किसी को कुछ पता नही चलेगा

हेलो दोस्तो, मैं नवीन कुमार आज आपके लिए अपनी जिंदगी का एक ऐसा सच ले कर आया हूँ. जो हर एक भाई शायद कभी किसी को ना बताए, पर आज मैं अपनी लाइफ के एक सच आपके सामने कहने जा रा हूँ.

ये सच मेरे भाई से एक बेहेन्चोद भाई बनाने तक का सफ़र है. मुझे उमीद है आपको इस कहानी मे उतना ही मज़ा आएगा. जितना मज़ा मुझे अपनी बेहेन को चोदने मे आया है.

तो चलिए फिर देर किस बात की, कहानी शुरू करते है.

ये सब आज से करीब 5 साल पहले की बात है. जब मैं 12त क्लास मे था और मेरी छोटी बेहेन 10त क्लास मे पढ़ती थी. मेरे घर मे मैं मेरी छोटी बेहेन महक और मेरे मम्मी पापा रहते है.

मम्मी एक हाउस वाइफ है, और पापा का कपड़ो का खुद का बिज़्नेस है. इसलिए वो अपना सारा ज़्यादातर टाइम अपने काम को ही देते है. खैर जेसे भी मेरे पापा है, उन्होने हमे बड़ी आसान सी लाइफ दी है.

मेरी बेहेन शुरू से ही काफ़ी क्यूट थी, जो देखते ही बस उसे चूमने का दिल करता था. पर मुझे इस बात का ज़रा भी अंदाज़ा नही था, की वो जवानी मे इतनी जवान हो जाएगी की दिलो मे आग लगा देगी.

मैने आज तक कभी भी अपनी बेहेन को ग़लत नज़र से नही देखा था, और ना ही उसके प्रति कभी दिल मे कोई ग़लत ख़याल आया था. पर एक दिन कुछ ऐसा हुआ की उस दिन से मेरा नज़रिया अपनी बेहेन की तरफ से एक दम चेंज हो गया.

दरअसल हुआ ये की उस दिन मम्मी अपने रूम मे सो रही थी. इसलिए मैं अपने रूम मे बैठ कर कंप्यूटर पर सेक्सी मूवी देख रा था. तभी अचानक से मेरी छोटी बेहेन महक मेरे रूम मे आई और मैने झट से कंप्यूटर बंद कर दिया.

पर जब तक उसने शायद सब कुछ देख लिया था. पर उसने शर्म के मारे मुझे कुछ नही कहा. मैं भी उसके सामने कुछ बोलने लायक नही था. दरअसल मुझे कुछ समझ ही नही आ रा था उस टाइम, आख़िर मेरी बेहेन ही बोली.

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महक – भैया देखना मुझे ये प्राब्लम समझ नही आ रही है. प्लीज़ आप मेरी हेल्प करो.

मैं – ला दे मैं समझता हूँ.

पर मैं आज अपनी बेहेन से नज़रें नही मिला पा रा था. मुझे भी उस टाइम सच मे बहुत शर्म आ रही थी. जब उसका काम हुआ तो वो जाने लगी तो मैने उससे बोला.

मैं – महक आज जो भी तुमने देखा प्लीज़ इस बारे मे किसी को मत बताना.

महक – हा जी भैया आप फिकर मत करो मैं इस बारे मे किसी को नही कहूँगी. पर आप भी प्लीज़ ये देखना बंद कर दो.

मैं – हा कर दूँगा.

फिर वो मेरे रूम से चली गयी. पर उस टाइम मुझे पहली बार अपनी बेहेन के बारे कुछ अजीब सा महसूस हुआ. मेरे दिल और दिमाग़ पहली बार अपनी बेहेन के बारे मे ग़लत ख़याल आने लग गये थे.

उस टाइम तक महक जवान भी हो गयी थी. और साथ ही उसकी जवानी भी उसके उपर अच्छे से आ गयी थी. उसका फिगर 34-26-34 हो गया था, उपर से उसका गोरा रंग और ज़्यादा आग लगाता था. जो भी उसे एक बार ध्यान से देख ले तो उसका लंड ज़रूर खड़ा हो जाता था.

मैं अब अपनी बेहेन को चुप चुप कर ग़लत नज़रो से देखने लग गया था. फिर मुझे एक अच्छे मौके की तलाश रहती थी. जब मैं अपनी बेहेन को किसी तरह से टच कर पाउ. पर ऐसा मुझे बहुत कम ही मिलता था.

फिर एक दिन भगवान ने मेरी सुन ही ली, हुआ कुछ ऐसे की उस दिन हुमारी छुट्टी थी. मम्मी ने अपना दोपहर तक अपना सारा काम कर लिया और फिर वो अपने रूम मे सो गयी. मुझे पता था की अब मम्मी शाम से पहले उठने वाली है नही. इसलिए मैं भी अपने रूम मे आराम से सो रा था.

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पर तभी कुछ देर बाद मेरी बेहेन फिर से मेरे रूम मे अपनी स्टडी की प्राब्लम ले कर आ गयी. मैं उठ कर बैठ गया और वो मेरे पास आ कर बैठ गयी. वो मेरे इतने पास बैठी थी, की मुझे उसके जिस्म की खुशबू आ रही थी.

उसके मस्त जिस्म की मस्त खुश्बू मुझे अपना दीवाना बना रही थी. मेरा सारा ध्यान उसके जिस्म की खुश्बू खींच रही थी. मेरा ध्यान उसकी प्राब्लम मे नही था, ये सब महक देख रही थी. आख़िर वो मुझे बोली.

महक – भैया क्या हुआ आप ठीक भी हो. आज आपका ज़रा भी मूड नही है.

मैं – नही मेरी बेहेन ऐसा नही है, दरअसल मुझे नींद आ रही है. मैं थोड़ी देर सोना चाहता हूँ.

महक – ठीक है भैया आप आराम से सो जाओ, मैं थोड़ी देर बाद आ जाती हू.

मैं – अरे यार तू भी सारा दिन क्या स्टडी स्टडी करती रहती है. आज छुट्टी है तू भी थोड़ी देर सो जा.

महक – आप सही कह रहे हो, सच कहूँ तो मुझे भी नींद आ रही है.

मैं – ये तो बहुत अच्छी बात है, आजा आज मेरे पास ही सो जा. थोड़ी देर बाद उठ कर ये प्राब्लम देखते है.

महक – ठीक है भैया.

फिर महक मेरे पास आकर लेट गयी. अब इतनी मस्त लड़की जिसके पास सो रही हो, भला उसे नींद कैसे आएगी. इसलिए मेरी नींद उड़ चुकी थी. मैने कुछ देर बाद बहुत हिम्मत करके अपना एक हाथ उसके बूब्स पर रख दिया, और खुद सोने की अक्टिंग करने लग गया.
अगर वो उठ भी जाए तो उसे ऐसा लगे की ये सब कुछ मुझसे ग़लती से नींद मे हो गया है. पर महक ने कोई हरकत नही करी, जिससे मेरी हिम्मत और बढ़ गयी. घबराहट के मारे मेरी साँसे तेज़ चलने लग गयी थी.

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