भांजी की चुदाई बचपन सुरभि का

हेलो दोस्तो आई एम 28 म देल्ही से हू, ये एक सच्ची स्टॉरी है जो मैने खुद अपने भांजी के साथ किया. भांजी की चुदाई

ये बात 10 साल पुरानी है जब मैं 19 का था और मेरे भांजी जिसका नाम सुरभि है उसकी तब उमर ** साल थी तब उसका भरा बदन सांवला रंग था ** साल की उमर मे भांजी मे एसा कुछ नही होता जिससे कोई आकर्षित हो बस वो मेरे हवस और शिकार करने का शौक था.

मेरा ** साल की एज से सेक्स का शौक चुत चाटने का और लड़कियो का शिकार करने का हवस से भरा हुआ था मैं मेरा बचपन मेरे बहानो के सेक्स के साथ ही चल रहा है

एक दिन सुरभि हमारे घर रहने आई हुई थी और मुझे सेक्स करे हुई 7 दिन हो चुके थे मेरा दिमाग़ खराब और घुमा हुआ था बस चुत चुत चुत चाटो खाओ मेरे हवस बढ़ती ही जा रही थी ऐसे में उस बेचारी बच्ची मारी गई

तो हुआ यू की वो रहने आई हुई थी और उसके साथ रहना और छूना पकड़ना टच करना मुझे पागल कर रहा था उसका भराव बदन मुझे उसके बचपन को खा जाने पे मजबूर कर रहा था.

मेरी हवस इतनी बढ़ चुकी थी की मैं उसके साथ सोता उसकी चुत उसको सूँघता उसको स्मेल कर कर के मूठ मारता 3 दिन हो चुके थे मेरा सब्र ख़तम हो चुका था और घर वालो को देल्ही के बाहर शादी मे जाना था फ्राइडे का दिन था दोपहर मे 2 बजे सब का जाने का प्रोग्राम बना और मैने घरमे ही रुका रहा था.

और सुरभि ने भी जाने से मना कर दिया था वो बोली मैं मामा के साथ यही रुक जाउन्गि बस ये सुनते ही मेरा दिमाग़ अपने जगहा से हिल चुका था और मेरे अंदर का राक्षस पूरी तरहा से बाहर आ रहा था/

शाम होते ही 7 बजे सारे घर वाले जा रहे थे उनको संडे रात तक आना था वापस सब के जाते ही मैं बाहर गया और 4 बियर और एक सिगरेट्स का पॅकेट ले आया और उसको बोला चल उपर चलते है 2न्ड फ्लोर पे वाहा टीवी देखेंगे और रात के 9 बज गये थे हम मामा भांजी दोनो उपर गये वाहा टीवी चलाया और मैने कहा सुरभि बियर पीगी बोली छी मामा नही नही पागल हो आप.

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मैने कहा चल चुप कर और टीवी देख मैं पी रहा हू और वो चुप रही मैं 2 बियर पी और सिगरेट उसके बाद मेरा दिमाग़ ख़तम हो चुका था हवस की हद ख़तम हो चुकी थी मैं रूम मे गया टीवी की आवाज़ तेज़ की और बोला चल डॅन्स करते है और वो भी मस्ती मे आ गई

ज़ोरर्र से आज़ाव कर दी और डॅन्स करने लगे उसके हिलते छोटे छोटे बूब्स उसकी निक्कर मे चिकने जांगे मुझे पागल कर रही थी और मैने रूम लॉक किया और डॅन्स करते हुए उसको एक ज़ोरसे थप्पड़ मारा और वो चौक गई और उसका मु पकड़ के उसके होंटो पे अपने होट रख के ज़ोर से चूसने लगा और वो 10 सेक चुप रही.

उसके बाद अपने आप को छुड़वाने की कोशिश करने लगी ज़ोर ज़ोर से उूउउ उूउउ कर के अपने आप को छुड़वाने की कोशिश करने लगी और अपने हाथ पैर मारने लगी और मैं हवस में डूबा हुआ पागल हुआ जा रहा था और एक दम रुका.

आहााअ और वो रोइईईईई बोहोत ज़ोरर्र ज़ोरर्र की रोने लगी मुझे मारने लगी चिल्लाने लगी मामा पागल हो गये क्या क्या हुआ क्या किया आपने ये और मैने उसको फिर से धक्का दिया बेड पे और एक थप्पड़ औरर्र मारा ज़ोर के और चुप हो गई उसका मु पकड़ा और फिर से वही ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा चूमने लगा उसके मूह को चाटने लगा और वो बेचारी बच्ची रोए जा रही थी.

मुझे मार रही थी अपने हाथ पैर झटक रही थी और मैं उसको चाटे जा रहा था और ये सब करते वी 10:30 हो चुके थे मैं पीछे हटा और होश मे आया मैने सॉरी बोला माफी माँगी और उसको चुप करवाया वो बोहोत रोई मुझे मारा पिटा उसको समझाया मुझे कुछ हो गया था प्लीज़ अब नही करूँगा उसको चुप करवाया ये करते ही 12 बाज चुके थे रात के.

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रात 12 बाज चुके थे उसको चुप करवाया खाना खिलाया और आराम से टीवी देखाया.

पर मेरी हवस ख़तम नही हुई थी उसको चूम के और बढ़ गई थी उसका चिकना बदन देख के मन था उसको पूरा नंगा कर के चाटू.

और रात 1 बजे फिर से मैं उसपे हमला बोला और उसको पकड़ के लिपट गया और चूमने लगा और बोला सॉरी बुरा मत मानिओ पर मेरा बोहोत मन है तुझे किस करू बस मना करने लगी मैने आराम से मनाया और किस किया उसके गले को चाटा उसके हाथो को चाटा.

और वो फिर रोने लगी उसके रोते ही मुझे और मज़ा आने लगा और उसकी टीशर्ट उतरवाई और उसका रोना और तेज़ हुआ मैने टीवी चलाया और आवाज़ बढ़ाई और उसके समीज़ ब्रा टाइप थे उसको उतारा और उसका जिस्म चाटने लगा भूके जानवर की तरहा उसको चाटे जा रहा था.

उसके छोटे छोटे बूब्स चूस रहा था चाट रहा था उसके उपर से जिस्म चाटे जा रहा था और वो रोई उसके आँसुओ से उसका जिस्म गीला हो रहा था और मैने एक थप्पड़ और मारा साली चुप हो जा और आराम से रह और बोल के उसकी निक्कर खिच दी और साथ मे पैंटी भी उतर गई उसका रोना और बढ़ गया चिल्लाना रोना मारना पीटना और मैं उसके नंगे जिस्म से खेलने लगा उसको चाटने लगा उसकी स्मेल से मुझे हवस और जाग रही थी और उस बेचारी का मरना हो रहा था.

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