मेरी कज़िन सिस्टर गुड्डी की चुदाई

हाय, मैं डीके का बहुत पुराना रीडर हू, मुझे इस साइट से इंडियन सेक्स स्टोरी पढ़ना अछा लगता है और इसी वजह से आज मैं मेरी खुद की कहानी भी आपको बताने की इछा रखता हू, कोई ग़लती हो तो माफ़ करना.

मेरा नाम केकुमार है, मेरी एज 26साल की है, मेरी हाइट 5’5″ है, मेरा वेट 62केजी है, बॉडी एवरेज है, मैं गोरे रंग का हू और मेरे लंड का साइज़ 6.5″ लंबा और 2.3″ बड़ा है, मेरी कज़िन का नाम गुड्डी है, उसकी एज 21 साल की है और हाइट 4.8′ है, वेट 56केजी है और थोड़ी साँवली है, उसकी फिगर 34,30,36 की है.

बात उस वक़्त की है जब गुड्डी 18 साल की थी, और मैं 21 साल का था, गुड्डी मेरे यहा मेहमान आई हुई थी, तो दिन भर तो हमने मस्ती मे बिताया पर रात को सोने का वक़्त आया, सब नीचे सो रहे थे, मैने गुड्डी को बोला हम उपर छत पे सोते है, मेरे छोटे भाई को भी बोला पर वो नीचे ही सो गया, तो छत पे हम सिर्फ़ दोनो ही सोने चले गये.

हमने हमारा बिस्तर साथ मे ही बिछा दिया छत पे नीचे ही..

तब तक तो मेरे मन मे गुड्डी के लिए कोई बुरा ख़याल नही था, तो हम सो गये.

रात को करीब 1 बजे मेरी नींद खुली तो मैं गुड्डी को चिपक के सो रहा था, मैने देखा तो गुड्डी टी~शर्ट और केप्री पहन के सो रही थी, आज तक मैने किसी लड़की को चोदा नही था, तो गुड्डी और मैं अकेले छत पे थे और गुड्डी मेरे बाहो मे थी.

तो मेरा लंड खड़ा होने लगा.

मैने एक हाथ गुड्डी के बूब्स पे रखा और धीरे से सहलाने लगा, कोई आहट ना हुई तो मेरी हिम्मत बढ़ी और मैने थोड़ा ज़ोर से बूब्स मसला, तो गुड्डी थोड़ी हिली और उसने अपना हाथ मेरे हाथ पे रख दिया, मैने फिर थोड़ा बूब्स दबाया तो गुड्डी के मूह से अह्ह्ह सी निकल गई.

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मैं समझ गया गुड्डी जाग गयी है और उसे भी मज़ा आ रहा है, मैने गुड्डी को मेरी और घुमाया और उसके होंटो को किस करने लगा, उसके होंटो का रस क्या मस्त लग रहा था, पहली बार किसी लड़की को किस कर रहा था तो बहुत ही रोमांचित हो गया था, मैं अलग ही दुनिया मे खो गया, कितने रसीले थे गुड्डी के होट.

गुड्डी धीरे से बोली भाई ये क्या कर रहे हो..

मैने उसे कहा क्यो तुझे अछा नही लगा? वो बोली अछा लगा भाई, पर किसी को पता चल गया तो? वो डर रही थी, मैने उसे कहा की किसिको कुछ पता नही चलेगा, तो वो बोली ठीक है भाई, आपको जो अछा लगे आप कीजिए, मैं आपकी ही हू.

फिर तो क्या था मैने जल्दी से गुड्डी का टी शर्ट निकाल दिया और ब्रा भी निकाल दी, और उसके बूब्स को चूसने लगा.

वो धीरे धीरे आवाज़ निकाल रही थी अह्ह्ह अह्ह्ह सिससस्स अह भाई आह और चूसो, आह..

फिर उसकी कॅप्री निकाल दी, और पैंटी को भी निकाल फेंका, वो बिल्कुल नंगी थी, उसकी चूत पे हल्के से बाल जैसे थे, थोड़ी सी फूली हुई चुत, मैने चुत के फंख़् को थोड़ा फैलाया तो देखा उसकी चुत एकदम गुलाबी थी, और मखमल की तरह सॉफ्ट थी, उसकी चूत का छेद भी छोटासा था.

मैं उसकी चूत को हाथ से मसल ने लगा, और उसके छेद के साथ छेड़खानी करने लगा, फिर मैने उसकी चुत के दाने को(क्लाइटॉरिस) को उंगली से दबाया, वो उछल पड़ी, फिर रगड़ना चालू किया, वो सिसकिया भरने लगी..

आह्ह ओह्ह नो अह एस ओह्ह्ह भैईई ओह आपने क्या कर दिया अह्ह्ह्ह गुदगुदी सी हो रही है ओह्ह.

फिर मैने उसकी चुत को अपने मूह से लगाया…

क्या मखमली कोमल चुत थी उसकी, छोटी सी चुत, मैने उसे चूसना शुरू किया..उसका चुत का रस जो की खट्टा सा था वो मेरे मूह मे आ गया, मैने जिब डाल के उसकी चुत को चाटा, वो तड़प रही थी.

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और आवाज़ किए जा रही थी, अह्ह्ह, अह्ह, अह्ह, उई मा, छू..सो, ज़ोर से चूसो, भाई, अछा लग रहा है, और चूसो.

मैने जीभ भी डाल के चाटा, और उसकी चुत के रस को मूह मे लेने लगा, वाह क्या स्वाद था, ऐसा स्वाद तो किसी पकवान का भी नही होता.

उसकी चुत टाइट थी, छेद बहुत ही छोटा सा था.वो तड़प रही थी, फिर मैने उसकी चुत मे एक उंगली रखी और उसे घिसने लगा, वो तड़पति रही, मैने उंगली को दबाव दिया और उसकी चुत मे घुसा के अंदर बाहर करने लगा, उसे दर्द हो रहा था, पर साथ मे मज़ा भी आ रहा था.

मैने रुमाल निकाल के उसकी गॅंड के नीचे रख दिया.

मैने वक़्त ना गँवाते उसकी चुत मे अपने लंड का टोपा रखा और धक्का दिया, तो थोड़ा थोड़ा अंदर गया, उसे दर्द होने लगा, वो चिल्लाने वाली थी पर मैने उसके मूह पे हाथ रख दिया और धीरे धीरे चोदना चालू किया, चोदते चोदते थोड़ा लंड को अंदर करता गया, और 4 इंच तक लंड घुसा चुका था..

वो तड़प उठी, चिल्लाने लगी, नही नही, निकल लो, दर्द कर रहा है, बच्ची हू मैं, प्लीज़ भाई, पर मैं कहा रुकने वाला था, वो रो रही थी और मैने उसके मूह पे ज़ोर से हाथ दबाया और एक जोरदार शॉट लगाया और पूरा लंड अंदर चला गया.

वो तो जैसे मछली की तरह छटपटाने लगी, रोने लगी, उई माआ, दुख रहा है, मरररर, गयी मा, प्लीज़ निकालो, ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह, नही, निकाल लो, नही चुदवाना है, पर मैने थोड़ी देर वैसे ही रुकने के बाद धक्के लगाना चालू किया, अब उसे थोड़ी राहत मिली, क्योकी लंड के घिसने से उसकी चुत पानी छोड़ने लगी और रसीली हो गयी, अब मैं ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.

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