हवस की देवी नीना का मास्टर प्लान

दोस्तों! आपको मेरी स्विट चुदक्कड़ वाइफ नीना की चूत का सैल्यूट। मैं आज आपको उसकी एक ऐसी चुदाई की सच्ची घटना बताने जा रहा हूं, जिस कहानी को पढ़कर आपका लंड खुलेआम बगावत कर देगा या आप शादीशुदा महिला हैं और हसबेंड आपसे दूर दूसरे शहर में या सात समंदर पार रहते हैं तो आप 24 घंटे के •ाीतर कहीं से •ाी अपनी पसंद का एक मजेदार लौंड़े की तलाश करने को मजबूर हो जाएंगी।
बात उन दिनों की है, जब मेरे बचपन के अजीज दोस्त अमित के साथ हम दोनों चुदाई की पींगे बढ़ा चुके थे। वैसे आप तो जानते ही हैं कि नीना को जो लंड पसंद आ जाता है, उसका •ारपूर मजा लूटे बिना वह नहीं छोड़ती। त•ाी तो नीना उन दिनों मुझसे बार-बार अमित से चुदवाने की मिन्नतें किया करती थी। गर्मी के दिन थे अप्रैल का महीना। बच्चों की परीक्षाएं चल रही थीं। इस सप्ताह में तो उसने मुझसे कई बार अमित को घर में लाने को कहा, मगर मौका ही नहीं मिल पा रहा था। आज सुबह नींद खुली तो रात की चुदाई से याद आया कि नीना की झांटे कुछ बेतरतीब ढंग से बढ़ गई हैं। उस पूरे साल •ार नीना मेरी और मैं नीना की झांट साफ किया करते थे। सो, मुझे लगा, क्यों न आज नीना झांट साफ कर दूं और लगे हाथ अमित के लौंड़े से बेचारी प्यासी बीवी की चूत का टेस्ट •ाी बदलवा दिया जाए।
सुबह के करीब साढ़े सात बजे होंगे। बच्चे •ाी परीक्षा देने के लिए निकल चुके थे। यही सब सोच रहा था कि तब तक नीना मेरे लिए चाय लेकर आ गई और साथ में वह •ाी चाय पीने बैठ गई। बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ तो मैंने पूछा, ‘अगले दो घंटे का समय निकाल पाओगी क्या मैडम?’ मेरे सवाल पर नीना आॅरिजनल चुदक्क्ड़ लेडी के माफिक खिल-खिलाकर हंस पड़ी और बोली, ‘क्यों? मेरे माल को बुलाओगे क्या अ•ाी?’ दरअसल नीना को उस दिन के मेरे व्यस्त शेड्यूल के चलते ऐसी उम्मीद नहीं थी कि आज उसे यह गिफ्ट मिलना सं•ाव हो पाएगा। मेरा जवाब रहा, ‘सोच तो यही रहा था, अगर तुम चाहो।’ इस पर नीना तपाक से बोली कि वह तो तैयार ही है। बताओ, अगला काम। वास्तव में अ•ाी •ाी वह मजाक ही समझ रही थी, मगर जैसे ही मैंने कहा, ‘मैडम, आउटसोर्सिंग चुदाई के लिहाज से आप की चूत हाइजनेनिक नहीं है।’ तब नीना सचमुच सीरियस हुई और उसे याद आया कि अरे हां, चूत पूरी तरह साफ नहीं है और झांट बनाना तो सच में बहुत जरूरी है।
