होने वेल पति के सामने किसी ओर से चुदाई 2

ऐसे घर आया कि वन्धया को को देखूंगा फ़िर घर जाके इसके नाम से मुट्ठ मारूंगा आया तो बाहर से सांकर दरवाजा पे चड़ी थी मैं वापस जाने लगा कि अंदर टीवी की आवाज़ सुनाई दी गाने की तेजी से, मैं रूक गया मैं सोचा अंदर वन्धया होगी कोई गलती से सांकर गेट पर चड़ा दिया होगा। मैंने सांकर खोला और आवाज भी लगाई की कोई है, पर जब कोई नहीं बोला तो अंदर आया तो इस रूम में बाहर रूका तब टीवी की आवाज़ तेज थी पर लड़के की आवाज सुनाई दे दी तभी मैं एलर्ट हो गया कि कुछ गड़बड़ी है, वैसे भी वन्धया यहां की बहुत फेमस आइटम है, किसी ना किसी को फंसा के ये रखती है, वन्धया भले उम्र में कम कम है पर बहुत चालू आइटम है। और फिर धीरे से परदे के पीछे से जो नजारा दिखा उसे देखकर तो मैं पागल हो गया तब तुम वन्धया की पैंटी उतार रहे थे और जैसे तुम वन्धया की चूत चाटने लगे मैं फोटो और विडियो बनाने लगा और सोच लिया की आज वन्धया को बिना चोदे नहीं जाऊंगा एक हाथ से विडियो और फोटो ले रहा था, और दूसरे हाथ से लंड को पकड़ कर हाथ से ही हिलाये जा रहा था, वो माई गॉड क्या माल है ये वन्धया, जब तुम इसके मुंह में डाल दिये लंड तब आईडिया आया कि अब चुपके से जाके सीधे चोद दूं इसे , वन्धया की चूत बिल्कुल बह रही थी और ये टांगों को फैला कर बहुत ज्यादा चुदाई करवाने को बेताब थी। बस फिर आ गया मुझे न तुम देख पाये ना वन्धया देख पाई, पहले ऊंगली डाला तो पूरी चूत रस से उंगली गीली हो गई और उंगली घुसाते ही वन्धया ने पूरी अपनी टांगों को फैला दिया और अपनी टांगों को चौड़ा कर ऊपर कर लिया मैंने सोचा कि ये तो पागल हो रही है चुदवाने के लिए,लोहा गरम है हथोड़ा मार दो तब मैंने जल्दी से एक दम लंड वन्धया की चूत में फिट किया और सीधा एक झटके में अपना पूरा लंड पूरी ताकत से घुसा दिया जैसे अंदर पूरा घुसा तो वन्धया की कमर और सीना अंकड़ गयी मैं जान गया कि दर्द हो रहा है तो फिर लन्ड निकाल के दूसरा झटका मारने को तैयार हुआ तो मेरी नज़र चूत में पड़ी तो उसमें से रस निकल रहा था, मैंने अपना लन्ड देखा तो उसमें भी वन्धया की चूत का रस लगा हुआ था, तब मैं समझ गया कि ये वन्धया बहुत मस्त चुदासी माल थी, आज मुझे इसकी चूत की गर्मी निकाल कर वन्धया को ठंडा करना पड़ेगा। तब मेरा जोश और बढ़ गया और मैं जमके चोदने लगा , इसके मुंह में तुम्हारा लंड घुसा था नहीं ये रो रो के चिल्ला चिल्ला कर पागल कर देती, अब इसका दर्द करीब दस-बारह मिनट बाद खत्म हो गया था शायद तभी अब वन्धया अपनी कमर उछाल कर मस्त चूंत को ऊपर करके चुदवाने लगी थी, जब इसको जन्नत का मज़ा आने लगा तब तुम उठ गये और मुझे मारने लगे। मैं और बालू ने उसकी पूरी बात सुनी मुझे लगा बिल्कुल पुरा सच बोल रहा है आशीष, तब मैंने उन दोनों के बीच पहली बार बोली आशीष जो हुआ वो तो हो चुका है, प्लीज मेरे चक्कर में आपस में मत लड़ो मैं तुम दोनों से हाथ जोड़ती हूं। जिसको जो करना है जल्दी करो बस दोनों इतना ध्यान रखना कि मैं एक लड़की हूं जो करना है कर लो पर मुझे बदनाम मत करना । तभी आशीष बोला मैं नहीं करूंगा बदनाम पर मुझे तुम्हें पुरा चोदना है अभी इस तुम्हारे होने वाले पति को समझाओ, और आशीष बोला, बालू भाई बोलो चोद लूं मस्त बस ज्यादा से ज्यादा बीस मिनट कि बात है। तब सर झुका कर बालू बोला मुझे कुछ नहीं पता इस बारे में, जो वन्धया को ठीक लगे उसी से बात करो, बालू अपना सर नीचे कर लिया तब आशीष मेरी तरफ देखा मैं आशीष की तरफ देखकर मुस्कुरा दी, और आंखों में मेरी वो देखकर चोदने का इशारा किया तो फिर से मैं हंस दी और आंखों को नीचे कर लिया, तो आशीष जो भी समझा हो बालू से बोला कि भाई तुम्हें तो कोई प्राब्लम नही है अगर मैं अभी वन्धया को चोदूंगा तो, बालू बोला अब तो तुम कर ही चुके हो सब अब भला मुझे क्या प्राब्लम हो सकती है, मुझे कोई प्राब्लम नही है पर उसके बाद वीडियो और फोटो डीलिट करना पड़ेगा। पर फिर भी एक बार वन्धया से पूंछ लो, आशीष बोला अरे वन्धया से क्या पूंछना है। बालू भाई यही रहोगे इसी रूम में जब मैं वन्धया को चोदूंगा अभी तब या थोड़ी देर को बाहर जाओगे, बालू बोला यंही रहूंगा। तब मैं बोली आप को अच्छा नहीं लगेगा आप बाहर चले जाते पर बालू बोला नहीं मैं यहीं रहूंगा, तो आशीष बोला रहने दो और उस समय मैं एक टावेल लपेट ली थी तो आशीष सीधे मेरे टावेल को पकड़ कर फेंक दिया और मेरे होठों को चूमने चाटने लगा मुझसे लिपट गया और मेरे उपर चढ़ गया मुझे लिटा दिया वो पूरा नंगा था उसका सीना मेरे सीने से चिपक गया और उसका लन्ड मेरी चूत में रगड़ खा रहा था, मेरे मुंह को खोल कर मेरी जीभ को अपने होठों से चुमते हुए चाटने लगा बहुत एक्साइटेड कर दिया तीन चार मिनट के अंदर, अब सीधे उल्टा हो गया जिसको 69 पोजीशन कहते हैं, उसका लन्ड मेरे मुंह के पास था और आशीष मेरी चूंत को फैला कर सीधे चाटने लगा, मुझे बोला रंडी साली कुतिया मेरा लन्ड चूस तब बालू बोला जो करना है कर पर ये रंडी वंडी मत बोल तब आशीष बोला बालू भाई बीस मिनट तक तो ये अब रंडी ही है, ये जो कर रही है ये छिनाल का काम होता है, इसलिए बुरा लगे तो दुसरे कमरे चले जाओ अभी गाली भी दूंगा,तब बालू फिर बोला मैं यही हूं, करो जो मन पड़े, इतना सुनते ही आशीष बोला अब देख वन्धया तेरी चूंत कैसे साफ करता हूं, तू खुद मेरा लन्ड मुंह में भर लेगी। और पूरी जीभ अपनी मेरे चूंत में घुसा कर इतना जोर जोर से चूसने लगा और चाटने लगा कि मैं पागल हो गई और सच में उसके लन्ड को पकड़ लिया और जोर जोर से रगड़ने लगी, तभी उसने दो उंगलियां जोर से चूत में