कॉलेज टाइम के वो सुनहरे दिन

मैने उसको एक कपड़े से सॉफ किया, क्योकि बाथरूम बाहर था हॉल मे और ये बेडरूम के डोर के सामने पर वाहा ऐसे केसे जाती, तो कपड़े से सॉफ किए.

कपड़े पहनने गयी, तो उसने मेरी ब्रा ले ली और कहा “आज ऐसे ही विदाउट ब्रा ही जाना है, ये मेरे लंड की तुम्हारी चूत पे जीत की निशानी है.”

मैने कपड़े पहने और बाहर वो लोग थे तो जाने मे काफ़ी एम्बररसे फिल हो रहा था. फिर भी जाना तो था, तो मैं बाहर निकली और मैं जाने लगी.

तो एक बोला “बहुत आवाज़े कर रही थी, लगता है सलीम ने खूब ठोका तुझे और तूने भी बड़े मज़े लिए आज तो.”

मैने उसको इग्नोर करके तुरंत ही हॉस्टिल चली आई.

उसके बाद मेरे दिमाग़ से वो जा ही नही रहा था. मूज़े काफ़ी मन कर रहा था, तो तीन दिन बाद अपने बी.एफ के पास गयी और सेक्स किया, पर मुझे वैसा मज़ा ही ना आया.

मैं अब हार्डकोर सेक्स को ही पसंद करने लगी थी. मैं मन ही मन आशा करती थी की सलीम का कॉल आए और फिर बुलाए. पर एक वीक तक उसका कॉल ही नही आया, तो मुजसे रहा नही गया, मैने उसे सामने से कॉल किया.

मैं – हाइ सलीम.

सलीम – हाइ, कॉल क्यू किया?

मैं – आज 5:30 बजे मैं तुम्हारे फ्लॅट पे आ रही हू.

सलीम – क्यू फिर से चुदवाने का मन कर रहा है क्या?

मैं – नही ऐसे ही.

सलीम – हाहाहा, ठीक है ऐसे ही आजा पर हा इस बार मैं तेरी गांड मारूँगा.

मैं – नही प्लीज़.

सलीम – तुम्हारी मर्ज़ी आना है तो आओ, पर आओगी तो पीछे से ठोकुंगा तुझे ये भी फाइनल है.

और कॉल काट दिया.

मुझे तो जाना ही था, अब मैं अपने आप को रोक नही पा रही थी.

मैं शाम को वाहा पहुच गयी. मैं तुरंत अंदर चली गयी और उस दिन भी उसने काफ़ी चोदा मुझे और मेरी गांड भी खूब मारी.

More Sexy Stories  चाची के साथ सुहागरात

वो पहली बार मैने एक्सपीरियेन्स किया था, पर थोड़ी देर के बाद बड़ा मज़ा आया. मैं जब जा रही थी तो उसके एक दोस्त ने कॉमेंट दिया “आज कुछ चाल बदल ही गयी है, लगता है सलीम ने पीछे से बहुत लिया है.”

मैं उसके सामने देखे बिना स्माइल करती हुई चली गयी.

ऐसा अब वीक मे दो बार तो होने लगा, मैं वाहा जाने लगी और उसके दोनो रूममेट मलिक और अफ़ज़ल भी मेरे फ्रेंड्स बन गये.

एक बार मैं सॅटर्डे नाइट को पूरी रात वाहा गयी, क्योकि दूसरे दिन कॉलेज बंद होता है, रात को 9 बजे के बाद हॉस्टिल से बाहर आना या अंदर जाना बंद हो जाता है.

उस रात सलीम ने मेरी खूब चुदाई की और रात के 12 बजे नाश्ता करना था, तो मैं कपड़े पहन रही थी.

सलीम ने कहा – टॉवेल से ढक लो यहा सबको पता है की तू यहा चुदवाने आती है, तो फिर शरम किस बात की थोड़ा सा दर्शन का मज़ा वो भी तो करे तेरी जवानी का.

मेने टॉवेल को बॉडी पे लपेट लिया और उन्होने नाश्ता निकाला और मैने किचन मे चाय बनाई.

वो तीनो मुझे देख रहे थे. सलीम अंडरवेयर मे था. मैं हॉल मे गयी तो सलीम ने मुझे अपने गोद मे बिठा लिया.

मैं – ये क्या कर रहे हो?

सलीम – इन दोनो को पता ही है तू यहा क्यू आती है.

मलिक – अब बैठ भी जाओ उसने अंडरवेयर भी पहना हुआ है और तुमने टॉवेल.

अफ़ज़ल – यहा कुछ नया है तो वो तुम हो.

मैं – पहली बार नही देख रहे हो मुझे.

अफ़ज़ल – ऐसे तो पहली बार ही देख रहे है ना.

मैं स्माइल करते हुए चाय पीने लगी और सलीम चाय पीते पीते कभी कभी मेरे बूब्स दबा लेता, उपर से मैं उसकी और देखती पर वो तीनो स्माइल करने लगते.

More Sexy Stories  पिक्निक या गॅंगबॅंग !!!

और फिर नाश्ता करके वापस हम अंदर के रूम मे, ऐसे दो तीन सॅटर्डे चला.

एक दिन सॅटर्डे मलिक का बर्थडे था, तो मैं गयी तो हमने केक कट किया, फिर मैने कहा सॉरी पता नही था इसलिए गिफ्ट नही लाई वो पेंडिंग..

मलिक – वो मैं सामने से ले लूँगा डॉन’त वरी.

मैं – नाइस, और सलीम तुम को तो पता है फिर भी नही लाए.

सलीम – गिफ्ट उसका आ गयी है पर थोड़ी देर बाद देता हू.

फिर मैने कहा – चलो चाय के टाइम मिलते है, तब तक मैं थोड़ा फ्रेश हो जाती हू और मैं उनको आँख मार के रूम मे चली गयी.

सलीम ने अंदर आके खुद लेट के मुझे अपने उपर की पोज़िशन मे उपर बिठाया और मैने उसके उपर कूदना शुरू किया. मेरा मूह अंदर की तरफ था और मेरी बॅक डोर की ओर.

तभी किसी ने मेरी बॅक पर हाथ रख के धक्का दिया और सलीम ने अपने दोनो हाथो से मुझे जक्कड़ लिया. उसका लंड मेरी चूत मे था और मेरे बूब्स उसकी चेस्ट मे डब गये थे और मैने पीछे मूड के देखा तो मलिक था और वो अपना लंड मेरी गांड मे घुसाने वाला था.

मैं – नही मैं प्लीज़ नही..

उसने धक्का दिया और दो तीन स्टोक्स मे अपना सारा लंड मेरी गांड मे डाल दिया और यहा सलीम का लंड ती ऑलरेडी मेरी चूत मे तूफान मचा रहा ही था.

मैं – ओह ह्म पल्ल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ निकलू आहह उफफफ्फ़.

मलिक – मैने कहा था ना की मैं गिफ्ट सामने से ले लूँगा.

सलीम – मैने भी कहा था उसका गिफ्ट आ गयी है, बाद मे देता हू लो मिल गया उसे गिफ्ट.

Pages: 1 2 3