बहरहाल हम दोनों फटाफट चाय सुड़कने लगे। आखिरकार सेक्स एंज्वाय करना था हम दोनों को। जैसा कि मैं पहले ही अपनी एक कहानी में आपको बता चुका हंू कि अमित का घर अपने मोहल्ले में बिल्कुल पास ही है। नीना को तैयार होने के लिए बोलकर मैं अमित को आज के चुदाई शिविर की जानकारी देने चला गया। जल्दी-जल्दी में मैंने अमित को कुछ इस तरह से जानकारी दी, ‘आज नहीं, बल्कि अ•ाी थोड़ी देर में तुम्हारी •ाा•ाी जान तुमको अपना शिकार बनाने वाली हैं, इसलिए सारे प्रोग्राम बदल डालो। तब तक वे अगले 15-20 मिनट तक ड्रेस अप होंगी। उसके बाद मैं अपने फ्रंट रूम की बार्इं खिड़की खोल दूंगा, जो तुम्हें यहां से दिखाई दे रही है। यह तुम्हें आने के लिए ग्रीन सिगनल होगा। इसके बाद किसी से पूछे बिना तुम दूसरे कमरे में दाखिल हो जाना। वहां पर तुम्हारी •ाा•ाी जान चुदाई का पूरा सेट लगाकर तैयार मिलेंगी। जहां आज के शेड्यूल के मुताबिक हम दोनों ही एक साथ मैडम की सेवादारी करेंगे। उनकी सेवा में कोई कमी न जाए, इस बात की उन्होंने खास ताकीद की है। वजह, बीते तीन सप्ताह से वे मस्त चुदाई का मजा लेना चाह रही हैं, मगर मौका हाथ नहीं लगा। आज वे •ारपूर मिस नहीं करना चाहतीं। अगर इस बार हम फेल हुए तो शायद आगे से तुम हमेशा के लिए कैंसल •ाी कर दिए जाओ, इसलिए जुट जाओ फटाफट तैयारी में।’
व्यस्तता के बावजूद सारे शेड्यूल कैंसल कर अमित ने पूरे दिलोजान से मेरी मैडम की चुदाई करने का वादा किया और बोला कि तब तक वह •ाी परफ्यूम, टेलकम पॉवडर और अंडर आर्म्स की सफाई करके तैयार हो जाता है, क्योंकि उसकी •ाा•ाी साहिबा को सफाई बेहद पसंद है। वैसे •ाी उनकी चुदाई तो स्पेशल आॅकेजन है। इसके बाद मैं फटाफट अपने घर में वापस आया। तब तक मैडम पानी गरम कर चुकी थीं। इसके बाद चूत को नीट एंड क्लीन बनाने की जिम्मेदारी मेरी थी। अगले कुछ समय में बॉडी लोशन से मसाज करने के बाद नीना जांघें, कमर, चूचियां, चूतड़ सब कुछ दमकने लगा था। इस बीच नेल पॉलिश •ाी हल्की पड़ रही थी तो डार्क महरूम कलर की नेल पॉलिश और वैसी ही लिपस्टिक ने नीना को साक्षात रति का रूप बना दिया, जो आज मेरे साथ ही अमित को एक संग •ोगने के लिए सज चुकी थी। यह पूरी तैयारी उसी अटैच्ड वाशरूम वाले कमरे में थी, जहां मैडम ने इस खास अंदाज की चुदाई का प्लान बनाया था।
इतनी तैयारी के बाद मेरी नीना मैडम डबल बेड पर लेटकर ग्रोनअप साइज में बढ़ रही अपनी चूचियों से खेलने लगीं। अब बिना देर लगाए मैं सिगनल विंडो खोलकर अमित के आने का इंतजार करने लगा। मुश्किल से पांच मिनट ही बीते होंगे कि अमित किसी ओलंपिक मेडल जीतने वाले खिलाड़ी जैसी मंद-मंद मुस्कान लिए हुए कॉरीडोर से होते हुए पहले कमरे में दाखिल हुआ और मुझसे शेकहैंड किया। फिर डोर लॉक कर हम दोनों आगे बढ़ गए। यहां बताना जरूरी है कि मैंने नीना को तब तक नहीं बताया था कि अमित के दाखिल होने का एक्यूरेट टाइम हो गया है, जिससे वे अपने बड़े ही स्वा•ााविक अंदाज में चूचियों और चूत से खेलने में मस्त थीं। नीना को पता ही नहीं चला कि हम दोनों कब उनके कमरे में दाखिल हुए। उनके बदन पर एक टावेल तक न थी। बिल्कुल साफ चूत, आयली टाइप लोशन युक्त