मेरे घुसा दी मेरे मुंह से हूं हहहहह वोहहहह निकल गया और मैंने आशीष के लन्ड को मुंह में भर लिया क्यों कि मुझसे रहा ही नहीं गया, और वो चूत में जितना उंगली चलाये उतना मैं आशीष का लन्ड जोर-जोर से चूसूं , करीब दस-बारह मिनट बाद मैंने लन्ड मुंह से निकाला और बोली कि आशीष मर जाऊंगी मुझसे अब सहन नहीं हो रहा है, नहीं बर्दाश्त हो रहा जल्दी अपना लन्ड डालो, जमकर चोदो जो करना है करो पर मुझे शांत करो। तब आशीष मेरी चूंत को छोड़ कर मेरे बूब्स पर टूट पड़ा और मेरे दोनों बूब्स को एक एक हाथ से पकड़ कर इतनी ताकत से दबाने लगा कि बहुत दर्द हुआ मेरे बूब्स अभी छोटे साइज के हैं इसलिए एक हाथ में आ गए , बूब्स को जोर-जोर से खींच कर जमके मसलने लगा और बोला मादरचोदी बहुत टाइट और जबरदस्त दूध हैं रे वन्धया तेरे, इधर आशीष का लन्ड मेरे मुंह में घुसा था जिसे मैं चूस रही थी, अब आशीष मेरे बूब्स को एक एक करके दोनों को चूसने लगा इतनी गन्दी गन्दी बातें और गालियां मुझे दे रहा था कि मैंने जो कभी सुनी भी नहीं थी, पर मुझे भी वो बहुत अच्छी लग रही थी और एक भी बुरी नहीं लगी।उसकी गालियां और गंदी बातें मेरे जोश को और बढ़ा रही थी, यह सब मेरे होने वाले पति बालू सब देख और सुन रहे थे उनके सामने उनकी होने वाली बीवी के पूरे जिस्म को कोई दूसरा मर्द मसल रहा था और गंदी से गंदी गालियां दे रहा है, और वो सब होने दें रहे थे, मै तो सच में चुदासी थी मुझे कुछ होश नहीं था, आज एक बार फिर मेरे जिस्म को मेरे होने वाले पति बालू ने मसला और मेरे जिस्म के प्यास को इतना जगाया कि अब उसका पूरा फायदा दुसरा मर्द आशीष ने उठा लिया, आशीष मेरे बूब्स को इतना जोर से चूसने लगा कि मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था, मैं अपने होने वाले पति बालू को देख नहीं पा रही थी क्योंकि मेरे मुंह में आशीष का लन्ड था तभी आशीष बोला क्या बालू भाई अपने लंड को हाथ से मत रगड़ो आ जाओ ये सच में साली छिनाल है। बहुत मस्त माल है वन्धया देखो इसे इस हालत में देख कर तुम्हारा लंड एक बार झड़ने के बाद बीस मिनट के अंदर खड़ा हो गया है, आशीष बोला आओ बालू मैं इसके मुंह से अपना लन्ड तुम्हारे लिए निकाल ले रहा हूं ,बालू भाई तुम डालो अपना लन्ड और जबरदस्त चुसवाओ वन्धया से अपन दोनों दोस्त हैं या भाई समझो, ये वन्धया आज नहीं तो कल ये रंडी बनेगी ही लिख लो मेरी बात ये, वन्धया जितनी गर्म है जितनी सेक्सी है इसकी प्यास कभी एक या दो मर्द नहीं बुझा पायेंगे ना ये संतुष्ट हो पायेगी। इसलिए झिझक छोंड़ो और अपन दोनों मिलकर इसकी आज की प्यास बुझाते हैं।ये कहकर आशीष ने अपना लन्ड मेरे मुंह से निकालकर उठ कर मेरे पैरों तरफ बैठ गया, अब बालू मुझे दिखा वो अपना लन्ड हाथ में लिये हिला रहा था, बालू बोला कि सच बोल रहा है आशीष तू, क्या मस्त माल है ये वन्धया तेरा लौड़ा कैसे मस्त चूस रही थी मैं देख कर ही पागल हो रहा था, पहले थोड़ा बुरा लगा जब तू इसको पहले चोरी से वन्धया को चोद दिया और फिर जब अभी दोबारा इसकी चूत चाटना शुरू किया,पर जब मैंने वन्धया को देखा कैसे मस्त सेक्सी सेक्सी चेहरे के इम्परेशन दे रही थी और जबरदस्त चूत तुमसे चटवा रही थी, इसे मस्त चुदासी देखकर फिर तेरा लौड़ा कैसे रगड़ रही थी। और एकदम से मुंह में भर कर तेरा लन्ड पागलों की तरह चाटने लगी, सच बोलूं आशीष मुझे उतना इंजवाय या मजा तब नहीं आया जब अभी थोड़ी देर पहले इस वन्धया की चूत मैने चाटी और इसने मेरा लन्ड चूस कर लंड रस पिया था। जितना मज़ा आशीष तेरा और इस वन्धया का मस्त चूंत चटाई और लंड चुसाई देख कर आया। जब वन्धया तेरा लौड़ा मुंह में लेकर चूसने लगी चाटने लगी और तू आशीष इसकी चूत चाटने लगा और फिर इसके बूब्स दबाकर चूसना शुरू किया ये देखकर मैं पागल हो गया था और बहुत एक्साइटेड हुआ, वन्धया को करने से ज्यादा देखने में मजा आया, मैं भी बालू की बात सुनकर खुश हुई कि मस्त मर्द है ओपेन माइंड का, ऐसा ही पति होना चाहिए। बालू आशीष को बोला यार आशीष अब देर मत कर भाई जमकर चोदो तुम, मुझे भी वन्धया को चुदते मस्त देखना है, तब दोनों ने बालू और आशीष ने हाथ मिलाया और आशीष ने बालू को थैंक्स बोला फिर कहा कि तू मस्त है भाई अब देख कैसे तेरी होने वाली बीवी को आज चोदता हूं। तभी बालू बोले कि यार आशीष तेरा लन्ड मेरे लन्ड से तीन गुना बड़ा है कैसे किया इतना बड़ा अपना लन्ड करता कुछ दवाएं लेता है क्या, आशीष बोला नहीं कोई दवाई नहीं लेता बस जैतून के तेल से मालिश करता हूं लन्ड में डेली, बालू बोला कि कल से मैं भी करूंगा। ये बात बिल्कुल सच है कि मेरे होने वाले पति से दो गुना, तीन गुना ज्यादा बड़ा है आशीष का लन्ड अब आशीष मेरे ऊपर तरफ आने लगा और बालू मेरे सामने खड़ा हो गया, आशीष मेरी दोनों टांगों को पकड़ लिया और बोला कि क्या सेक्सी गीली रसीली चूंत है तेरी वन्धया चल फैला टांगे अपनी मैंने फैला ली,और कमर से ऊपर उठा दिए अपने पैर, तो आशीष ने पहली बार मेरी गान्ड के छेद पर अपना मुंह रख दिया और मेरे गांड में अपनी जीभ डाल दिया आशीष ने बोला यार अभी तक ध्यान ही नहीं दिया इसकी गांड कितनी मस्त है। वन्धया बोल तेरी गांड में डालूं अपना लन्ड बोल कुतिया अपने होने वाले पति बालू से गांड की सील तुड़वा ले, मुझे बात बिल्कुल सही लगी कि कुछ तो होने वाले पति से अब करवा लूं। नहीं पता चला उसमें भी पहली बार आशीष ने अपना लन्ड डाल दिया, तो मैं तुरंत बोली ठीक है और बालू को बोली आप आ जाओ, बालू बोला कि बहुत चुददकड़ हो , मैं बोली आज जवाब दे ही दूं इसकी बात का मैं बोली तुम आज मेरा पति नहीं हो होने वाला