चुदासी चाची के बहुत मज़े लिए

उसके बाद वो उठ कर टोइलेट की तरफ चली गई . मैं अपनी बंद आँखों से सब कुछ देख रहा था. थोड़ी देर में चाची टोइलेट से आई और गुडिया को एक तरफ कर के बीच में सो गई . वो बिलकुल मेरी बगल में आके सो गई . मुझे तो बिस्वास नहीं हो रहा था. सायद उसे भी मज़ा आ रहा था. वो सीधे होके अपने सर पे हाथ रख कर सो गई . थोड़ी देर तक मैं शांत रहा और फीर चुपके से अपना हाथ उनके पेट के ऊपर रख दिया. धीरे धीरे मैं अपना हाथ ऊपर की तरफ ले गया. मेरा हाथ उसके चुचे के नीचे तक चला गया. मुझे थोरा नरम नरम महसूस होने लगा. थोरा और ऊपर गया तो पता लगा की उसका ब्रा नहीं था. सायद टोइलेट में जाकर उसने अपना ब्रा खोल दिया था. सायद उसे भी यह सब अच्छा लग रहा था पर वो सायद यह सब बस नींद के बहाने से करना था. मुझे भी मज़ा आ रहा था. और उपर गया तो सारे बटन भी खुले थे. मैंने सीधा उसके गाउन के अंदर हाथ डाल दिया. और उसकी दोनों चुचियो के साथ खेलने लगा. चूची बहुत नरम थी . मैंने उनके नीपल पर हमला कर दिया. थोड़ी ही देर में उनकी चूची से दूध आने लगा. उसका पूरा गाउन दूध से भीगने लगा था. मुझे उसका दूध पीना था सो मैं धीरे धीरे गाउन को उसके कंधे पर से खीच ने लगा. थोरे मुश्किले के बाद उसका एक तरफ का स्तन मैंने हाथ से नीकाल दिया था. उनकी चूची को मैंने पुरी तरफ ने नंगा कर दिया था. एक तरफ से गाउन खोलने के बाद मैंने दूसरी चूची को भी बाहर नीकाल दिया. फीर मैं थोडा उठ के बैठ गया और उसकी नंगी छाती की तरफ देखने लगा. दोनों चूची बिलकुल नंगी हालत में लटक रही थी, मैंने हिम्मत कर के उसके नीपल पे अपना मुह रखा. ऐसा करते ही वो थोडा सिहर गए लेकिन फीर भी सायद सोने का नाटक कर रही थी, फीर धीरे धीरे मैं उसका नीपल चूस ने लगा. वो कभी कभी थोड़ी आवाज़ कर रही थी मगर अभी भी उनकी आँखे बंद थी. चूची से दूध निकलने लगा और मैंने खूब सारा दूध पिया. दोनों चुचियो के साथ मैं काफी देर तक खेलने के बाद मेरा अब उनकी चुत के साथ खेलने का मन हुआ.

फीर मैं उनकी चूची को उसी नंगी हालत में छोड़ के अपना हाथ उसक़ि चुत के ऊपर ले आया. उसका गाउन काफी ऊपर तक उठा था. मैंने पहले उसकेगाउन के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा. मैं एक उंगली उसके गाउन के ऊपर से ही उनकी चुत में डालने लगा. मेरी उंगली थोड़ी अंदर भी घुस गया. उसकी चुत काफी गीली थी . फिर मैं गाउन को ऊपर खीच ने लगा. थोड़ी देर में उसका गाउन चुत से ऊपर हो गया. उसकी पुरी नंगी टांग मेरे सामने दिखने लगी. सिर्फ एक लाल चड्डी चुत को छुपा रही थी. मैंने कभी सोचा भी नहीं था की चाची को मैं इस तरह नंगा करूँगा. ऊपर उनकी चुची नंगी थी और नीचे उसके बस एक छोटे सी चड्डी बची थी, और ये सब तब हो रहा था जब वो सायद नींद में थी. अब मुझे उनकी चड्डी उतार नी थी, सो मैं चड्डी को नीचे की तरफ खीच ने लगा. उसकी चड्डी उसकी गांड में फसी थी. मैं उसको निकाल नहीं पा रहा था, लेकिन तभी चाची ने अपनी गांड को ऊपर किया थोरा सा और चड्डी निकल आयी. अब मुझे पाक्का यकीन हो गया था की वो भी यह सब पसंद कर रही हैं.फीर धीरे धीरे मैंने उसका चड्डी को टांगो से निकाल दिया. क्या दृश था वो . खुली हुई चुत मेरे सामने पड़ी थी . मैं तो पागल हो गया उनकी चुत देख के. चुत पे एक भी बाल नहीं था . बिलकुल साफ चुत थी . मैं चुत के ऊपर वाले हिस्से को चाटने लगा. उसका पूरा सरीर सिहर उठा.