बॉडी, गहरा सुर्ख लिपस्टिक, नेल पॉलिश और टांग पर टांग डाल कर आधी लेटी और आधी बैठी हुई नीना डार्लिंग दुनिया की किसी बड़ी पोर्न स्टार से कम नहीं लग रही थीं। अचानक अमित को मेरे साथ देखकर वे थोड़ा सहम गर्इं। फिर शर्मिली, मगर जोरदार मुस्कान के साथ नीना ने अमित को वाशरूम में जाने का इशारा किया। दरअसल नीना ने आज वाशरूम सेक्स का माइंड सेट तैयार किया था। मगर उनसे गलती यह हो गई कि मुझे नहीं बतार्इं, जिससे अमित थोड़ी देर के लिए डिप्रेशन में चला गया।
वास्तव में नीना पहले अमित को शावर लेने को बोलतीं, इसके बाद उसे बाहर खींच कर लातीं। जहां हम तीनों को बहुत देर तक फोर प्ले करना था। फिर बाद में तीनों शावर में नहाते हुए सेक्स करते। मगर प्लान न मुझे मालूम था और न ही अमित को, जिससे अमित हकबका गया। अमित को लगा कि नीना की खुली हुई चूत और चूचियां सामने हैं, फिर •ाी वाशरूम में जाने को क्यों बोल दीं। कहीं ऐसा तो नहीं कि पिछली किसी चूक के लिए उसे काले पानी की सजा दे दी गई। जिस शॉक से अमित का आठ-नौ इंच का मोटा तगड़ा लंड सिकुड़कर लूल्ली बन गया। कोई हरकत न देखकर नीना ने मुझे इशारा कर उसे बाहर लाने को कहा। बिना देर लगाए मैं कामुकता की साक्षात अवतार अपनी नीना देवी के आदेश का पालन करते हुए मैंने उसे मैडम के बेड पर हाजिर किया।
सुबह का समय था तो अमित उसी हिसाब से शूटेड-बूटेड होकर आया था। इस बात पर नीना ने चुटकी लेते हुए कहा,‘क्यों देवर जी, किसी इंटरव्यू में जा रहे हो या फिर …….’ अपनी चूत की ओर इशारा करते हुए उन्होंने अमित की टाई पकड़कर अपनी ओर खींच लिया। एक तरह से यह मेरे लिए इशारा था कि मैं अमित को न्यूड कर दूं। मैंने देर लगाए बिना अमित की कथित इज्जत को तार-तार कर दिया। ऐसे गरम सीन को देखकर लंड खड़ा होने में •ाला कितनी देर लगती। अमित के बदन पर अंतिम कपड़ा उसका अंडर वियर था, जिसे हटाते ही नीना ने बड़ी फुर्ती दिखाई और गपाक से पुराना खेला खाया लंड अपनी मुट्ठी में •ाींच लिया। इसके साथ ही अमित के मुंह से जबरदस्त सिसकारी निकल पड़ी।
अमित की इस अदा पर तो जैसे नीना पर वासना का •ाूत सवार हो गया। हम तीनों इससे पहले शायद कम से कम एक दर्जन बार से अधिक हम बिस्तर हो चुके थे, मगर नीना को लंड के लिए इतना पागल होते मैंने क•ाी नहीं देखा। पलक झपकने •ार की देर लगी होगी कि नीना ने अमित के लौंड़े को अपने मुंह में लेकर गले तक उतार दिया और उपर-नीचे सटाक-सटाक मारने लगी। मैंने अपनी •ालाई तो इसी में समझा, जो बिना समय गंवाए बेड के दूसरे बाजू की ओर मुड़ गया, जहां से चुपचाप मैडम की चूत में अपनी जी•ा से गर्मी देने लगा। सचमुच मेरा यह प्रयोग नीना को खूब •ााया, मगर करीब 10 मिनट बाद इसका असर हुआ। इधर नीना रानी अपने प्रिय देवर जैसे पड़ोसी और हसबेंड के बालसखा अमित का लंड क•ाी चाटलेट की तरह काट-काटकर खा रही थीं तो क•ाी आइसक्रीम की तरह जी•ा से चाट रही थीं। कोई 10 मिनट की चूत चटाई के ईनाम में नीना ने कहा, ‘वाह रे मेरे राजा, हसबेंड तो तेरे जैसा हो। तुने तो मुझे जन्नत के दरवाजे तक पहुंचा दिया। अमित अब पूरी सैर कराएगा।’ इसके बाद नीना ने इठलाते हुए सेक्सी अपील के साथ मुझसे कहा, ‘जीते रहो जानम और जरा मेरी चूचियों पर •ाी एक नजर डाल दो।’ इतना कहकर नीना धड़ाम से चारों खाने चित्त हो गई और गचागच लंड लेने का इंतजार करने लगी।
इस मौके पर अमित •ाी कहां चूकने वाला था, वह नीना की चूत में लंड घुसाने ही वाला था कि मैंने उसे रोक दिया। फिर अपनी हथेली से चूत के जी-प्वाइंट को सहलाते हुए चूत से बह रहे पानी को थोड़ा सा कम किया और फिर मखमली हैंकी से सफाई करते हुए नीना की दोनों टांगों को इस तरह फैलाया कि चूत की दीवारों से सटकर अमित का लंड मेरी जाने मन को नए किस्म की चुदाई का एहसास करा दे। मगर उसके पहले चूतड़ के नीचे दो तकिए रख दिए, जो मैडम का फेवरेट पोज बनाता है। दरअसल नीना नीचे होकर चुदाई करते वक्त अपनी दोनों टांगे उठाकर चोदने वाले के कंधे पर रख देती हैं और खुद सिसकारी मार-मारकर चूत के अंतिम छोर पर तक लंड के ठोकर का धक्का लेती हैं, जो उन्हें चुदाई के परम सुख का एहसास कराता है।
यह सब करने में थोड़ा समय लगने लगा तो नीना मुझसे खफा हो गई। मगर पूरी योजना समझ में आते ही उनकी कातिलाना मोहक मुस्कान देखने को मिली, जिसका मैं दिल से दीवाना हूं। इसके बाद तो नीना अपनी खुसी छिपा नहीं पार्इं और हौले से बड़े प्यार के साथ मुझे अपने बराबर में चूचियों से खेलने के लिए उपर की ओर बुला लिया। साथ ही नीना अपने सेक्सी लिप्स से मुझे बेहतरीन किस-टिप्स देने लगीं। उधर अमित की धमकपेल चुदाई जारी थी। लंड चूत की जड़ तक जाकर ठोकर मारता और फिर लौटकर पूरा बाहर आने के बाद ही अगली बार बालिंग करता। नीना की चूत इस समय वन डे इंटरनेशल मैच के क्रिकेट का पिच बनी हुई थी। ‘कोई •ाी बाल नो बाल नहीं होनी चाहिए।’ यह इंस्ट्रक्शन था मैडम का। पूरा लंड खींचकर बाहर निकालो, उसके बाद फिर से जड़ तक पेलो। शुरू में तो खुद नीना ही अंपायरिंग कर रही थीं और हर बाल पर जोरदार शाट •ाी लगा रही थीं। मगर जब मैं अंपायरिंग करने लगा तो नीना हर बाल पर सिक्स मारने लगी। लंड ठोकर मारे, इससे पहले चूतड़ उछाल दे रही थी। यानी शानदार चुदाई का बेहतरीन नमूना। मेरी नीना डार्लिंग को अमित की हर फुल-बाउंसर बाल मस्त कर रही थी। चूत की दीवारों को टाइटली टच करते हुए न जाने कितने मील प्रति घंटा के हिसाब से यह चुदाई चल रही होगी, इसका हिसाब लगाना •ाी मुश्किल है। मगर इतना तय है कि नीना रानी इस चुदाई में सिहर कर मजा ले रही थीं। दोस्तों, कहानी का शेष अंश ‘हवस की देवी नीना का मास्टर प्लान (•ााग-दो) में पढ़ सकेंगे। आशा है आपकी प्रतिक्रिया जरूर मिलेगी, ताकि मैं अपनी चुदक्कड़ बीवी की पूरी दास्तान खुलकर बता सकूं। कृपया मेरा मेल आईडी नोट कर लें Beenaritesh85@gmail.com