हो तो सच बताऊं कि बची नहीं मर्दों की नजर से सबने मिलकर बिगाड़ दिया, कैसे जानते हो? घर में करीब से करीब रिश्तेदार, घर के बगल से पड़ोसी, स्कूल, टयुशन के टीचर, भाई के दोस्त, पापा के दोस्त सब को बस एक ही चीज चाहिए कि कैसे भी वन्धया के साथ में सो जाऊं और उन्हें मैं अपनी चूंत चोदने को दे दूं, बहुत लोग तो यही चाहते हैं कि थोड़ा ही सही बूब्स दबाने और चूसने को दें दूं, कुछ नहीं तो उनका लन्ड चूस लूं और वो भी नहीं तो अपनी गांड ही में उनका लन्ड डलवा लूं। आज कल तो कोई ना रिश्ता मानते ना उम्र की कोई लिहाज करते , मम्मी कसम सच बोल रहीं हूं साठ पैंसठ साल के बुड्ढे भी मेरे भले सगे रिश्तेदार हों दूसरों की तो बात ही क्या करना सब मेरे साथ सोना और सेक्स करना चाहतें हैं, ऐसे में कैसे बचाऊं खुद को बताओ बालू ?अब मैं भी सोलह सत्रह साल की जब हूई मेरे घर में मेरी मम्मी के कारण घर में यही सब चलते देखा, मम्मी के कई लोगों से शारीरिक संबंध थे जो मम्मी के लिए आते थे जब मैं चौदह पंद्रह साल की थी तभी से उनकी निगाहें मेरी तरफ गंदी हवस भरी होने लगी थी, एक पापा के स्कूल टाइम के सबसे अच्छे करीबी दोस्त कमलेश अंकल जब मैं नौवीं कक्षा में थी तब मस्तराम की सेक्सी कहानियों की एक बुक दिये और बोले कि इसे अकेले में पढ़ना कोई ना देखे और फिर गंदी गंदी सेक्स करते की फोटो वाली मैगजीन दिये वो मेरे स्कूल में टीचर भी थे,‌ वो मस्तराम की बुक में लिखी कहानियों को मैं पचास साठ बार पड़ी उसके बाद कभी मेरा पढाई में मन नहीं लगा और जब घर में कोई ना हो तो वो मैगजीन की फोटो देखती तो मुझे बहुत कुछ होने लगा था और फिर मेरा बहुत मन करता था, कि कोई आके चोद दे। दुसरे जब कोई आयें तो मम्मी मुझे कुछ खरीदने या खेलने के बहाने से बाहर भेज देती थी छोटे से ही अब मैं बड़ी हो गई थी तब भी बाहर भेज दे, पर नौवीं के बाद से मुझे बड़ी बेचैनी होने लगी जब से वो मस्तराम की कहानियों को पढ़ी हूं, मुझे लगे कि मैं घर पर ही रहूं और मम्मी और उन अंकल को देखूं क्या करते हैं कैसे करते हैं, पर उनको नहीं देख पाती थी । इसलिए जब पापा छुट्टी पर मुंबई से आते तब जब भी मम्मी पापा अंदर होते तो दरवाजे के होल से चुदाई करते देखती थी। मैं सोलह साल के बाद खुद को सम्हाल नहीं पाती थी। मैं जब नौवीं कक्षा में थी तब दो बार मैं मम्मी के कमरे में चारपाई के नीचे चुपके से घुस गयी थी, एक बार जब पापा के दोस्त धनंजय चाचा और दूसरे बार जब कमलेश अंकल आये थे, चारपाई के नीचे थी इसलिए देख कुछ नहीं पायी थी पर बातें आवाज सब सुनी उसी समय से मेरे अंदर घुसवाने का मन करने लगा था, जब मैं नौवीं की परीक्षा देने के बाद की बात है गर्मी की छुट्टियों में मेरी कजिन बड़ी बहन सुन्दी दीदी का बेटा मुझसे चार साल का छोटा था उसका नाम पियूष है , मैं उसके साथ गुड़िया की शादी खेल रही थी फिर सुहागरात में दोनों को सुला दिया फिर पहली बार मैं उसी से खेल खेल में बोली चल तू और मैं भी दुल्हन दुल्हा का खेल खेलें और उसको कुछ पता नहीं था बहुत छोटा था बोला ठीक है मौसी। मैं सज गई घर में कोई नहीं होता था पापा मुंबई जहाज में काम करने चले ही जाते थे, और मम्मी खेत चली जाती थी। अब मैं उसको ग्लास में दूध पिलाई और अपने साथ चारपाई पर ले गयी और उसे बोली मेरे सब कपड़े उतार दो, वो बोला ठीक है मौसी मैं बोली की मुझे मौसी मत बोलो मैं आज तुम्हारी बीवी हूं, तुम मुझे बंध्या बोलो वह बोला ठीक है। मैंने उसे कहा कि आप बिस्तर में चलो, पीयूष मेरे साथ बिस्तर में चला गया मैंने कहा अब मेरे सारे कपड़े उतारो पियुष मेरे सारे कपड़े उतार दिया। अब मैं उसके सामने बिल्कुल नंगी हो गई मैंने भी पीयूष के कपड़े उतारने लगी, तो उसने मना किया तब मैं बोली की इस खेल में दोनों के कपड़े उतारने होते हैं वह मान गया, अब उससे लिपट गई और पीयूष के होठों पर अपने होंठ रख दिए, ये मेरी जिंदगी की पहली लिप किस थी,या यूं कहिए कि जो आज कर रही थी सब कुछ आज पहली बार ही फिजिकली कर रही थी, मैं और पियुष दोनों एक दम नंगे दोनों के बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था एक दुसरे से लिपट गये मैं उसके होंठों को जब चूम रही थी तो उसकी गर्म सांसे मेरे नाक में आ रही थी, और मुझे पागल बना रही थी मैंने जोर से उसके जीभ में अपनी जीभ डाल दी इसके बाद दोनों अपनी बाहों में पीयूष को जकड़ लिया, पीयूष बोला वन्धया मुझे दबा दोगी क्या, मैं बोली मेरे दूल्हा हो आज तुम्हें नहीं छोडूंगी उसके बाद मैं उसकी जीभ को निकालकर अपने होठों से चाटती रही, पीयूष कुछ कर नहीं रहा था मुझे ही बोलना पड़ता था, मैं पीयूष को बोली अब मेरे ऊपर चढ़ जाओ और पियुष मेरे ऊपर चढ़ गया, उसकी कमर मेरे कमर जांघों से सट गयी और उसका सीना मेरे सीने से, मैं बोली पीयूष मेरे दूध दबावो दोनों हाथों से पकड़ कर जोर जोर से, तभी पीयूष मेरे छोटे-छोटे दूधों को दवाने लगा, मैं बोली और जोर से दबाओ तो वह फिर और ताकत से दबाया मुझे बहुत कुछ होने लगा, अब मैं बोली पीयूष दोनों दूधों को चूसो तब पीयूष मेरे छोटे-छोटे बूब्स को अपने मुंह में भर के चूसने लगा, और उसे बिल्कुल ही कुछ भी नहीं पता था, तो बोला वन्धया तूम्हारे दूधों से लगता है दूध नहीं निकल रहा है। मैं फुल सेक्स के मूड में थी, तो मैं बोली पियुष मेरे बूब्स जमकर चूसो जब तक दूध न निकले,पियुष बोला पी रहा हूं और पीयूष जोर-जोर से चूसने लगा गरीब 15 मिनट मेरे मस्त दूध चूसता रहा और मैं पागल हो गई, फिर बोला वन्धया तुम्हारे दूध बहुत छोटे-छोटे हैं लगता है इसीलिए इनसे दुध नहीं निकल रहा, मैं चूसते चूसते थक गया। तभी उसके बूब्स चूसने और इस तरह की मस्त बातों से मुझमें बहुत जोश आ गया और मैं पियुष के लन्ड को जोर से पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी, और बोली जाने दे पियुष तू रोज ऐसे दबाना और चूसना तो मेरे मेहबूब बूब्स बहुत बड़े हो जायेंगे और इनसे दुध भी निकलने लगेगा, और जब दूध इनसे निकलने लगेगा तो मैं दूध तुम्हें पिला दूंगी, पियुष बोला सच वन्धया तुम कितनी अच्छी हो, मुझे अपने दूध जरूर पिलाना मुझे दुध बहुत पसंद है।