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फीर मैंने उनकी टांगो को फैला दिया ताके मैं उनकी चुत मार सकू. उसने कोई विरोध नहीं किया जब मैं उनकी नंगी टांगो को फैला रहा था. पूरी खुली चुत मेरे सामने थी . मैं दोंनो टांगो के बीच घुस गया और अपना मुह उनकी चुत के सामने ले आया. फीर मैंने अपनी एक उंगली चुत के अंदर डाल दी जिससे वो सा आवाज़ भी करने लगी . मैंने उठ के देखा तो आँखें अभी भी बंद थी और फीर मैं अपने काम में लग गया. मैंने अपनी उंगली पुरी चुत के अंदर घुसेड दी. उसकी चुत से पानी निकल ने लगा. फीर मैंने अपनी एक और उंगली चुत में डाल दी . मैं उसकी चुत के अंदर ग़दर मचा रहा था. उसकी चुत से सफ़ेद पानी नल की तरह निकल ने लगा. मैंने अपना मुह उसकी चुत के ऊपर रखा और उसकी चुत का पानी पीने लगा. उसका पूरा सरीर कापने लगा था. फीर मैंने अपनी उंगली थोड़ी टेढ़ी की और उसकी चुत के ऊपर वाले हिस्से को चुटी काटने लगा. वो हिस्सा थोरा दाने दार था. बाद मैं पता चला वो जी पॉइंट कह लाता हैं. वहां उंगली डालते ही वह और हिलने लगी . मैं समझ गया उसे मज़ा आने लगा था. फीर मैंने अपने उंगली चुत से निकाली और उसकी चुत को मैंने फैला दिया. मेरी आखों के सामने उसक़ि फैली हुई चुत दिखने लगी . फीर मैंने अपनी जीव उसकी खुली हुई डाल दी वो बिलकुल हील ही गयी. मैं अपने हाथो से उसकी चुत को फाड़ के रखा था और मेरा मुह उसकी चुत में घुसेर दिया. मैं चुत को चूस ने लगा, चुत से पानी निकल ने लगा और मैंने एक भी बूँद पानी का बर्बाद नहीं होने दिया. मैंने अपनी पुरी जीव उसकी चुत के अंदर डाल दी थी. मैं उसकी चुत को खा रहा था. उसने एकदम से एक जोर की सांस ली और उसकी चुत पानी से भर गई . ऐसा लगा की चुत में बाढ़ आ गयी और सारा बाढ़ का पानी मैं पी गया. फीर थोरी देर में सब शांत हो गया. मैंने भी वहीं पर अपना माल भी गीरा दिया. मुझे अभी भी बिस्वास नहीं हो रहा था की मैंने अपनी चाची के साथ ऐसा काम किया . फीर मैं उसी नंगी हालत में छोड़ के अपने जगह आ के सो गया. अपने हाथ उसके चुची पे रखे और नींद में सो गया.
अगले दिन जब सुबह मैं जागा तो देखा चाची मेरे साथ नहीं थी मुझे आज पेपर देने जाना था इसलिए मैं जल्दी से तैयार होकर पेपर देने चला गया शाम को मैं अपनी पढ़ाई करने लगा रात के नौ बजे चाची सोने क़ि तैयारी करने लगी
चाची बोली- राज! तुम्हारे लिए अलग बिस्तर लगायें या तुम मेरे साथ ही सो जाओगे? मैने कहा – जैसा आप ठीक समझें। मैं तो कहीं भी सो जाउन्गा। चाची बोली- तो तुम इसी बिस्तर पर सो जाना। फ़िर चाची अपने काम में लग गयी। रात को १० बजे चाची कमरे में आयी और साड़ी उतारते हुए बोली – राज, तुम अखबार पढ रहे हो, मैं सो रही हूं, जब तुम्हें नीन्द आये तुम सो जाना। थोड़ी देर में मैने लाईट बंद की और लेट गया। मुझे नींद नहीं आ रही थी। काफ़ी देर बाद चाची उठकर लाईट जला कर बाथरूम गयी और वापिस आकर लेट गयी। मैं जाग रहा था लेकिन आंखे बंद करके लेटा था।

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