आपका अपना रितेश शांडिल्य
हवस की देवी नीना का मास्टर प्लान-02
रितेश शंडिल्य
मेरे प्रिय दोस्तों, आप कहानी के पहले •ााग में नीना की धकमपेल चुदाई के सीन की कहानी पढ़ रहे रहे थे। आपने देखा कि बेड में अमित के साथ चुदाई करते वक्त वह किस तरह से मुझे इनवाल्व किए रही। आइए, जानते हैं अब आगे की दास्तान। चुदाई के सबसे नाजुक मोड़ पर नीना के कान में मैं धीरे से कुछ फुसफुसाया। मेरे अ•ाी-अ•ाी किए गए प्रयोग से नीना को बड़ा मजा आया था। लिहाजा उसने मुझे अगले प्रोजेक्ट के लिए तुरंत इजाजत दे दी। चूत के मोर्चे पर जाते वक्त तेजी के साथ उछाल मार रही चूचियों को अपना प्यार •ारा सलाम ठोक कर मैं आगे बढ़ा ही था कि अचानक मैडम ने रोका और बोलीं, ‘तुम्हारा लंड पकड़े ही रहूंगी। छोड़ूगीं नहीं, इसलिए पलट जाओ। पलट कर चूत के साथ जो करना चाहो, कर लो।’ बहरहाल मैडम की ख्वाहिश तो पूरी करनी थी, सो मैं पलटकर अपना चेहरा चूत की ओर कर लिया, जहां अमित का गधे जैसा लंड मैडम की सुरंग में फुल स्पीड से गचागच बोरिंग करने में जुटा हुआ था।
इस तरह एक बार फिर मैंने पिंक कलर की मखमली हैंकी से चूत का पानी सुखाया। फिर जी-प्वाइंट के दोनों किनारे को अपने दोनों हाथ की एक-एक उंगली से कुछ इस तरह पकड़ा कि किसी मोटे चूहे की •ाांति चूत में घुसते हुए लंड मेरी बाकी उंगलियों की रगड़ खाता रहे। साथ मैंने अमित को सजेस्ट किया कि चुदाई की स्पीड को काफी कम करे। इसके बाद पहली बोरिंग की शुरुआत से ही मैंने एक साथ तीन काम करना शुरू कर दिया। एक, जी-प्वाइंट को दबाकर इस तरह पकड़े रखा कि चूत का गुलाबी द्वार नजर आता रहे, दो- मेरी उंगली और हथेली लंड को टच किए रहे और तीसरे, लंड घुसते समय रह-रहकर चूत की •ाीतरी दीवारों सहलाता रहूं। मेरे इस प्रयोग ने मौसम की फिजÞां ही बदल दी। लिहाजा नीना इतनी गरम हो गई कि तुरंत झड़ने के कगार पर खड़ी दिखी। उधर अमित •ाी अब तक अपना आपा खो चुका था। चार-पांच मिनट बीते होंगे कि अमित •ाी नीना की तरह आहहहहह……अहाहाहाहहहहह…….उहहहेहेहेहेहेहेहे…… ईहहहहहहहहहहहहह करते हुए झड़ने की बात करने लगा।