मैं बोली पक्का तुम्हें अपने दूध पिलाऊंगी पर अभी मेरे टांगों को फैला दो और मैं अपनी उंगली अपनी चूत में रखकर बोली यह जो तुम्हारा लंड है जिससे तुम सुसु करते हो इसे यहां डालो और घुसा दो । तो पियुष बोला वन्धया क्या होगा इससे, मैं बोली तुम खुश हो जाओगे और पियुष तुम्हें बहुत मजा आएगा और मुझे तो बहुत ही मजा आयेगा । तभी पीयूष मेरी टांगों को फैलाया और मैंने अपने दोनों पैर भी ऊपर कर ली और बोली पीयूष डालो अपना लन्ड जिससे सूसू करते हो उसका नाम लन्ड है। पियूष का लन्ड बहुत ही छोटा था और ढीला भी इसलिए जैसे ही उसने घुसाया तो घुस ही नहीं रहा था, मैं अपनी चूंत और कमर उठा दी तब भी लन्ड नहीं घुसा, मैं बहुत प्यासी हो गई मेरा मन बहुत करने लगा कि कैसे भी मेरी चूत में लन्ड घुस जाये, मैं समझ गयी पियुष का लन्ड नहीं घुसेगा बहुत छोटा और ढीला था, फिर मैं बोली ऐसा करो पियुष मेरी टांगों के बीच मेरी चूंत में अपना लन्ड ऐसे ही रखे रहने दो और अब अपनी उंगली मेरी चूत में डालो । तभी पियूष ने अपनी उंगली मेरे चूत में डाल दिया, जैसे ही पियुष ने उंगली मेरी चूंत में डाली मुझे लगा की उसने अपना लन्ड डाल दिया, जैसे ही उंगली घुसी मैं बिल्कुल तड़प उठी और पीयूष को कस के जकड़ ली और बोली आई लव यू मेरी दुल्हा मेरे पति और डालो जोर से पूरा लौड़ा अन्दर घुसा दो। तब पीयूष बोला वन्धया इतनी ही बड़ी है मेरी उंगली पूरी घुसा दिया हूं। मैं बोली ऐसा करो अपनी दो उंगलियां डालो मेरी चूंत में उसने दो की जगह तीन उंगलियां डाल दी। पियूष की छोटी छोटी पर लंबी पतली उंगलियों को मिलाया तब सच में मुझे थोड़ा दर्द हुआ और मैं अपना पूरा कमर उछालते हुए पीयूष को बोली, पीयूष जोर-जोर से उंगलियां डालो सॉरी बोलके बोली लन्ड डालो। शायद मैं पागल हो रही थी जब पियूष चूत में अंदर बाहर करने लगा था, पियूष बोला तुम्हारी चूत बहुत गर्म है लगता है उंगलियां जल जायेंगी, मैं बोली पियूष और जोर से डालो मेरे अंदर अपना लन्ड मेरी चूत में बहुत आग है और बहुत खुजली भी है । तुम्हें बहुत मजा आएगा पियूष जमकर चोदो मुझे फाड़ दो मेरी चूत और जोर से डालो पूरा घुसा दो पियूष जमकर अंदर बाहर करने लगा,मुझे जरा भी ध्यान नहीं रहा कि पियूष उंगली से चोद रहा है, मुझे लगा कि जैसे मेरे चूत में उंगली नहीं लन्ड घुसा है। और मै जल्दी जल्दी चुदाई करवाने लगी, पियूष जल्दी-जल्दी अंदर बाहर करने लगा मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने पियूष के होठों को जोश में काट दिया। पियूष बोला बहुत दर्द हो रहा है मत काटो वन्धया मारे जोश के मैं पियुष के पीठ में नाखून से काटने लगी। पीयूष बोला वन्धया तुम्हारे अंदर चूत में बहुत गर्म गर्म लग रहा है, ऐसा लग रहा है उंगलियां जल जाएंगी मेरी, मैं बोली मैं बहुत चुदासी हूं इसलिए मेरी चूत में आग है, मेरे राजा और जोर जोर से डाल दे पूरा अंदर घुसा और मैं उसके पीठ को नोच कर काट दिया, पियूष करीब 15 मिनट रगड़ता रहा अंदर-बाहर तब मेरी चूत से बहुत जोर से चूत का रस पिचकारी की तरह निकलने लगा। यह मेरे जीवन की पहली चुदाई थी, टूटा फुटा जैसा भी यह मेरा पहला एहसास रहा बहुत मजा आया मुझे जन्नत दिख गया इन 30-40 मिनटों में, अब पियूष से मैं लिपट के उसके होठों को चूमा और फिर बोली अब तुम जा सकते हो और ये खेल किसी को बताना नहीं। फिर जाने दिया बोली थैंक्यू पियूष, उसने अपने कपड़े पहने और चला गया। आज मैंने जाना कितना मजा होता है चुदाई में आज पहली बार अहसास हुआ। मैंने जैसे ही अपनी यह सच्ची बात दोनों को सुनाई बालू और आशीष दोनों ही एकदम जोश में आ गए। और मुझे बोले सच में तुम तो वंध्या बचपन से ही इतनी सेक्सी हो बहुत चुदासी रहती हो। थैंक यू और तुम्हारे कमलेश चाचा को जो तुम्हें वह मस्तराम की बुक और मैगजीन दे गया, और थैंक्यू तुम्हारी मम्मी को जिसके कारण तुम इस तरह लाइफ को इंजॉय करने लगी, वन्धया तुम बहुत सेक्सी लड़की हो तुम्हारे जैसी कोई नहीं, और यह कहकर आशीष और बालू दोनों ही मुझसे लिपट गए। तभी बालू बोला आशीष तुम वन्धया की चूत को जबरदस्त चोदो, ऐसा कह कर बालू मेरा होने वाला पति मेरे मुंह में अपना लन्ड देने लगा बोला रंडी साली तू तो एक नंबर की रांड है। बताओ वन्धया आज तक में कितने लोगों से चुदवा चुकी हो? आशीष बोला बालू भाई अभी मत पूछो आराम से जब तुम्हारी बीवी बन जाएगी तब फिर इसकी चुदाई की सच्ची कहानियां सुन सुन के इसको चोदते रहना। और हो सके तो मुझे भी बुला लेना। फिलहाल आज तो इसको चोदो, आशीष मेरे ऊपर आकर मेरी जांघों को चाटने लगा और अपनी दो उंगलियां मेरी चूत में डाल दिया। फिर आशीष उधर मेरे पैरों को चाटते हुए जांघों को बहुत सहलाने लगा। जैसे ही आशीष की ऊंगली मेरी चूत में घुसी मैंने जोर से मुंह खोला तभी बालू अपना लन्ड मेरे मुह में घुस दिया।