क्या अच्छा स्वाद था

हमने खाना खाया और विनोद कहीं बाहर चला गया। मैंने सुनील को फोन लगाया और
कहा- यार सुनील भैया ! बहुत याद आ रही है, कल विनोद ने कुछ नहीं किया, बस
खुद का कर लिया, मैं तो प्यासी रह गई।
सुनील- कोई बात नहीं भाभी, आप कहो तो हम आ जाते हैं आपकी सेवा में !
मैंने कहा- नहीं सुनील भैया, आज नहीं ! विनोद बाहर जायेगा, तब करेंगे।
सुनील- ठीक है भाभी, जल्दी मिलते हैं।
कह कर उसने फोन काट दिया।
रात को विनोद आया, हमने खाना खाया और वो मेरे कबूतर दबाने लगा, मुझे मजा
आने लगा। आज विनोद कुछ अलग अंदाज में था !
विनोद- जान, अंदर चलें !
और वो मुझे गोद में उठाकर अंदर आ गया, आते ही उसने मेरे सारे कपड़े उतार
दिए और मेरी चूत चाटने लगा। मुझे लगा कि आज विनोद नहीं और कोई मेरे साथ
सेक्स कर रहा है, मैंने विनोद से कहा- अपने तो कपड़े उतारो !
उसने अपने कपड़े उतार दिए। अब हम दोनों नंगे थे। मैं उसका लंड हाथ में
लेकर सहलाने लगी बिना उसके कहे !
वो मेरी चूत चाट रहा था।
हम अब 69 की अवस्था में आ गए, मैंने उसका लंड मुँह में लेकर चूसने लगी तो
विनोद को मजा आने लगा।
मैंने कहा- विनोद अब डाल दो !
और उसने मेरी फ़ुद्दी में लंड डाल दिया और जोर जोर से चोदने लगा, मुझे मजा
आ रहा था !
पर थोड़ी देर में ही वो बोला- यार सुरभि, मैं तो बस गया !
कह कर उसने लंड निकाल लिया और मुँह में आ गया। मैंने उसका लण्ड अच्छे से
चूसा। थोड़ी देर में वो मेरे मुँह में झड़ गया।
वैसे मुझे बहुत मजा आया था, हालाँकि उसने बहुत कम देर किया था पर फिर भी
नया तरीका मुझे पसंद आया। यह कहानी आप हिंदी सेक्सी कहानियाँ पर पढ़ रहे
हैं।
मैंने कहा- विनोद तुम तो बहुत कम देर करते हो।
विनोद बोला- जान क्या करूँ, तुम्हारी चूत है ही इतनी गर्म कि मैं तो क्या
तुमको 2-2 मर्द भी शांत नहीं कर सकते। अगर यकीन न हो तो करके देख सकती हो
किसी के साथ !
मैंने कहा- यह क्या कह रहे हैं आप? मैं ऐसा कैसे कर सकती हूँ?
विनोद- यार, यह सच है कि मैं तुमको शांत नहीं कर सकता हूँ, तुम प्यासी रह
जाती हो ! मुझे पता है पर मैं क्या करूँ, कुछ तो तुम्हारी चूत बहुत हॉट
है कुछ मैं जल्दी झड़ जाता हूँ !
मैंने कहा- नहीं, जो भी है, जैसा भी है, सब ठीक है, मैं ऐसा नहीं करुँगी।
अगर किसी को पता लग गया तो बदनामी होगी।
विनोद- कुछ नहीं होगा जान ! एक बार तुम किसी के साथ सेक्स कर लो, जिंदगी
के मजे ले लो !
मैंने मना कर दिया और कहा- सो जाओ, देखेंगे ! अगर कभी जरुरत हुई तो
करेंगे कभी, फिर बाद में तुम ताना तो नहीं मरोगे ना कि तुमने किसी और के
साथ सेक्स किया है? या ऐसा-वैसा?
विनोद- नहीं जान, मैं ही तुमको आज कहता हूँ ! तुम प्लीज मेरे लिए किसी के
साथ सेक्स कर लो ! मैं बहुत कोशिश करके भी तुमको चरम तक नहीं पहुँचा सकता
हूँ !
और वो इतना कहते हुए मेरे उरोज़ दबाने लगा।
मैंने कहा- क्या इरादा है? दोबारा करोगे क्या?
वो बोला- हाँ ! आज मैं कोशिश करूँगा कि तुमको चरम तक पहुँचा दूँ !
और एक बार और हम सेक्स करने लगे।