चूत में झड़ने के नाम नीना उसे तगड़ी वाली डांट पिलाने लगीं और बोलीं, ‘साले चूत में तो झड़ना मत, नहीं पिटाई करूंगी।’ इस पर मिमियाते हुए अमित चिल्लाया, ‘तो फिर कहां झड़ंू •ाा•ाी। निकल रहा है।’ वास्तव में नीना •ाी झड़ने वाली ही थी। दरअसल वह चाहती थी कि चूत से लेकर चूचियों तक अमित के उजले माल को परोस डाले और अंत में यही हुआ •ाी। बहरहाल बनावटी गुस्से के साथ नीना •ाड़क उठी। साथ ही अजीब सा फरमान जारी कर दिया, ‘तू ही मुझे रगड़-रगड़कर नहलाएगा मुझे। पूरी साफ-सफाई की जिम्मेदारी केवल अमित पर, मेरे जानम चाहें तो तुम्हारी मदद कर सकते हैं। अब तू समझ।’ साथ ही गुस्से से लाल पीली होने का नाटक करते हुए नीना ने अमित के लंड से निकले हुए उजले माल को अपने चेहरे से लेकर चूचियों, कमर, चूतड़ और चूत पर पोत डाली। यहां तक कि उसके लंड का बचा खुचा माल निकालकर टांगों पर लोशन की तरह मसाज करने लगी। इसके बाद शेखी बघारते हुए बोली, ‘अब चलो करो सफाई। देखती हूं कितना समय लगाते हो।’ दरअसल यह मेरे लिए गीजर आॅन करने का इशारा था, ताकि गरम पानी में शावर लेने के बाद अमित से •ारपूर चूचियां मसलवा सके।
वास्तव में उन दिनों नीना के दिमाग में अपनी चूचियां बड़ी-बड़ी करने का पैशन बना हुआ था। बता दूं कि शादी से पहले •ाी वह तीन लौंड़ों का स्वाद चख चुकी थी। इस बीच पति के रूप में मेरी नियमित चुदाई के अलावा किराएदार प्रशांत को खूब •ोग चुकी थी। एक-दुक्का लंड की तो नीना ने क•ाी गिनती ही नहीं की। मगर चूचियां बामुश्किल 34 कप साइज से बड़ी होने का नाम नहीं ले रही थीं। अमित मेरी नीना की जिंदगी का पहला मर्द था, जिसके चलते नीना को उसकी चूचियां बढ़ती हुई समझ में आ रही थीं। वह बिग साइज बूब्स का तोहफा पाने की लालच में अमित का बड़े वाले काले गुलाबजामुन जैसा सुपाड़ा पाकर निहाल हो जाती थी। उसका •ाूतहा खूंटे के माफिक लंड जब नीना की चूत में घुसता तो चूत की दीवारें चपककर लंड को पकड़े रहती थीं। शायद यही वह दौर था, जब नीना मेरे दोस्त अमित के हाथ से बूब्स मसाज कराया करती थी। इस तरह नीना की ब्रा छोटी पड़ने लगी तो वह खुसी के मार उछल पड़ी। त•ाी तो वह अमित के तगड़े लंड की दीवानी बन गई थी। हालांकि किराएदार प्रशांत का लंड •ाी अमित की तरह ही जोरदार था, मगर अमित के साथ हम बिस्तर होने का मजा कुछ अलग ही था।
खैर, थोड़ी देर में ही इठलाते हुए नीना वाशरूम की ओर बढ़ी और हम दोनों उसे फालो करने लगे। नीना ने मुझे वाशरूम में प्लाटिक की चेयर लाने को कहा। फिर मोहतरमा अपनी चूचियां उचकाते हुए चेयर पर बैठीं और साथ ही टांगे फैला दीं, ताकि वे अपने दो-दो चाकरों की खिदमतगारी का लुत्फ़ उठा सकें। मैंने इशारे से अमित को उसका पूरा टास्क समझा दिया। बहरहाल बाथरूम सीन के पहले दौर में अमित ने अपनी नीना •ाा•ाी के पूरे बदन को पीयर्स सोप के साथ गरम पानी से रगड़-रगड़कर साफ किया। चूचियों और चूत की सफाई पर नीना ने खास फोकस किया था। मगर नीना महज नहाने के लिए तो बाथरूम में गई नहीं थी। उसकी मंशा तो दो-दो मर्दों के हाथ रगड़ खाते खुल्लमखुल्ला चुदाई करनी थी। लिहाजा चेयर हटाने का आदेश हुआ।
