भाभी को अपनी पर्सनल रंडी बनाया

हेलो दोस्तो, मैं पंकज आज अपनी जिंदगी की एक सच्ची घटना आप सब दोस्तो के लिए के लिए ले कर आया हूँ. मुझे पूरी उमीद है आप को मेरी आज की ये इंडियन भाभी सेक्स कहानी बहोत ही पसंद आएगी. और दोस्तो अगर आप को मेरी कहानी अच्छी लगी तो मुझे नीचे कॉमेंट लिख कर ज़रूर बताना मुझे आप के सुझाव और होसले की बहोत ज़रूरत है.

अब मैं सीधा आप को अपनी कहानी पर ले कर चलता हूँ. ये बात तब की है जब मैं जयपुर मे एक कंपनी मे जॉब करता था मेरे पास रहने के लिए कोई जगह नही थी इसलिए कंपनी ने मुझे स्पेशली एक सोसाइटी मे फ्लॅट ले कर दिया हुआ था. मुझे वाहा जॉब करते हुए करीब एक साल हो गया था. तभी मेरे सामने वाले फ्लॅट मे एक कपल रहने आया उनके घर मे हस्बैंड वाइफ और उनके दो बच्चे थे. जल्दी ही मेरी उनसे अच्छी जान पहचान हो गई.

उसके हस्बैंड का नाम राजेश था और उसकी उमर 36 साल थी और वो भी यहीं एक कंपनी मे जॉब करता था पर उस कंपनी मे शिफ्ट वाला काम था. उसकी वाइफ का नाम पूजा था और उसकी उमर 32 साल थी. उनके दो बच्चे थे एक लड़का जिसकी उमर 5 साल थी और एक लड़की जिसकी उमर 3 साल थी. उनकी फैमिली काफ़ी अच्छी और खुशी से भरी हुई फैमिली थी.

अगर मैं पूजा भाभी की बात करूँ तो वो बहोत ही कमाल की भाभी थी. उनकी उमर के हिसाब से वो बहोत ही जवान लगती थी उनका रंग थोड़ा सा सांवला था और फिगर बहोत ही सेक्सी था उनके बूब्स बाहर की तरफ निकले हुए थे और उनकी गांड भी जिसका मैं पहले दिन से ही दीवाना हो चुका था.

मेरा उनकी फैमिली मे आना जाना काफ़ी बढ़ गया क्योकि मुझे उनके दोनो बच्चे बहोत ही पसंद करने लग गये थे. और मुझे भी बच्चो से बहोत ही प्यार था. इस चक्कर मे मैं भी भाभी से काफ़ी बातें करने लग गया. एक दिन भाभी मुझसे बोली – पंकज मेरे हस्बैंड को मेरा तुमसे बात करना पसंद नही है.

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मैं – ये तो एक दिन होना ही था भाभी जी चलो कोई बात नही ये तो एक नॅचुरल सी बात है जो की हर मर्द मे पाई जाती है.

भाभी बोली – अच्छा जी चलो अब मैं उनके सामने तुमसे बात नही किया करूँगी उनके जाने के बाद तो मुझे कौन रोक सकता है तुमसे बात करने से. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

ये कहते ही हम दोनो ज़ोर ज़ोर से हसने लग गये. उस दिन के बाद भाभी मुझसे तभी मिलती जब उसके पति ड्यूटी पर चले जाते थे, और अपने पति के सामने वो मुझे देखती तक नही थी. जिससे अब उसके पति को विश्वास हो गया था की अब मैं उसकी वाइफ से बोलता तक नही और उसकी वाइफ ने उसकी बात मान ली है.

भाभी अब मेरे रूम मे जब मर्ज़ी टी और सनैक्स ले कर आ जाती थी या मुझे अपने घर शाम की चाय पर बुला लेती थी. चाय पीते पीते हम दोनो करीब एक घंटा बातें करते. मुझे अब लगने लग गया की शायद अब मुझे भाभी पसंद करती है.

अगले कुछ दिन ऐसे ही बीत गये और फिर उसके पति अपनी कंपनी के किसी काम से 15 दिन के लिए बाहर चले गये. मैं इस बात से बहोत खुश था क्यूकी मैं और भाभी जब मर्ज़ी बिना किसी के डर से आपस मे मिल सकते थे. भाभी सुबह ही मेरे घर आ गई और मेरे लिए ब्रेकफास्ट बनाया और फिर लंच पैक कर के मुझे ऑफीस भेज दिया. मैं हैरान था की आख़िर ये इतना सब कुछ क्यो कर रही है मेरे लिए शायद इसे मुझसे कुछ चाहिए.

फिर मैं शाम को 5 बजे घर आया तो भाभी ने मेरे लिए टी बनाई और अपने घर चली गई और साथ मे ये भी कह दिया की आज रात का डिनर मैं खुद बना कर ले कर आउंगी और हम दोनो एक साथ ही डिनर करेंगे. रात को करीब 10 बजे भाभी मेरे घर आई और हम दोनो ने एक साथ डिनर किया और डिनर करने के बाद मैं बोला – भाभी अब आप जाओ बच्चे घर पर अकेले है.

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भाभी बोली – मैं उन्हे सुला कर आई हूँ.

मैं – तो आप के पति का फोन आने वाला होगा.

भाभी – मैं उनसे बात कर के ही आई हूँ और मैने ये भी कह दिया है की अब हम सो रहे है इसलिए अब उनका फोन आने वाला नही है.

मैं – ठीक है फिर अब ?

फिर भाभी मेरे पास आई और मेरे साथ बैठ कर बोली – पंकज आइ लव यू मैं तुम्हे बहोत पसंद करती हूँ.

मैं – आइ लव यू टू मैं भी आप को बहोत पसंद करता हूँ पर ये कहने से मैं बहोत डरता था की कही कोई पंगा ना हो जाए.

भाभी – यार हद है तुम पहले बोल देते चलो कोई बात नही अब मैं सारे पंगे खुद ही संभाल लूँगी.

और ये कहते ही भाभी ने मुझे अपनी बाहों मे भर लिया और मुझे किस करने लग गई. क्या कमाल की किस्सिंग स्टाइल था भाभी का वो बारी बारी से मेरे होंठो को अच्छे से चूस रही थी और अब मैं भी उसके होंठो को ज़ोर ज़ोर से चूस रहा था.

भाभी ने अपना नाइट सूट डाला हुआ था मेरे हाथ अपने आप उनके बूब्स पर चले गये और बूब्स पकड़ते ही मुझे पता चल गया की भाभी ने नीचे ब्रा नही डाली है. मैने उनके बूब्स मसलना शुरू कर दिया. फिर भाभी खुद थोड़ा पीछे हटी और अपने सारे कपड़े उतार दिए और मेरे भी सारे कपड़े उतार दिए. अब हम दोनो पूरे नंगे हो चुके थे.

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