मैं हूँ एक बेहनचोद बाप

हेलो दोस्तो, मेरा नाम कबीर है और मैं जयपुर मे रहता हूँ. मेरी उमर 26 साल है और अगले साल मेरी शादी होने वाली है. मैं दिखने मे काफ़ी अच्छा हूँ. मेरा रंग गोरा है और दिखने मैं काफ़ी हॅंडसम हूँ. क्योकि मैं डेली जिम जाता हूँ. मैने अपनी कॉलेज मे अभी तक 2 लड़किया अच्छे से चोदि है और तीसरी की त्यारी है.

पर मैं अब 2 बचो का बाप हूँ और उनकी मा मेरी बुआ जी की लड़की है. मतलब की मेरी बहेन दोस्तो अब मैं एक बेहेन चोद बन चुका हूँ. और अपनी बेहेन के बच्चों का बाप भी. आप मुझे बेहेन चोद बाप भी कह सकते है. मेरी आज की कहानी भी ये ही है की मैं केसे अपनी बेहेन के बच्चों का बाप बना.
मुझे उमीद है आप को मेरी आज की कहानी अच्छी लगेगी. इस कहानी मे आप ये भी जान सकते है की लड़की खुद चुदवाने के इशारे कैसे करती है. तो चलिए अब ज़्यादा टाइम खराब ना करते हुए मैं सीधा अपनी कहानी शुरू करता हूँ.
ये बात तब की है जब मैं 25 साल का था. उन दीनो मेरे कॉलेज के 2 सेम के एग्ज़ॅम ख्तम ही हुए थे. इसलिए मैं 2 महीने एक दम फ्री था. बुआ जी एक दिन घर पर आई और उन्होने रीता की शादी का कार्ड दिया. मैं बहोत खुश हुआ की चलो रीता दीदी की अब शादी हो जाएगी. मेरी बुआ के पास 3 लड़किया और 1 लड़का है. लड़का तो अभी सिर्फ़ 10 साल का है. और बाकी 2 बेहेनो की तो शादी हो गई है बस अब रीता ही रह गई थी.

बुआ जी के पति यानी मेरे फूफा जी की देअथ पिछले 4 साल पहले हो गई थी. इसलिए उनके घर मे काम करने के लिए कोई नही था. जब रीता की शादी पकई हुई तो शादी से एक महीना पहले मैं उनके घर चला गया. मम्मी दादी ने भी मुझे बिना किसी दिकाट के वाहा भेज दिया. मैने बुआ के घर जाते ही उनका सारा काम संभाल लिया.
मेरा अपनी बुआ और उनकी फॅमिली के साथ शुरू से ही बहोत प्यार था. मैने आज तक अपनी बहेन के बारे मे कुछ भी ग़लत नही सोचा था. पर जब मैं अब उनके घर आया तो उसे देख कर ना जाने दिल मे कुछ कुछ होने लग गया. क्योकि उसका रंग अब पहले से बहोत ही सॉफ हो गया था. उसके बूब्स करीब 30 के होगे और उसकी कमर भी पतली सी नाज़ुक सी 26 की होगी. और मैं अगर उसके चुटटरो की बात करूँ तो वो कुछ इस तरह थे. उसके चुटटर का साइज़ 32 था वो ना तो ज़्यादा छोटे थे और ना ही ज़्यादा बड़े थे.

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पर जब रीता चलती थी तो दिल और पैंट मे आग लगा देती थी. मेरा उसको देख कर अब मूड खराब होने लग गया था. पर मैने जब सोचा की वो मेरी अपनी बहेन है. इस लिए मैने अपने आप पर कंट्रोल किया और उसके बारे मे ये सब सोचना ही बंद कर दिया. और अपना सारा ध्यान काम मे लगा कर काम करने लग गया.
मैं दिन रात बस शादी की तैयारी मे बिज़ी रहता था. जब शादी को 15 दिन रह गये थे. तब तक मैने लगभग सारी तैयारी कर दी थी. अगले दिन बुआ जी अपने मायके चली गई क्योकि वाहा के कुछ रीति रवाज ही कुछ ऐसे है. खैर मुझे क्या लेना था मैं अपने काम से मतलब रख रा था.

