पड़ोसन का घर टूटने से बचा लिया

नमस्कार मित्रो, कैसे हो आप सब, उम्मीद है बढ़िया ही होंगे। आपका अपना दीप पंजाबी आपकी सेवा में एक बार फिर हाज़िर है, नई कहानी लेकर, जिसमे आप पढ़ेंगे के कैसे पड़ोस के लड़के ने एक लड़की का घर उजड़ने से बचा लिया?

हमारी आज की कहानी मेरे बहुत ही खास दोस्त अजय कुमार लुधियाना द्वारा भेजी ये उसकी खुद की आप बीती है।
सो आगे की कहानी सुनिए अजय की ही जूबानी।

हेल्लो दोस्तों मैं अजय कुमार लुधियाना पंजाब से हूँ। मैं पेशे से एक प्राइवेट नौकरी करता हूँ। मेरी उम्र 30 साल है और मैं शादीशुदा हूँ। सो ज्यादा वक्त खराब न करते हुए सीधा आज की कहानी पे आते है।

हमारी आज की कहानी की नायिका को हम शवेता नाम से जानेगे। वो मेरी पड़ोसन थी और 3 साल से शादीशुदा थी। लेकिन अब किसी वजह से मायके में ही रह रही थी। उसकी उम्र यही कोई 24 वर्ष होगी। वो पूरे मायके परिवार की लाड़ली जो थी। उसकी शादी बड़ी धूम धाम से हरियाणा में हुई थी।

उसके सुसराल में किसी भी चीज़ की कमी नही थी। एक कमी थी वो थी के उसका पति बेवड़ा टाइप का था। दारू पीकर मारता, पीटता था। इन 3 सालो में वो एक बार भी पेट से नही हुई। उसके सुसराल वालो ने उसे बहुत से डॉक्टरों को दिखाया पर हर बार रिपोर्ट नार्मल आती।

एक दिन शवेता ने अपने पति से कहा,” यदि आप बुरा न मानो तो इस बार मेरी जगह अपना चेकअप करवाके देखलो। हो सकता है कमी आप में हो और हम पैसा मेरे चेकअप पे खर्च कर रहे हो। उसकी इतनी सी बात उसको अपनी “मर्दानगी पर वार” की तरह लगी और गन्दी गन्दी गालिया देकर उसे पीटने लगा और उसे घर से निकाल दिया।

अब शवेता बेचारी अपने माँ बाप के पास आकर मायके में ही रहने लगी। सुसराल वालो ने यहां तक बोल दिया के औलाद होगी तो ही वहां रहने देंगे वरना यही रहे। लोगो ने बहुत समझाया लेकिन उसके सुसराल वालो के कान पे जूं न सरकी।

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मन मारकर वो बेचारी मायके में ही रहने लगी और ये सब बाते शवेता से ही मुझे पता चली।

वो अपना जीवन व्यापन करने की खातिर पड़ोस के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगी। एक दिन क्या हुआ शवेता की माँ उसे किसी जानकार डॉक्टर के पास लेकर गयी। डॉक्टर ने भी हर बार की तरह साफ बोल दिया क ये बिलकुल नॉर्मल है। इसके पति का चेकअप करवाओ।

अब ये बात उन्हें बोले तो कौन, क्योंके इसी बात के लिए तो उन्होने श्वेता को घर से निकाला था। वो बेकसूर ही सज़ा काट रही थी। एक दिन शवेता बाज़ार गयी हुई थी तो उसे वहां मेघना (मेरी बीवी) मिल गई।

पड़ोस की होने की वजह से अच्छी जान पहचान थी। सो दोनो बाते करती ऑटो सेे घर पे आ गयी। रात को मुझे मेघना ने बताया के शवेता की सारी रिपोर्ट नॉर्मल है। वो बेचारी खामखा ही जुदाई का दर्द झेल रही है

चाहे मुझे ये सब पहले से पता चल गया था। लेकिन मैंने एक बार भी ऐसे व्यक्त नही किया के मुझे सब पता है।

फ़िर एक दिन मैं अपने बेटे दिवांश को शवेता के यहां ट्यूशन छोड़ने गया। उस वक्त वहां एक भी बच्चा नही आया था।

तो शवेता ने बोला के आप थोड़ी देर बैठ जाओ, क्योंके आपके बेटे को मैं अच्छी तरह से जानती हूँ। वो बड़ा शरारती है। ये यहाँ अकेला नही रुकेगा। जब 1-2 बच्चे आ जाये तब चले जाना।

मुझे उसकी बात जच गई और मैं उसके पास ही पड़ी दूसरी कुर्सी पे बैठ गया। यहां वहां की बातो के बाद हम उसके सुसराल की बात करने लग गए। मैंने भूमिका बांधते हुए ऐसे ही पूछ लिया। तो शवेता फिर कब जा रही हो सुसराल ???.???

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मेरी बात सुनकर वो थोडा उदास सी हो गयी और बोली, अब तो अजय जी शायद ही जा पाऊ। क्यूकि न उनकी डिमांड पूरी होगी न मैं जा सकूँगी

मैं – कैसी डिमांड शवेता ??

वो – आपको नही पता क्या ??

मुझे चाहे सब पता था लेकिन फिर भी मैं उसके मुंह से सुनना चाहता था।

उसने बताया के जब तक मैं पेट से न होउंगी, तब तक तो नही जा सकती।

अब आप ही बताइये ये कैसे सम्भव है?

मेरा पति अपना इलाज़ करवा नही रहा। मेरी सब रिपोर्ट्स नॉर्मल है। तो इस हालात में कैसे माँ बन सकूँगी।

मैं – मेरे पास तुम्हारे सवाल के 2 जवाब है। अगर आज्ञा दो तो पेश करू।

वो – हांजी, आज्ञा क्यों मांग रहे हो। मैं कोई परायी थोड़ी न हूँ। आपके बीच में ही रहकर पली बड़ी हूँ। आप बोलो जो बोलना चाहते हो।

मैं – देखो शवेता तुम्हारा दर्द मुझसे देखा नही जा रहा। तुम मुझे गलत न समझना प्लीज, मुझे तुम पर बहुत दया आ रही है। मेरी मानो तो एक बच्चा गोद ले लो या….

वो – या का क्या मतलब, मैं समझी नही ??

मैं – अब कैसे बोलू, बोलने का दिल भी कर रहा है पर हिम्मत नही हो रही बोलने की ?? क्या पता आप बुरा ही न मान जाओ।

वो – – नही नही आपका बुरा क्यों मानना। आप बोलो जो दिल में है।

मैं – या फिर किसी जान पहचान वाले से गर्भ ठहरालो।

मेरी बात सुनकर उसको एक दम झटका सा लगा।

मैंने एक बार फिर सॉरी बोला। मेरा ये कहने का मकसद तुमसे फ्लर्ट करना नही है। बस महज़ एक दोस्त समझलो, राय दी है।

मेरी बात सुनकर कुछ पल के लिए वो शांत सी हो गयी। फिर बोली,” ये ख्याल मेरे दिल में बहुत बार आया है। लेकिन ऐसा कोई भरोसे वाला इंसान कहाँ मिलेगा।

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