याालू बोला क्या मस्त लग रही है वन्धया तुझे पाके मेरी लाइफ बन गई। चाहे तो तुझे जितने लोगों ने चोदादा हो या तू चाहे जितनों से चुदवाई हो, मैं फिर भी सिर्फ तुझी से शादी करूंगा। मुझे ऐसी ही लड़की चाहिए थी, मैं तुझे ना भी चोदूं सारी उमर तक तुझे चुदते हुए देख कर मस्त जिंदगी गुजार दूंगा। इतने में आशीष उठा और मेरे ऊपर चढ़ गया, और आशीष ने दोनों हाथों से मेरे एक-एक बूब्स पकड़कर पूरी ताकत से दबाने लगा। और अपने होठों को मेरी नाभि में रख दिया, अपने गरम होठ से मेरी सेक्सी नाभि को चूमने लगा। अब मेरे से रहा नहीं गया और मैं बहुत जोर से बालू का लन्ड चूसने लगी इतने में पूरी ताकत से आशीष मेरे दोनों बूब्स दबाने लगा और नीचे मेरी चूत में आशीष का लन्ड रगड़ खा रहा था। अब मुझसे रह पाना मुश्किल हो गया मैंने अपनी कमर उठा दी तभी आशीष को पता हो गया कि मैं अब लंड घुसवाना चाहती हूं। आशीष मेरे होने वाले पति बालू से बोला कि बालू भाई आज इस वन्धया को अपन दोनों एक साथ चोदते हैं, बालू तुम ऐसा करो आ जाओ पीछे इसकी गांड में डाल दो तुम्हारा पेनिस भी छोटा है और आराम से उसकी गांड में चला जाएगा। यह बहुत मस्त गांड और चूत में एक साथ चुदाई करवाती है। तब बालू बोला मैंने आज तक ब्लू फिल्मों के अलावा कभी पीछे गांड का सुना नहीं कि कोई लड़की गान्ड में भी चुदवाती है। आशीष बोला माफ करना बालू भाई और बुरा मत मानना क्यों कि तुम्हारी होने वाली बीवी है वन्धया पर अभी दो साल पहले एक बार सतना में मैं और वन्धया ने मिलने का प्रोग्राम बनाया। मेरे पास मिलने की जगह नहीं थी तो एक रिश्तेदार था मेरा शिवम नाम है मेरी दीदी का देवर है उससे मेरे दोस्ती भी है उससे मैंने हेल्प मांगी और बोला शिवम भाई बुधवार को दो घंटे के लिए मुझे अपना रूम दे देना, उसने कहा ठीक है डन, तब मैंने वन्धया को बोला आ जाओ सुबह 11 बजे वन्धया आ गयी सतना अपने गांव से वन्धया को पन्द्रह सौ रुपए के कपड़े खरीदवाये और उसके बाद वन्धया को बोला चलो एक रूम मिला है ,वन्धया बोली चलो मैंने शिवम को बुलाया रूम की चाभी के लिए, वो आया काफी हाउस के पास जहां हम दोनों खड़े थे, आया और मैंने वन्धया से परिचय कराया शिवम का बताया ये मेरी दीदी का देवर है। शिवम वन्धया को बहुत ही ध्यान से देखने लगा और फिर मुझे बोला थोड़ा आशीष तुमसे पर्सनल बात करनी है, थोड़ा बगल से लेजाकर मुझसे बोला इस लड़की वन्धया से तुम शादी करोगे, मैंने कहा नहीं करूंगा, चाहूं भी तो हमारे घर वाले नहीं करेंगे, ये बात वन्धया को भी पता है कि तुम दोनों शादी नहीं करोगे, मैंने बोला हां हम दोनों को क्लीयर हैं कि हम दोनों की शादी नहीं होगी, इसका मतलब तुम दोनों फुल इंजवाय कर रहे हो। मैं बोला हां ऐसा ही समझ लो। तब शिवम ने सीधे बोला कि मुझे भी वन्धया की दिलवाओ कैसे भी जमाओ आशीष मैं तो रिश्तेदार हूं तुम्हारा, मैंने कहा ये संभव नहीं, तो शिवम बोला मैं रूम भी नहीं दूंगा। अब मेरे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था,मुझे कोई रूम मिल नहीं सकता था , मैंने बिना वन्धया से पूंछे शिवम को हां कर दिया, बोला कि जब मैं रूम के अंदर चला जाऊं वन्धया के साथ उसके दस पन्द्रह मिनट बाद अंदर आना, शिवम बोला बिल्कुल जैसा तुम बोलो आशीष, क्या मस्त माल पटाया है तुमने यार उसके होंठ नाक और आंखें कितनी खूबसूरत है लगता है बहुत चुदासी है मैंने वन्धया से सेक्सी लड़की आज तक नहीं देखी, बहुत मजा आएगा। जब रूम में आ गई वन्धया और मैं लिपट गया वन्धया के होंठ चूसने लगा फिर बूब्स दबाने लगा तो वन्धया गर्म होने लगी मैंने वन्धया की लैगी और पैंटी एक साथ उतार कर सीधे टांगे फैला कर जैसे चूत में मुंह रखा पुरी चूत बह रही थी, मैं समझ गया बहुत गर्म है पहले से ही चुदाई का सोच लिया होगा तब मैंने वन्धया से कहा एक बात है वन्धया जिसका ये कमरा है वो भी अपने साथ रहेगा ,वो भी तुमसे करेगा, वह भी आएगा बोला है मैं भी रहूंगा और करूंगा तुम्हारी गर्लफ्रेंड से और मैंने हां कर दिया है, क्योंकि जब मैंने ना किया तो वह बोला मैं रूम नहीं दूंगा। वन्धया बोली मैं उससे नहीं करूंगी, मैं बोला तो फिर चलो रूम से वह नहीं माना बस इसी एक बात पर माना था बस। मैं बोला चलो उठो जल्दी चलते हैं पहनो कपड़े अपन चलते हैं आज का सब यही खत्म चलो, वो आके भगा देगा। पता नहीं दो मिनट वन्धया ने कुछ सोचा फिर बोली ठीक है बुला लो उसे जिसका रूम है यह जब तुमने हां कर ही दिया है, यह बहुत गजब का दिन था पूरी उस दिन की घटना कहानी वन्धया से तुम सुन लेना बालू भाई, तभी मैंने और शिवम ने दोनों ने एक साथ इस वन्धया को चोदा था, और मैं सोच भी नहीं सकता था कि वन्धया इतनी सेक्सी और हॉट लड़की है, इसने उस दिन आगे चूत में लन्ड और पीछे गांड में दोनों में लन्ड लिए थे और बहुत मस्त आगे पीछे से चुदवाई थी। बालू ये सुनकर और जानकर जोश में आ गया। और मुझसे बोला वन्धया मेरी सेक्सी छिनाल आज सच बता दे कितने लोगों से आज तक में चुदवा चुकी, मैं बोली यार अभी मत पूछो नहीं आप क्या कोई भी मुझसे शादी नहीं करेगा। तब मेरे होने वाले पति बालू बोले कि अपनी कसम खाकर कहता हूं कि चाहे तुम व्यसया भी हों डेली आठ दस-बारह मर्दों से सेक्स करवाती रही हो और आंगे भी करवाओ तब भी मैं शादी तो अब तुमसे ही करूंगा ये वादा है तुझसे वन्धया। बालू की बात सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा और मैं बोली बालू तुमसे मैं भी वादा करती हूं, कि कोई एक भी ऐसा रिश्ता नहीं छुपाऊगी जिनके साथ मैं सोई हूं या फिजिकल रिलेशन बनाई हूं ,पर तुम्हारी पत्नी बनने के बाद ही बताऊंगी। तो बालू बोला कुछ अंदाज तो बता दो बांकी फिर शादी के बाद बताना अभी नहीं पूछूंगा। तब मैं बोली पहली बार जब मैं सोलह साल की होने वाली थी बर्थडे के ठीक दो दिन पहले पहली बार कोई दो लोग एक साथ उन दोनों की उम्र चालीस के पार थी उन दोनों ने मिलकर मिलकर मुझे किये थे।