मेरी प्यास अधूरी ही रह गयी

मेरा नाम साहिल है, और मैं देल्ही मे रहता हूँ. मेरी उम्र आज 22 साल है, मैने आज से पहले इंटरनेट पर बहुत सारी कहानिया पढ़ी है. जिसे पढ़ कर मैने मूठ भी बहुत मारी है.

मैने देखा है, की लोग अपने पहले सेक्स के बारे मे ज़्यादा लिखते है. और हम जेसे लोगो को पहले सेक्स के बारे मे पढ़ने मे भी बहुत मज़ा आता है. ऐसे ही जब मैं अपनी लाइफ के पहले सेक्स के बारे मे सोचता हूँ.

तो मैं उस लड़की को गालिया ही देता हूँ. क्योकि उसने मेरा दिल तोड़ा था. आज दोस्तो मैं अपनी उस एक्सपीरियेन्स के बारे मे आपको बताता हू. ताकि अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है, या आगे कभी हो. तो आप मेरी कहानी को याद कर लेना, और उस लड़की के चक्कर से जल्दी से निकल जाना.

तो अब मैं ज़्यादा टाइम ना लेते हुए, सीधे कहानी पर आता हूँ.

ये बात तब की है, जब मैं क्लास मे 10त मे था. हमारी क्लास मे एक लड़की थी, उसका नाम मनीषा था. वो दिखने मे काफ़ी खूबसूरत और सेक्सी थी. सब लड़के उसे पट्टाने की सोचते थे. पर वो ऐसी थी, की किसी के भी हाथ मे न्ही आती थी.

मैं स्टडी मे सबसे आगे था, इसलिए मनीषा कभी कभी मुझसे बात करती थी. धीरे धीरे हम दोनो की बातें होने लग गई. 10+2 क्लास मे आते आते हम दोनो एक अच्छे दोस्त बन गये. जिसकी मुझे उमीद न्ही थी.

जब हम स्कूल से बाहर निकले, उसी दिन मैंने मनीषा से अपने प्यार का इज़हार कर दिया. उसने मुझे हा कर दी, मैं काफ़ी खुश हो गया. मुझे ऐसा लग रा था. मानो मुझे सब कुछ मिल गया हो.

फिर हम दोनो मिलने लग गये, एक दूसरे से दिन रात फोन पर बातें करने लग गये. जब भी हम दोनो का बाहर घूमने का मन होता, तो एक साथ ही हम दोनो जाते थे. क्योकि हम उन दीनो एक दम फ्री थे.

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हम दोनो ने बच्चो के नाम भी सोच लिए थे. और शादी केसे करनी है, बहुत कुछ पहले से ही प्लान कर लिया था. मैं सोच रा था, की अब तो लाइफ सेट हो गई है. क्योकि एक खूबसूरत लड़की मिल गई है. अब सिर्फ़ एक अच्छी सी जॉब चाहिए थी बस.

फिर हम दोनो ने अलग अलग कॉलेज मे अड्मिशन ले लिया. धीरे धीरे दिन निकलने लग गये. हम दोनो बातें अब पहले से कम हो गई थी. पर मेरा प्यार अभी अभी उतना ही था.

कभी कभी मनीषा मुझे फोन करके कॉलेज के बाहर मिलने के लिए बुला लेती थी. मैं भी उसके एक फोन पर आ जाता था. ऐसे ही एक दिन की बात है, मैं अपने कॉलेज मे था, तभी मनीषा का फोन आया उसने मुझे मिलने के लिए बुलाया.

मैं भाग कर उसके पास गया, फिर हम दोनो पास एक पार्क मे घूमने के लिए चले गये. वाहा हम दोनो एक दूसरे से बातें करने लग गये. फिर उसने वो बोला जिसकी मुझे ना जाने कब से इंतज़ार था.

मनीषा – यार साहिल तुम्हे पता है ना, मुझे पार्क मे आना पसंद न्ही है.

मैं – जान फिर तुम ही बताओ, की हम कहा पर जाए ?

मनीषा – तुम ऐसा न्ही कर सकते की तुम मेरे कॉलेज के पास ही एक रूम रेंट पर ले लो. फिर मैं वही पर तुमसे मिलने के लिए आ जाया करूँगी.

मैं – ठीक है, अभी तुम जाओ. मैं कुछ करता हूँ.

फिर उसके जाते ही मैने अपने दोस्तो से पता करना शुरू कर दिया. वाहा मेरा एक दोस्त मिला, उसने काहा की वो 10 से 4 बजे तक अपने रूम मे न्ही होता. तब तक मैं उसका रूम यूज़ कर सकता हूँ. मैं झट से मान गया, क्योकि मुझे फ्री मे ही रूम मिल गया.

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मैं समझ गया था, की शायद अब मनीषा की चूत लंड माँग रही है. इसलिए वो मुझे रूम का इंतज़ाम करने को कह रही थी. मैं तभी मनीषा को फोन करके बताया की मैने रूम का इंतज़ाम कर लिया है.

ये सुनते ही वो काफ़ी खुश हो गई, उसने मुझे फोन पर किस दे दी. मैं काफ़ी हैरान था, क्योकि अभी तक उसने मुझे कभी किस न्ही दी थी. इसलिए मैं मनीषा से बोल पड़ा.

मैं – क्या बात आज बिना माँगे ही किस दे दी.

मनीषा – आज मैं इतनी खुश हूँ, की तुम मुझसे मिलो तुम्हे रियल मे किस दूँगी.

मैं रात भर मनीषा से मिलने की खुशी मे सोया भी न्ही था. अगले दिन मैं और मनीषा मेरे दोस्त के रूम मे आ गये. फिर हम दोनो बातें करने लग गये, आज मनीषा का नेचर मुझे कुछ अजीब सा लग रा था.

मैं – क्या हुआ आज तुम्हे ?

मनीषा – मैने आज कॉलेज मे कुछ ऐसा देखा है, जिसे देख कर मुझे बहुत शरम आ रही है.

मैं – अरे मेरे साथ कौन सी शरम बता दो चलो, क्या बात है.

मनीषा – आज मैने हमारी क्लास रूम के बीच वाली जगह पर एक लड़का लड़की को वो करते हुए देख लिया.

मैं – क्या ज़रा और बताओ ना डीटेल मे.

फिर मनीषा मेरे पास आई और मेरे गाल पर उसने किस कर दिया. उसके बाद उसने शर्मा कर दूसरी तरफ अपना मूह कर लिया. मैं समझ गया की आज मनीषा का मूड कुछ करने का है. इसलिए मैने उसके होंठो पर अपने होंठो को रखा और मैं उसके होंठो को चूसने लग गया.

क्या कमाल के रसीले होंठ थे, मैं ज़ोर ज़ोर से उसके होंठ चूस रा था. फिर उसके होंठो के बाद मैं उसके कान और गरदन पर किस करने लग गया. तभी मनीषा फिर से मुझे रोकते हुए बोली.

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