गर्लफ़्रेंड और उसकी सहेली की चूत चुदाई

दोस्तो, अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है, उम्मीद है आपको पसंद आएगी।
मैं एक आर्किटेक्ट हूँ, दिल्ली में नया नया आया था, मुझे एक बड़ी फर्म में जॉब मिल गई थी और मैं बहुत खुश था।

मेरी नई कंपनी नेताजी सुभाष प्लेस में थी, पहले दिन ही मेरी सबसे अच्छी दोस्ती हो गई थी। मेरी कंपनी में करीब 80 लोगों का स्टाफ था लेकिन मेरा दिल तो तब टूट गया क़ि साला पूरे ऑफ़िस में एक भी माल लड़की नहीं थी। सारी की सारी आंटी या तो आउटडेटेड लड़कियाँ रखी हुई थी।
फिर क्या… बस काम में ही दिल लगाना पड़ता था।

लेकिन एक दिन मेरी सोई हुई किस्मत जैसे पलट गई, रोज की तरह लंच के बाद हम सभी ऑफ़िस के बाहर घूमते थे।
एक दिन हम घूम रहे थे ओपन प्लाज़ा में तो मैंने देखा कि एक लड़की मुझे काफ़ी देर से देख रही है।
पहले तो मुझे बड़ा अजीब लगा, फिर मैं भी उसे देखने लगा और फिर तो लगभग रोज का यही किस्सा हो गया था।

लड़की क्या थी यार, कयामत थी बिल्कुल, सफेद दूध के जैसे स्किन, बड़ी बड़ी आँखें और गुलाब जैसे होंठ।
मैं तो उसको देख कर पागल सा ही हो गया था।
फिर वक्त निकलता गया और दो महीने तक बस देखा देखी होती रही क्यूँकि दिल्ली की लड़की से दोस्ती करने की हिम्मत तो नहीं थी मुझ में।

आखिर एक दिन मैंने उसकी तरफ़ हाथ हिलाया किया तो उसने भी मुस्कुरा कर हाथ हिलाया किया और दो महीने बाद पहली बार हम दोनों में बात हुई पहली बार।
मैं बहुत नर्वस था और उसको भी यह बात पता चल गई थी।
उसका नाम था शीतल, बिल्कुल स्वर्ग की अप्सरा थी।
आखिर हम दोनों दोस्त बन गये और एक दूसरे का नंबर भी ले लिया।
दिन ऐसे ही गुज़रते गये, हम दोनों में बहुत बातें होने लगी और हम पक्के दोस्त भी बन गये।

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एक दिन मैंने उसको प्रपोज़ कर दिया, थोड़ा ना नुकुर के बाद उसने हाँ बोल दिया और बोलती भी कैसे नहीं मैंने अपना पूरा चार्म जो चलाया था।

एक दिन करीब शाम को शीतल का फोन आया, वो बोली- पार्टी में चलना है मेरी क्लोज़ फ्रेंड के घर!
मैंने उसे पिक किया और उसकी सहेली रीमा के घर चले गये।
आज तो वो कुछ ज़्यादा ही हॉट लग रही थी। मैंने आज तक वैसे कभी कुछ ग़लत नहीं सोचा था शीतल के बारे में लेकिन आज तो वो जैसे कामसूत्र की कोई देवी लग रही थी, काले टॉप और काली मिनी स्कर्ट में बिल्कुल जैसे बाहों में भरने के लिए आमंत्रित कर रही हो।

हम दोनों रीमा के घर पहुँच गये, रात के आठ बज गये थे, मुझे लगा था कि कोई ज़बरदस्त पार्टी होगी लेकिन वहाँ तो कोई नहीं था। मैंने शीतल से पूछा- पार्टी कहाँ है?
तो वो बोली- आज रीमा का जन्मदिन है लेकिन क्यूँकि वो दिल्ली में अकेली रहती है इसलिए वो ही उसकी इकलौती दोस्त है।
मेरा दिमाग़ हिल गया दो अकेली हॉट लड़कियों के बीच बस मैं था।

खैर उन दोनों ने केक काटा, मैंने भी रीमा को विश किया तो वो गहरी नज़र से मुझे देखते हुए मुस्कुरा दी। रीमा ने थैंक यू बोलते हुए मेरे गाल पर एक किस कर दिया और बोली- मेरा गिफ्ट कहाँ है?
मैं भी हंस दिया और बोला- मैं ही हूँ आपका गिफ्ट।

तो वो बहुत तेज़ हंसती हुई शीतल को बोली- यार तू बड़ी लकी है जो इतना हॉट बायफ़्रेंड मिला है।
शीतल बोली- काहे का लकी… आज तक इसने मुझे ढंग से किस भी नहीं किया।
मैंने दिल ही दिल में सोचा ‘साला आज कहा फँस गया।’

फ़िर रीमा अंदर से वाइन की एक बोतल ले आई और उसने वाइन ग्लास में करनी शुरू कर दी।
शीतल तो जैसे जन्मों से वाइन की प्यासी थी, ग्लास भर भर के पीने लगी और रीमा भी उसका साथ देने लगी।

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अब मेरा ध्यान उन दोनों के जिस्म पर जाना शुरू हो गया था। शीतल का फिगर कुछ 34-26-32 होगा, ग़ज़ब की सुंदर थी वो और रीमा भी 34-28-32 ही होगी और वो भी शीतल से कुछ कम नहीं थी।
दोनों एकदम पक्की सहेलियाँ थी।

रीमा को जब नशा सा होने लगा तो उसने वोदका भी निकल ली और हनी सिंह के गाने लगा कए दोनों शाउट्स मारने लगीं।
मैं भी नशे में हो गया था, हम तीनों ही एकदम मदहोश थे।

रीमा डान्स करने लगी और उसने मुझे और शीतल को भी खींच लिया, अब हम तीनो डान्स कर रहे थे। ग़ज़ब की आग थी रीमा में… उसे देख कर अलग ही फीलिंग आ रही थी, मेरा लंड कुछ कुछ हरकत में आ गया था लेकिन इससे वो दोनों बेख़बर थी।

तभी मेरे होश उड़ गये जब रीमा ने शीतल को उसके लबों पर किस कर दिया और वो भी फ्रेंच किस… दोनों एक दूसरे की जीभ चाट रही थी और रीमा ने मुझे देखा… उसकी आँखों में अजीब सा नशा था।
वो मेरी तरफ आई और मेरे होंठों को पागलों की तरह चूसने लगी और मेरा लंड पकड़ लिया।

मैंने उसे धक्का दिया क्यूंकि यह सब इतना जल्दी हुआ कि मुझे कुछ समझ ही नहीं आया।
शीतल यह देख कर हँसने लगी और रीमा से बोली- रंडी साली, तुझे मेरा ही बायफ़्रेंड मिला था?
फिर शीतल हँसती हुई बोली- पहले मैं इसे टेस्ट करूँगी।

और वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे होंठ चूसने लगी।
मुझे तो बेहोशी सी छा रही थी… क्या मस्त मौसम था।
मैंने भी शीतल की कमर पकड़ी और उसके होंठ चूसने लगा, फिर उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी।

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