, और आज मैं बीस साल की हो चुकी हूं इक्कीसवीं साल में चल रही हूं। मतलब पांच साल से मैं करवा रही हूं और इन पांच सालों में ऐसा कोई महीना नहीं गया जिस महीने किसी के साथ ना सोई हूं। अभी बस इतना ही बताऊंगी। । अभी प्लीज मत पूंछना। बालू बोला ठीक है वन्धया पर मुझे थोड़ा क्लीयर हिंट तो दे दो, मैं बोली एक साल में बारह महीने तो पांच साल में साठ महीने हुए कम से कम और किसी किसी महीने चार से ,लेकर आठ दस बार तक भी हुआ है। बालू और आशीष दोनों मुंह फाड़कर देखने लगे मुझे आश्चर्य से, मैं बोली इसीलिए बोलती हूं अभी मत पूछों बालू , बालू बोला गजब हो यार तुम्हारा कोई जवाब नहीं बस इतना और हिंट दे दो कि हर महीने जिनके साथ सोती थी कुछ महीनों में जो आठ दस बार हो जाते थे वो सब अलग अलग मर्द होते थे या एक दो ही मर्द हैं । और हां एक और वादा करो कि मुझे हर एक के साथ जितनी बार सोई हो और सेक्स की हो कैसे शुरू हुआ और फिर कैसे हुआ क्या क्या किस किस तरह हुआ एक एक शब्द पूरा का पूरा सच सच बताओगी। मैं बोली देखो बालू पहली बात तो यह कि ये जो अभी तुम्हारे सामने है आशीष मेरा ये ब्वाय फ्रेंड है इसका बता दूं ये आज तक में छः बार मुझे किया है, जिसमें दो बार दोस्त भी थे इसके साथ , ऐसे ही दो तीन रिश्तेदार हैं जिनने दो या तीन बार किया है। ऐसे ही पापा के दोस्त हैं दो जो एक बार से ज्यादा मेरे साथ सोये हैं, और ऐसे ही मेरे बड़े भाई के तीन दोस्त हैं जो दो या तीन बार किये हैं । इसके अलावा हर बार कोई नया मर्द ही रहा है। सबसे ज्यादा बार ये आशीष ही मुझे किया है, आज ये आशीष का सातवीं बार है। और मैं वन्धया अपनी मम्मी की कसम खाकर कहती हूं कि शादी होने के बाद उसी दिन से आपको अपने गुजरे वक्त के सारे मर्दों के साथ बने फिजिकल रिलेशन के बारे में कैसे बने, किस जगह में किस वक्त में करवायी, और उस समय कितने लोग थे, फिर उन लोगों ने क्या किया और मैं किस तरह से करवाई, क्या क्या उन लोगों ने गंदी बातें बोली, कितनी गालियां देते थे कुछ लोग,मैंने भी उस समय कितनी गंदी गंदी बातें की, एक एक शब्द सब आपको बिना कुछ छुपाये बताऊंगी यह मेरा आपसे वादा है बालू, मेरे होने वाले पति बालू बोले थैंक यू वंध्या, चलो एक बात तो मैं जान गया की तुम बहुत ऑनेस्ट हो इमानदार हो जो भी करती हो वह सब बात वैसे ही बता देती हो बिना कुछ छुपाये। थैंक यू अगेन और इतना कहते ही मुझसे लिपट गए और मेरे होठों को चूमने लगे, तब मैं भी यह जान गई की बालू को मेरे फिजिकल रिलेशन दूसरों के साथ बनाए जाने पर कोई जलन और एतराज नहीं है। यह मेरे लिए बहुत अच्छी बात है मेरे जैसी लड़की को ऐसा ही पति चाहिए भले ही उस में और कोई कमी हो। इतने में आशीष बोला वंध्या तुम बड़ी छुपी रुस्तम निकली आज तक यह सच्चाई मुझे भी नहीं बताई थी, मुझे यह शक तो था कि तुम मेरे अलावा भी कुछ मर्दों से रिलेशन बनाती हो, पर यह नहीं पता था कि तुम रंडियों छिनालों से भी आगे निकल चुकी हो, और ना जाने कितने मर्दों के साथ तुम सोती हो, गजब की हो वन्धया वैसे तुम्हारा हुस्न और तुम्हारी अदाएं और उसमें जितनी हॉट गरम तुम हो, यह पक्का है कि तुम्हें कोई मर्द देखेगा तो उसके मन में तुम्हारे साथ सोने का तुम्हें चोदने का ख्याल देखते ही आ जाता है, और बिना चोदे वह तुम्हें फिर रह नहीं सकता। मुझे वंध्या सिर्फ इतना बता दो कि इतना ज्यादा चुदाई करवाने के बाद भी आज भी तुम्हारी चूत इतनी टाइट कैसे है? ऐसा लगता है की तुम्हारी चूत सील बंद है, और तुम पहली बार चुदवा रही हो। यह कैसे संभव हुआ और इसका राज क्या है? तुम्हारे बूब्स पहले जब मैं मिला था तो 30 साइज के थे, और इतना बूब्स दबाया होगा मर्दों ने लगभग मेरा अंदाज है कि 5 साल में करीब 200 मर्दों के साथ तो तुम सो चुकी होगी, और सभी ने चोदा भी होगा सभी तुम्हारे बूब्स जमके ही दबाए होंगे। तब भी बहुत मेंटेन है तुम्हारे बूब्स एकदम टाइट साइज भी बूब्स का सिर्फ 32 हुआ है, और वह भी बिल्कुल कच्ची कली कुंवारी लड़की की तरह तुम्हारे बूब्स बहुत ही टाइट है। और वंध्या चूत तो इतनी टाइट है तुम्हारी की बहुत ही ज्यादा यह कैसे हुआ? मैं बोली आशीष यह तुम बिल्कुल सच बोल रहे हो जितने भी मर्द मेरे साथ सोए हैं, और जिन जिन ने मुझे चोदा है, यह बात सबने बोली है, कि आज मैंने तुम्हारी सील तोड़ी है, और पूंछे हैं कि यह बताओ वन्धया की इतने दिन बिना किसी से चुदवाये कैसे रही हो। हर मर्द को लगता है कि वह मुझे पहली बार कर रहा है। यह नेचुरल है पता नहीं कैसे मेरे साथ है और मैंने इसके लिए कुछ नहीं किया। और यह भी बता दूं कि अगर मैं 15 या 20 दिन किसी मर्द के साथ ना सोऊं या ना चुदवाउं तो उसके बाद जब कोई मेरी चूत में लन्ड डालता या घुसाता है तब खून भी निकलता है, एकदम से कुंवारी लड़की की तरह मेरी चूत हो जाती है। यह नेचुरल है। आशीष बोला की बालू भाई तुम बहुत लकी मैन हो कुछ भी हो जाए तुम वंध्या को मत छोड़ना इससे शादी कर ही लेना, तुम जितनी बार चोदोगे तुम्हें हर बार एकदम टाइट चूत मिलेगी, और तुम्हें लगेगा कि हर रात तुम्हारी सुहागरात है। पहली रात है। वन्धया अगर दूसरे मर्दों के साथ सोती भी रहेगी या चुदवाती भी रहेगी जो कि वन्धया करेगी ही भले ही तुम कितने पहरे लगाओगे, पर मौका पाते ही यह करेगी ही और अगर यह ना बताएगी तो तुम जान भी नहीं पाओगे। क्योंकि जैसी इसकी नेचुरल चूत है, वह हर बार तुम्हें टाइट ही मिलेगी। तुम बहुत लकी हो बालू, और इतना कहते ही आशीष मेरी टांगो को फैला कर मेरी चूत में उंगली डाल दिया और अपने मुंह को भी