरत है सुमित्रा तौजी के ऐसे तारीफ करने पर मा शर्मा गयी. मैने चोरी चोरी देखा की तौजी मा के यौव्वान की और चुपके से देख रहे थे. मुझे ये नॉर्मल ही लगा क्यूंकी कई लोग मा के यौव्वान को ऐसे घूर घूर के देखते रहते थे.

चाय पानी या फ्रेश होने के लिए एक ढाबे पर बस रुकी तो तौजी ने कहा यहाँ पे थोड़ा चाय पानी कर ले, इसलिए हम उठने लगे. मा कभी बस मे बैठी नही थी इसलिए उसे थोड़ा चक्कर आ गया तो सीट पे वापिस बैठ गयी.

तौजी ने मम्मी को सहारा देकर उठाया, पर तौजी के पैर मे कोई चीज़ आ गयी जिससे तौजी का बॅलेन्स बिगड़ गया तो वो पीछे की और सीट पे गिर पड़े और मम्मी भी तौजी के उपर गिर गयी, सीट पर तौजी कमर के बल पड़े थे और मा मुँह के बल तौजी पे, मा के मोटे मोटे स्तन तौजी के सिने में दब गये, दोनो के बदन मानो एक दूसरे पे जुड़े हुए थे. मा उठने गयी तो फिर से गिर पड़ी.

दोनो कुछ देर ऐसे ही पड़े रहे फिर तौजी ने खुद मा को बाँहों से जाकड़ के उठ गये और सीट पे बिठा दिया. इस दौरान तौजी ने ग़लती से मा के स्तानो को पकड़ लिया फिर छोड़ दिया.

More Sexy Stories  गरम माँ की चुदाई कहानी

मैने देखा तौजी की पैंट का उभार फूला हुआ लगा. कोई भी मर्द हो यौव्वान से भारी स्त्री के मादक अंगो का स्पर्श पाकर खड़ा तो होगा ही. मा से चला नही जा रहा था इसलिए उन्हे वही बिठा दिया. और तौजी भी मा के पास ही बैठ गये, मुझे पैसे दिए चाय लाने को कहा. मैं नीचे उतर के फ्रेश हो के चाय ली और बस मे चढ़ गया.

बस मे चढ़ते ही मैने देखा की मा का सिर तौजी के कंधे पे था और आँखे बंद किए थी. तौजी मा की पीठ थपथपा रहे थे. मुझे ये सीन देख के अजीब सा लगा पर मैने टटोला की मा की तबीयत ठीक नही है इसलिए तौजी मा का ख़याल रख रहे है और कुछ नही. मैने उन्हे चाय पानी दिया.

दोनो ने चाय पी फिर बस चल पड़ी. पूरे रास्ते जब तक मा आँखें बंद किए रही तब तक तौजी ने मा का सिर अपने कंधे से नही हटाया. कभी कभी जब बस हिलती डुलती तो तौजी के हाथ ग़लती से मा के बूब्स पे टच हो जाते फिर तौजी मुझे देखते और खिसका लेते.

हम शहेर पहॉंच गये तो बस से उतरे. तौजी ने मा को कमर से पकड़ के सहारा दे के बस से उतार रहे थे मैं भी साथ मे ही था तो एक सीट पे एक औरत अपने पति के साथ बैठी वो अपने पति को मा की और इशारा कर के बोली ‘देखो जी उसका पति कितना ध्यान रखता है उसका, दोनो मे बोहोत प्यार है शायद..’, मैं और तौजी उसकी ये बात सुनके चौंक गये. तौजी और मैं एक दूसरे को देखने लगे, फिर तौजी ने मुझे कहा, चलो बेटा जल्दी उतरो..
फिर हम फ़ौरन उतरे तो तौजी ने कहा.. बेटा तुम्हारी मा की हालत ठीक नही है इसलिए वो हॉस्टिल तक नही आ पाएगी, इसलिए मुझे लगता है हम यहाँ एक होटेल मे आराम कर ले फिर निकलेंगे, मैने कहा जैसे आप ठीक समझे.

Pages: 1 2