More Sexy Stories  रंडी नीशी बनी जीजू की रखेल

विनोद- मैं ही तुमको आज कहता हूँ ! तुम प्लीज मेरे लिए किसी के साथ सेक्स
कर लो ! मैं बहुत कोशिश करके भी तुमको चरम तक नहीं पहुँचा सकता हूँ !
और वो इतना कहते हुए मेरे उरोज़ दबाने लगा।
मैंने कहा- क्या इरादा है? दोबारा करोगे क्या?
वो बोला- हाँ ! आज मैं कोशिश करूँगा कि तुमको चरम तक पहुँचा दूँ !
और एक बार और हम सेक्स करने लगे।
विनोद ने आज जादू करने का मन बना लिया था, उसने मुझे दोबारा मुझे
उत्तेजित कर दिया, मेरी चूत को मसल कर रख दिया और अपनी जबान से मेरी चूत
साफ करने लगा मुझे मजा आने लगा ! मैं पागल हो गई।
मैंने कहा- विनोद, क्या करने का इरादा है आज? काफी मजा आ रहा है।
विनोद- यार सुरभि, मुझे पता है कि कई दिनों से मैंने तुम्हारे साथ ठीक से
सेक्स नहीं किया है, तो तुमको मैं अच्छे से मजा देना चाहता हूँ !
मैं- विनोद मैं ऐसे ही तुम्हारे साथ सेक्स करके काफी अच्छा महसूस करती
हूँ, तुम चिंता न करो।
विनोद- नहीं सुरभि, मुझे पता है मेरी जान, तुम कहती नहीं हो तो क्या हुआ,
पर मुझे लगने लगा है कि मैं तुम्हारे साथ ठीक से सेक्स नहीं करता हूँ,
तुम जिद न करो और किसी के साथ सेक्स कर लो मेरी जान ! चलो ऐसा करो, सुनील
के साथ कर लो ! वो भी कुंवारा है, उसका भी काम हो जायेगा और तुम्हारा भी
! तुम कहो तो मैं बात करूँ उससे?
मैंने कहा- नहीं मुझे नहीं करना किसी के साथ कोई सेक्स-वैक्स !
पर जब विनोद खुद ऐसा कह रहे हों तो मेरे अंदर से एक अलग सी गुदगुदी होनी
ही थी, मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं विनोद के सामने ही सुनील से सेक्स
कर रही हूँ और जैसा मैंने भगवान से माँगा था कि काश विनोद मुझे इजाजत दे
दे खुद के सामने सुनील के साथ सेक्स करने का !बस मैं ऊपरी तौर पर मना
करती रही, दिखावा करती रही कि विनोद को ऐसा लगे कि मैं अच्छी औरत हूँ।
खैर इन सब बातों के साथ-साथ विनोद ने तक मुझे काफी हद तक चरम तक पहुँचा
ही दिया था, एक तो वो जुबान से मेरी चूत को मजा दे रहा था और ऐसी बात
करके मुझे और ज्यादा रोमांचित कर रहा था। मैं उसकी इस बात की दीवानी हो
रही थी, मुझे नशा सा छा रहा था।
मैंने विनोद को कहा- विनोद, मैं झड़ रही हूँ शायद !
और उसने हूँ कहा और मेरी चूत में जबान और अंदर तक डाल दी, वो मेरा सारा रस पी गया।
अब बारी मेरी थी, मैंने उसके लिंग को अपने मुँह में ले लिया और बहुत मन
से अन्दर-बाहर करने लगी। वो आह उह्ह करने लगा।