मेरी चूत में रख दिया। आशीष बोला की बालू भाई बहुत टाइम हो गया कोई आए दूसरा यहां उससे पहले अब बंध्या की प्यास बुझा देते हैं, चलो दोनों तरफ से अब इसकी जमकर चुदाई करते हैं। और इतना सुनते ही मैं बिल्कुल और जोश में आ गई कि अब दोनों मुझे चोदेंगे, तभी आशीष मेरी चूत में अपनी दो उंगलियां डाल के अंदर बाहर करने लगा मैं बिल्कुल बालू को कस के पकड़ ली और बोली बालू तुम बताओ आज कहां डालोगे अपना लन्ड? आज तुमसे मैं बहुत खुश हूं, तब बालू मेरे कूल्हों को पकड़ कर बोला कि मेरी जान मेरी रंडी बंध्या आज तो मैं तुम्हारी इस उठी हुई मस्त गांड में ही अपना लौड़ा डालूंगा और जमके तुम्हारी गांड को चोदूंगा। मैं बोली ओहहहहहह मेरे राजा, कितने मस्त हो अब देर मत करो, इतने में आशीष मेरी गीली चूत में अपनी उंगली से मेरी चूंत का रस निकाल करन उसे चाट रहा था, मैं तड़पने लगी मुझे दोनों ने बहुत गर्म कर दिया। आशीष मेरी चूत से निकला हुआ चूत रस चाटे जा रहा था उंगली से ही अंदर बाहर चोदने जैसा लगा, तो जो चूत से रस निकलता चाट रहा था, और बोला कि बंध्या सबसे टेस्टी तुम्हारे चूत का रस है इसे पाने के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूं। तुम किसी से चुदवाना पर मुझे अपनी चूत का रस हमेशा चटाते रहना। फिर मेरे होने वाले पति बालू से आशीष बोला कि बालू भाई मैं आपसे प्रार्थना करता हूं आपके हाथ जोड़ता हूं कि जब आपकी शादी वन्धया से हो जाएगी तो प्लीज उसके बाद एक भीख मुझे देंगे, बालू बोले कि कैसी बात करते हो आशीष इस तरह मांगोगे तो जान भी हाजिर है। आशीष बोला वादा करिए मना नहीं करोगे, बालू मेरे होने वाले पति बोले पहले बताओ तो, आशीष ने बोला की अगर आप नहीं कहोगे बालू भाई तो मैं कभी कुछ नहीं करूंगा वादा है तुमसे, पर प्लीज पूरी जिंदगी सिर्फ मुझे वंध्या की चूत का रस चाटने देना, बालू भाई तुम वन्धया को जब जब चोदोगे और फिर वन्धया की चूत को चोदने से जो रस निकलेगा उसे मुझे चाट के साफ़ करने के लिए अपना नौकर रख लेना, पता नहीं किस मूड में थे मेरे होने वाले पति बालू उन्होंने कहा कि मैं वादा करता हूं आशीष तुमसे जिस दिन मेरी शादी वन्धया से हो जाएगी ठीक उसी दिन से तुम्हें वंध्या की चूत चाटने और चूत का रस चूसने से कभी मना नहीं करूंगा। आशीष ने बालू के पैर में पड़ गया और फिर बालू के हाथ जोड़कर बोला थैंक्यू बालू भाई मैं जिंदगी भर आपका ऋणी रहूंगा। बालू ने कहा कोई बात नहीं आशीष आज से भाई हो मेरे, दोस्त हो मेरे, चलो अब शुरू हो जाओ और वन्धया मेरी डार्लिंग की प्यास अपन बुझाते हैं। इतना सुनते ही जोर-जोर से आशीष मेरी चूत का रस चाटने लगा और मैं पागल होने लगी तभी पीछे बालू ने भी मेरे कूल्हों को फैलाया और मेरी गांड में जो गांड की रेखा है पतली सी उसमें उंगली चलाने लगे बालू अपना थूक निकालकर उसमें उंगली डालने लगे और चाटने लगे।अब तो मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था मैं पागल हो रही थी मेरा मन कर रहा था कि कैसे भी दोनों आगे पीछे से बस मेरी चूत और गांड में अपना लन्ड डाल दें, मैं बिल्कुल मदहोश हो चुकी थी। और लन्ड डलवाने के लिए बेताब हो गई पागल हो गई, जैसे ही मैंने आशीष को देखा कि आशीष बिल्कुल पागल हो गया है उसका बहुत बड़ा लन्ड मेरी चूत में घुसने को तैयार है, मैं एक दम से पागल सी हो गई और आशीष को बोली आशीष मेरी राजा अब मुझे मत तड़पाओ, इतनी में मेरे होने वाले पति बालू बोले आशीष वंध्या तुम्हारे लन्ड के लिए तड़प रही है इसे अब चोद दो, आज मैं इसे चुदते देखना चाहता हूं क्या मस्त सेक्सी पागलपन इसके बूब्स और चूत हैं, तभी आशीष बोला बालू भैया आप भी इसकी गांड में अपना लन्ड फिट करिए अपन दोनों एक साथ ही बंध्या को चोदेंगे। बंध्या तुम्हें मंजूर है मैं बोलीली यह तो मेरी बिन मांगी मुराद पूरी होने जैसे है। दोनों मेरी तड़पती चूत और गांड को फाड़ दो जल्दी नहीं मैं मर जाऊंगी। बालू बोले चलो आज इसको अपने मर्द होने की ताकत दिखा देते हैं वंध्या आज तुम्हें हम दोनों रुला देंगे। बालू ने अपना लन्ड मेरी मचलती गांड में फिट कर दिया और दोनों बूब्स कस के दबा दिए, मैं बोली अब घुसा दो बालू तू मेरा कुत्ता है, तभी आशीष ने भी अपना मस्त लन्ड मेरी चूत में फिट कर दिया और बोला बालू अब इसको चोदते हैं। तभी आशीष अपने लन्ड का पूरा टोपा जैसे चूत में रखा मैं तड़प गई, और बोली मेरे होठों को चूस लो और अपना लन्ड डालो आशीष, इतने में आशीष अपना लन्ड फिट करके अपना होंठ मेरे होंठों पर रख दिया मैंने उसे कस के पकड़ लिया। पीछे से बालू मेरे दूध दबा रहा था तभी दोनों ने एक साथ बोला कि घुसा दें और पूरी ताकत से एक ही साथ मेरी चूत और गांड में जोर से लंड डाला। मैं दर्द के मारे चिल्ला उठी पर होंठ में होंठ रखे थे आशीष ने तो आवाज बैठ गई। एक ही झटके में लन्ड डाला गांड में आधा लन्ड डाला और मैं रोने लगी आंखों से आंसू आने लगे दूसरे झटके में बालू का पूरा लन्ड मेरी गांड में चला गया। अब दोनों ही के लन्ड मेरी चूत और गांड में घुस गये, इधर बालू जोर-जोर से मेरे दूध दबा रहा है और गांड में मेरे कूल्हों में अपने थप्पड़ मार रहा है। गांड में मुझे बहुत दर्द हो रहा था तभी दोनों अपना लन्ड मेरी चूत और गांड में रगड़ने लगे टीवी की आवाज तेज थी तब भी फच फच की आवाज कमरे में गूंजने लगी। बालू अपना लन्ड मेरी गांड में पूरा जड़ तक डाल देता, मुझे बहुत मजा आ रहा था अब मेरा सारा दर्द मिट गया। करीब 10 मिनट बाद मेंने आशीष को होठों से हटाया और गाली बकने लगी, मैं बोली जोर से बहन चोद अपनी रंडी को चोदो जमकर, वो दोनों भी गाली