अगले दिन जब मैं सुबह उठा तो मैने देखा की बुआ जी जा चुकी है. मैं उठा और फ्रेश हो कर तैयार हो गया. फिर रीता ने मुझे ब्रेकफास्ट दिया. और मैं ब्रेकफास्ट करके मार्केट चला गया वाहा से थोड़ा सा समान ला कर मैं 11 बजे घर वापिस आ गया. बाहर गरमी बहोत थी इसलिए मैं घर आते ही सो गया. रीता भी कुछ ही देर मे घर के सारे काम कर के मेरे साथ बेड पर लेट गई.
कुछ ही देर मे रीता ने करवट ली और वो मेरे कमर से चिपक गई. मुझे ये सब अच्छा नही लगा इसलिए मैने उसे अपने से दूर कर दिया. और फिर सो गया करीब 1 घंटे बाद जब उठा तो मैने देखा. की रीता ने एक खुला सा सूट डाला हुआ है और उसकी चुनी नीचे गिरी हुई है. जिसकी वजह से उसके आधे से ज़्यादा बूब्स बाहर आए हुए थे.

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मेरी दोनो आँखें फटी की फटी रह गई. और मैं घूर घूर कर सिर्फ़ रीता के गोरे गोरे नंगे बूब्स देख रा था. मुझे इस सब मे बहोत मज़ा आ रा था. मेरे मुह मे पानी आ गया था मैं एका एक सिर्फ़ बूब्स को देख रा था और मेरा लंड तो पाजामे मे ही पूरा खड़ा हो गया था. मैं बस ये ही सोच रा था की अगर किसी तरह इसके बूब्स चूसने को मिल जाए तो मज़ा ही आ जाए.
तभी रीता जाग गई और मेरी गांड फट गई. मैं पाजामे के उपर से अपने खड़े लंड को दबा कर जल्दी से उठा और बाहर चला गया. शाम तक कुछ रिश्तेदार भी घर मे आ गये थे. बुआ का घर पहले से ही बहोत छोटा था. इसलिए रात को सोने के लिए हमने नीचे उनका अड्जस्टमेंट कर दिया.

और हम तीनो छत के उपर अपना बिस्तर लगा कर लेट गये. रीता का भाई गुदु अभी छोटा था इसलिए वो बीच मे सोने के लिए ज़िद कर रा था. पर रीता ने खा की वो बिच मे सोएगी. जब उसने ये कहा तो मुझे शक सा हुआ. पर मैने उसे इगॉनरे कर दिया और चुपचाप सोने लग गया.
मुझे कुछ ही देर मे नींद आ गई और तभी अचानक रीता की टाँग मेरे उपर आ गई. मैं फिर से जाग गया और रीता की इस हरकत को देख कर उसके जिस्म को देखने लग गया. रात थी इसलिए उसने गाउन टाइप एक खुला सा नाइट सूट डाला हुआ था. जेसे ही उसने अपनी टाँग मेरे उपर रखी तभी उसका गाउन नीचे हो गया. और मेरे सामने उसके गोरे गोरे चीनकने पट्ट आ गये. अब मेरे लंड तो पागल सा हो गया.
उस टाइम मैने एक धोती सी डाली हुई थी जिसमे से मेरा लंड खड़ा हो कर बाहर आ गया. मेरा दिमाग़ पूरी तरह से खराब हो चुका था. इसलिए मैने अपने एक हाथ उसके बूब्स पर रखा और दूसरा हाथ उसके गोरे और चिकने पॅट्टो पर. मेरे दोनो हाथ धीरे धीरे उसके जिस्म पर चल रहे थे.

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