मैंने कहा- विनोद, क्या ऐसा करना अच्छा होगा? सुनील भैया क्या समझेंगे?
वो क्या सोचेंगे हमारे बारे में?
मैंने जानबूझ करके नाटक किया।
विनोद- कुछ नहीं ! वो मरता है तुम पर ! मुझे कई बार ऐसा लगा उसकी हरकतों
से ! कई बार उसके मुँह से निकल भी गया है कि भाभी बहुत सुंदर हैं। एक बार
मैंने कहा कि क्या इरादा है सुनील? तो वो झेंप सा गया था !
मैंने कहा- अच्छा फिर क्या बोला वो…?
अचानक विनोद के फोन की घंटी बजी, उसने फोन उठाया, मैं उसका लिंग मुँह में
लेकर आगे पीछे कर रही थी, वो मस्त हो रहा था, उसने फोन उठाया।
मैंने पूछा- किसका फोन है?
विनोद- हाँ सुनील, क्या बात है…?
“कुछ नहीं, बहुत दिनों बाद आया हूँ तो मजे कर रहा हूँ !”
“आह, धीरे करो !” वो मुझ से बोला- निकल जायेगा तुम्हारे मुँह में !
मैंने धीरे से कहा- क्या बात करते हो? तुम सुनील के सामने?
खैर सुनील सारा माजरा समझ गया और फोन काट दिया यह कह कर कि- बाद में बात
करते हैं। यह कहानी आप हिंदी सेक्सी कहानियाँ पर पढ़ रहे हैं।
मैं विनोद से लड़ने लगी- क्या करते हैं आप भी? सुनील भैया क्या समझेंगे?
विनोद- कुछ नहीं यार ! सब करते हैं, हम भी कर रहे थे, उसमें कौन सी बड़ी
बात है? चलो मैं तुमको एक बात बता दूँ, मुझे 10 दिनों के लिए मुंबई जाना
होगा। सॉरी यार, पर अगर मैं आते तुमको ही यह सब नहीं बता सकता था, नहीं
तो तुम नाराज हो जाती।
मैं अपना काम कर रही थी, मतलब मुँह से उसके लिंग को चूसने का काम !
विनोद चरम पर आ गया था मेरे सर को पकड़ कर जोर जोर से हिलाने लगा और जोर
जोर से आह उह्ह करने लगा। मैं समझ गई कि अब वो झड़ने वाला है, मैंने भी
अपनी गति बढ़ा दी।
उसने अपना सारा पानी मेरे मुँह में निकाल दिया, मैं सारा पानी गटक गई,
मुझे आज बहुत अच्छा लगा था, मेरे दिमाग में आगे होने वाली बात चलने लगी
थी कि कल सुनील-सुशील दोनों के साथ सेक्स करने को मिलेगा ! बस यही सब सोच
सोच कर मेरा हाल बुरा हो रहा था।
विनोद- जान, आज मजा आ गया ! तुमने बहुत अच्छे से मुख मैथुन किया है, इससे
पहले ऐसा मजा कभी नहीं आया था।
मैंने कहा- इससे पहले तुमने भी कहाँ इतनी अच्छी बात की थी?
ऐसे ही बात करते करते हम सो गए बिना कपड़ों के ! विनोद को सुबह जल्दी जाना
था, उसने मुझे बस इतना ही कहा- अपना ख्याल रखना !
और वो दरवाजा लॉक करके चला गया। मैं देर तक सोती रही।
सुबह उठ कर फ्रेश होकर जैसे ही बाहर आ

More Sexy Stories  मौसी की ननद ने चोदना सिखाया

Pages: 1 2 3 4 5 6 7