बक रहे थे मुझे बोले साली कुत्तिया सबसे बड़ी छिनाल है रे वन्धया और चूत में पूरा लन्ड डालने लगा आशीष करीब 20 मिनट तक दोनों ने चोदा, तभी सबसे पहले आशीष बहुत जोर से झटके मेरी चूत में मारने लगा और मेरे दूध चूसने लगा साथ में बोला साली छिनाल सबसे चुदाई करवाती है,तभी बालू बोला अब तो बता दे वन्धया कितनों से चुदवाई हो आज तक में, दोनों तरफ मेरे लन्ड घुसे थे मैं फुल जोश में थी तो सब कुछ सच सच बता दिया। तब मैं बोली जिसने भी मांग लिया मुझसे और बोल दिया कि चोदने दोगी उसे आज तक मना नहीं किया मम्मी कसम और समय पर आ गया तो चुदाई करवा लेती हूं, किसी को मना नहीं करती। करीब 200 लोग मुझे चोद चुके हैं कुछ को मैं जानती हूं, जब मेरा मन करता है तब मुझे कुछ होश नहीं रहता मैं कई बार किसी को भी फोन लगा कर और बुला लेती हूं, अगर कोई पहचान वाला नहीं मिला तो अंजान से भी करवा लेती हूं मुझसे बर्दाश्त नहीं होता, मैं जब गर्म कहानियां सेक्सी कहानियां पढ़ती हूं तब जो भी मिल जाए उसी से चुदवा लेती हूं। कई बार तो उन चोदने वाले मर्द को पहचानी भी नहीं, यह सब सच बता रही हूं। इस बात का बहुत बुरा मत मानना मैं बहुत सेक्सी और हॉट हूं नेचुरली, इतनी चुदासी हो जाती हूं कि बता नहीं सकती, यही सच्चाई है। अब आशीष बहुत तेजी से झटके मेरी चूत में मार रहा था उसका पूरा लन्ड मेरे अंदर घुस जाता और फिर बाहर निकालता मेरे दोनों बूब्स जमकर दबाना और चूसना शुरू कर दिया। और लंबी लंबी सांसे लेने लगा, मैं पागल हो रही थी बिल्कुल अपनी कमर और गांड दोनों को उछाल रही थी, तभी आशीष करीब 20 मिनट जमकर चोदने के बाद बोला बाद बहुत सेक्सी हो बंध्या, तुम्हें चोदने पर मुझे दुनिया की सब मिल जाता है तुम्हें चोदे बिना मैं नहीं रह सकता। अब तेरी शादी के बाद तेरी चूत चाटने आया करूंगा, बालू बोला हां आशीष तुम मस्त चाटते हो रोज आकर चाट जाया करना, दोनों ही बहुत मस्त चोद रहे थे आशीष बोला मैं अब झड़ने वाला हूं। बता मेरा लन्ड रस बंध्या पिएगी या चूत में ही डाल दूं ,मैं बोली अपना लन्ड रस मुंह में मेरे डालो और सच में आशीष मेरे मुंह में डालकर अपना पूरा रस मेरे मुंह पर भर दिया, मैं उसे चाट ली, मुझे सेक्सी मूड में रखना पसंद है मैं चाट चाट की खाली कर दी तभी तो 5 मिनट में लन्ड साफ होने के बाद आशीष मेरे उपर से हट गया। अब बालू मुझे बोला कि घोड़ी बन जा वन्धया और मैं लन्ड डलवाए डलवाए घोड़ी बन गई, अब जोर-जोर से पीठ तरफ से बालू मेरी गांड में लन्ड डाल रहा था और पीछे से दूध पकड़े हुए बहुत जोर से दबा रहा था, तभी अंदर मेरे बहुत गर्मी होने लगी, मैं बोली मेरे भड़वे कुत्ते बालू और चोद गांड को मेरी और उसका जोश बढ़ाया तो वह जम जम से चोदने लगा। करीब 10 मिनट मेरी गांड लगातार चोदता रहा बालू और फिर बोला वन्धया अब मेरा रस निकलने वाला है कहां लेगी, मैं बोली गांड में ही डाल दो और बालू अपना पूरा लन्ड रस गरम-गरम गांड में डाल दिया, मैं बिल्कुल मदहोश हो गई और अब मैं भी झड़ गई और इस तरह मैं अपने होने वाले पति बालू के सामने आशीष से बहुत जमकर चुदवाई अब पूरे शरीर में मेरे अकड़न और दर्द हो गया, तब आशीष मेरी चूत और गांड दोनों चाट कर साफ किया आशीष को चाटते देखकर बालू बोला वन्धया डार्लिंग आशीष को चाटने के लिए नौकरी में आज से रख लें, मैं सच बताऊं मुझे बहुत अच्छा लगा मैंने बालू को बोला मुझे तुम्हारी यही अदा बहुत पसंद आती है। और मैं बोली आशीष आज से तेरी नौकरी मेरी तरफ से भी पक्की तू हमेशा आंखें मेरी चूत और गांड चाट जाना, इतना सुनते ही आशीष मुझसे लिपट गया पीछे से, और आगे से बालू दोनों मुझे चूमने लगे, मेरे होठों को मेरे पीठ को सबको चूमा। मैं बालू से बोली कभी कभी अगर आप बुरा ना मानो तो आशीष से डलवा लिया करूंगी वो भी आपके सामने, बालू बोला ठीक है मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं पर जो भी करना मुझे बता कर या मेरे सामने फिर जिसमें तुम्हारी खुशी हो सब करना। मुझे बालू की यह बात बहुत अच्छी लगी मैं बालू से लिपट कर उसके होठों पे किस करने लगी बालू भी मेरे होठों को चूमने लगा और बोला आशीष अब तुम निकल जाओ क्योंकि मम्मी आने वाली होंगी। आशीष कपड़े पहना और बाहर निकल गया । फिर बालू और मैंने भी कपड़े पहने करीब पन्द्रह मिनट बाद मम्मी आ गयी। आते ही बालू से मम्मी पूंछी बेटा ये अच्छे से मिली और अच्छे से बातचीत की है, मैं बोली मम्मी जो बोलोगी उससे दूगुना ही करूंगी और आज भी की हूं। मम्मी बोली मुझे हट सैतान लड़की मेरे बालू बेटा को परेशान मत करना हर बात मानना मैं बोली जी मम्मी आपसे भी आंगे निकल जाऊंगी और बन भी जाऊंगी। यह कहानी एक एक शब्द मम्मी की कसम सही है उसमें एक शब्द भी मैं झूठ नहीं बोली। इसके बाद मैं अपने जीवन की आज तक की हुई सभी तरह की मर्दों से मुलाकात की एक एक बात बिना छुपाये कहानी के माध्यम से लिखकर बताती रहूंगी। मेरी पहली घटना या पहली मुलाक़ात फिर दूसरी बार में कैसे दो मर्दों ने सील भंग किया फिर आशीष कैसे मुझसे प्यार करने लगा और कैसे मैं इतनी हाट गर्ल बन गई और फिर शादी के बाद भी कब कैसे हुआ एक एक सत्य घटना पागलपन है, ऐसा कि कोई सोच नहीं सकता है। जो कोई सोच नहीं सकता है, उसे मैं कर चुकी हूं आप जानेंगे तो मदहोश होकर पागल हो जायेंगे खुद पर कंट्रोल नहीं कर पायेंगे और मुझे देखने के बाद तो आप रह ही नहीं पाओगे ये दावा है मेरा , मेरी सत्य घटना पर जो मैं लिखी हूं आपको कैसी लगी मुझे मेरी मेल आईडी पर मेल कर के बता सकते हैं।
मेरी मेल आईडी है-

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