फिर मुझे उसने दीवार से सटाकर खड़ा कर दिया और खुद डॉगी स्टाइल में आकर मेरा लंड अपने दोनों हाथों से खूंटी की तरह पकड़कर उपर-नीचे करने लगी। अब बारी आई अमित की ड्यूटी की। अगले आदेश के हिसाब से अमित ने पीछे चूतड़ की ओर से नीना की चूत में अपना लंड पूरे जड़ तक डाल दिया, जो चूतड़ पर अपना पूरा दबाव बनाए रखा। फिर अपने दोनों हाथों को घुमाकर नीना की मदमस्त चूचियों को •ाींचकर लिया। यह तो रहा नए सीन का सेट और अब शुरू होता है एक्शन प्लेगेम।
दोस्तों, नीना ने अमित को खास तौर पर निर्देश दिया कि वह न तो लंड हिलाएगा और न ही आगे-पीछे धक्के मारकर चुदाई करने की कोशिश करेगा। वह अपनी सारी कलाबाजी केवल चूचियों पर कर सकता है। वह कसकर चूचियां पकड़ने के साथ जितना चाहे मसले। फिलहाल चोदने का अधिकार तो केवल नीना रानी के पास था। फिलहाल उसे अपनी चूत से अमित के लंड पर चक्की पिसनी थी। साथ ही फ्रंट मोर्चे पर मेरे लंड से खेलते हुए नीना मुझे इस सेक्स गेम-प्लान में इनवाल्व किए रही। दोस्तों, आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मेरी चुदक्कड़ बीवी नीना ने किराएदार प्रशांत से चक्की स्टाइल की चुदाई का प्रैक्टिकल करने सीखा था। दरअसल प्रशांत अपना 9 इंच लंबा और करीब साढे तीन इंच मोटा लौंड़ा मेरी नीना की चूत में डालकर चक्की पिसने के अंदाज में चारों ओर घुमा-घुमाकर बिंदास चुदाई किया करता था। बीते दो-तीन दिन से नीना को प्रशांत की चुदाई याद आ रही थी, लिहाजा उसने तय किया कि वह आज डॉगी बनकर चूत से वृत्ताकार परिधि में अमित के गदहलंड को चोदगी। मैं बताऊं, सचमुच अमित के लिए आज की यह चुदाई यादगार बन गई। करीब आठ-दस मिनट की चुदाई में अमित बेहाल हो गया। नीना •ाी बात समझ गई कि अमित अब पानी छोड़ देगा, इसलिए पोज बदलना जरूरी हो गया।
स्लो मोशन चुदाई के नए सेशन में नीना ने मुझसे बड़े प्यार से चाय आर्डर किया और तब तक एक बकट गर्म पानी निकालकर अमित के लंड से खिलवाड़ करने लगी। अमित के लंड पर नीना जब गर्म पानी डालती तो वह बेचारा सिहर उठता, इससे नीना को बहुत मजा आ रहा था। कुल मिलाकर नीना का मकसद मात्र इतना था कि अमित का लंड अपने हाथों में लेकर पूरी तबियत से खेलना चाहती थी यानी इस वक्त मैडम एक छोसी सी बच्ची बन गई थीं और अमित का लौंडा उनका प्यारा खिलौना। तब तक मुश्किल से पांच मिनट के •ाीतर मैं कॉफी मग में अपनी ‘गाडेस आॅफ लव’ नीना के लिए मस्त वाली चाय लेकर हाजिर हो गया। मुझे वाशरूम में अपने सामने देखकर वे कातिलाना अंदाज में मुस्कुरा दीं और इसके साथ ही चुचियां उचकाते नीना अगले और शायद आज के अंतिम पोज की चुदाई का सेट बनाने लगीं, क्योंकि बच्चे अगले एक घंटे के बाद घर वापस आने वाले थे।
मैं मुश्किल से दो मिनट तक मैडम की चाय पकड़े खड़ा रहा। इस बीच नीना ने धुलाई के लिए रखे हुए कपड़ों को पीलो का शेप दे डाला। इसके बाद अमित को वाशरूम के फर्श पर लिटा दिया। फिर पिलोनुमा कपड़े को उसके हिप्स के नीचे रख दिया। मुझे लगा कि अब मैडम अमित के घोड़े की सवारी करते हुए चाय सिप करेंगी। मगर मेरी आधा अनुमान ही सच निकला। दरअसल मैडम का प्लान अमित के कड़क लंड पर ऊपर से चूत रगड़ने का इरादा था। अब शुरू हुआ मैडम का सेक्स गेम। तब तक देखता हूं कि नीना ने अपनी दोनों टांगों को फैलाकर घुड़सवार बन गर्इं। लंड के जड़ से लेकर सुपाड़े तक के पूरे हिस्से को वह अपनी चूत से रगड़घिस्स करने लगी। साथ ही मेरे हाथ से कॉफी मग ले लीं और चाय सिप करने लगीं। इस दौरान मेरी ड्यूटी मैडम की मस्ती निहारने की थी और वे अपने मोहक अंदाज में मुझे देखकर खिलखिला रही थीं। तीन-चार मिनट तक लंड घिसाई के बाद मैडम पर एक बार फिर मदहोशी छाने लगी। लिहाजा बाकी बची हुई चाय मुझे पीने लिए बढ़ा दीं। इस तरह चुदाई के अगले की ओर बढ़ते हुए नीना ने खुद को पूरा एक्सपोज कर दिया और अचानक एक ही झटके में पूरा का पूरा लौंड़ा चूत की सुरंग में खो गया यानी नीना के गरम होते ही चूत अमित के लौंड़े को निगल गई।
कह सकते हैं कि मेरी स्वीट बीवी के क्लामेक्स का असली खेल अब शुरू हुआ। नीना की बुलेट ट्रेन शायद 500 किमी. प्रति घंटा की गति से सरपट दौड़ने लगी और मैं उनकी ट्रैक पर अपनी पैनी नजर टिकाए हुए बेचारे अमित की हाल पर तरस खा रहा था। इसी बीच आहहहहहहहह उहहहहहहहह करके अमित अपना पूरा उजला माल मेरी चुदक्कड़ घरवाली नीना की चूत में उड़ेल चुका था, मगर नीना कहां रुकने वाली थी। गपा-गप पेलते हुए नीना की चूचियां की नहीं, बल्कि जुबान •ाी मेरा तहेदिल शुक्रिया अदा कर रही थी। नीना चिल्ला-चिल्लाकर दावा करने लगी, जिसके पास रितेश जैसा ग्रेट पति हो, उसे लौंड़े की कमी क•ाी नहीं हो सकती। बोलने लगी, ‘यार रितेश, मैं जब जैसा लंड चाहूं, तुम्हारे चलते मेरे लिए हाजिर है। तुम्हारा यह एहसान सात जन्मों में •ाी नहीं उतार सकती। यू आर ग्रेट, रियली ग्रेट।’ साथ ही मेरा हाथ पकड़कर नीना बेतहाशा चूमने लगी। दरअसल यही नीना का क्लाइमेक्स था। नीना की चुदाई एक्सप्रेस प्लेटफार्म पर रूकी तो वह तीन-चार मिनट तक बुरी तरह हॉफती रही। जब होश में आई तो हंसते हुए उसने मेरे हाथ से कॉफी मग छीन लिया और बची हुई हल्की गरम चाय एक-दो बार में ही सुड़क गई।
यह था नीना वाशरूम सेक्स का मास्टर-प्लान, जिसे वह लागू करके ही दम ली। दोस्तों, आपको मेरी सच्ची घटना पर आधारित यह कहानी कैसी लगी? आशा है आपकी प्रतिक्रिया जरूर मिलेगी, ताकि मैं अपनी चुदक्कड़ बीवी नीना की चुदाई अगला इपिसोड बता सकूं। कृपया मेरा मेल आईडी नोट कर लें।
beenaritesh85@gamail.com
आपका अपना रितेश शांडिल्य

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