बना गया आंटी का नया पति

मैं अपनी पहली कहानी मे आप सब का दिल से स्वागत करता हूँ. मेरा नाम राहुल है. मैं कोलकाता से हूँ, आज मैं आप सब के साथ अपनी लाइफ का एक बहुत ही मस्त और गरम हादसा शेयर करने जा रहा हूँ.

जिसे पढ़ कर आप को भी शायद मज़ा आएगा, और मूठ भी मारेंगे. मैं इंटरनेट पर काफ़ी टाइम से देसी सेक्स कहानी पढ़ रहा हूँ. इसलिए अब मेरा मन भी अपनी आप बीती बताने का करने लग गया है.

मैं आप से उम्मीद करता हूँ, आपको मेरा काम अच्छा लगेगा और मेरी कहानी भी पसंद आएगी. तो अब मैं कहानी शुरू करता हूँ.

मेरा नाम राहुल है, और मेरी उम्र उस टाइम 21 साल हो गई थी. मैने अपना कॉलेज पूरा कर लिया था. मैं एक कंपनी मे काम करता था. कंपनी मेरे घर से ज़्यादा दूर न्ही थी. मैंने 21 साल तक काफ़ी बार सेक्स कर लिया था. मैने अपने स्कूल और कॉलेज लाइफ मे बहुत लड़किया चोदि है.

मेरे घर के सामने एक घर खाली पड़ा हुआ था. पर एक दिन अचानक उसमे सॉफ सफाई होने लग गई थी. मैने सोचा की ज़रूर ये घर किसी और ने ले लिया होगा. मैने उस टाइम ज़्यादा ध्यान न्ही दिया. पर जब मैने थोड़े दिन बाद उस घर मे से निकलती हुई एक परी को देखा.

तो मेरी आँखें फटी की फटी रह गई. भाई क्या चीज़ थी वो. एक मिनिट के लिए तो मैं वही रुक गया और उसे देखने लग गया. शाम को घर आते ही मैने उसके बारे मे पता करना शुरू कर दिया.

मुझे पता चला की उसका नाम रोमा है. और वो घर मे अकेली रहती है, क्योकि उसके पति ने उसे तलाक़ दे दिया है. अब वो घर पर अकेली रहती है. यहाँ वो पास के गवर्नमेंट स्कूल मे मेथ्स की टीचर है.

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मेरे लिए एक जानकारी बहुत थी. अब मैं उसे रोज चुप चुप कर देखने लग गया. दोस्तो मैं बता दू, मैं उस दिन से पहले ऐसी मस्त चीज़ अपनी लाइफ मे कभी न्ही देखी थी. अब मैं आपको ज़रा उसके बारे मे बता देता हूँ.

उसका रंग एक दम गोरा था, और उसका मस्त फिगर 40-34-44 था. उसके मोटे मोटे बूब्स और गांड देख कर मैं उसका दीवाना हो गया था. वो रोज साड़ी ही डालती थी. साड़ी भी ऐसी वेसी न्ही, बहुत ही मस्त डालती थी. उसका ब्लाउस हमेशा बहुत डीप नेक वाला होता था.

जिसमे से बूब्स करीब आधे नंगे नज़र आते थे. और साड़ी हमेशा पेट की नाभि के नीचे ही बाँधती थी. जब वो चलती थी, तो उसकी गांड बहुत ही मस्त तरीके से हिलती थी. जिसे देख कर मैं और मेरा लंड पागल हो जाते थे. उसके मस्त बूब्स हमेशा बाहर निकले होते थे.

जब भी वो सांस लेती थी, तो उसके बूब्स उपर नीचे होते थे. मैं तो बेहेन के लौडे को गलिया निकाल रहा था. जिसने इस परी जैसी औरत को तलाक़ दे दिया था. सच मे अगर मैं उसकी जगह होता, तो इसे दिन रात डेली जम कर चोदता.

खैर अब मुझे उसको किसी भी हालत मे चोदना तो था. इसलिए मैने सोचा क्यो ना आंटी के साथ दोस्ती करलेनी चाहिए. हम दोनो का रास्ता एक ही था. इसलिए मैने एक दिन ऑफीस जाते हुए, उनसे बात करी.

मैं उसे आंटी कहता था, वो भी मेरे साथ काफ़ी जल्दी बोलने लग गई. मैने उन्हे कह दिया की मैं उनके घर के सामने रहता हूँ. कभी भी मार्केट से कुछ लाना हो तो मुझे बता देना. आंटी ने भी कह दिया की मुझे मार्केट का पता न्ही.

इसलिए अब से मैं तुमसे ही मार्केट का काम करवा लूँगी. फिर उस दिन के बाद आंटी को कभी भी कोई काम होता था. तो वो मुझे ही बुलाती थी, मैं भी खुशी खुशी उनका काम कर देता था.

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इसी बहाने मुझे उनके मस्त जिस्म देखने का मौका मिल जाता था. अब उन्होने मेरा नंबर ले लिया. एक दिन सनडे के दिन मैं घर मे बैठा आंटी को सोच कर मूठ मार रहा था. तभी आंटी का फोन आया, उन्होने मुझे अपने घर बुलाया.

मैं भाग कर उनके घर गया, आंटी ने डोर खोला और मुझे अंदर ले लिया. आंटी ने काहा मैं बोर हो रही थी, इसलिए मैने सोचा क्यो ना आज तुम्हारे साथ चाय पी ली जाए.

आंटी आज बहुत खूबसूरत लग रही थी, क्योकि उन्होने आज येल्लो कलर की बहुत ही खूबसूरत साड़ी डाली हुई थी. नीचे येल्लो कलर का डीप नेक वाला ब्लाउस डाला हुआ था. सच मे काफ़ी मस्त लग रही थी, मेरा तो उन्हे देखते ही लंड खड़ा हो गया.

हम दोनो सोफे पर बैठ कर टीवी देख रहे थे. साथ साथ बातें भी कर रहे थे, फिर टीवी पर आशिक़ बनाया सॉंग आ गया. मैने तभी चॅनेल चेंज कर दिया. पर आंटी ने मेरे हाथ रिमोट ले कर फिर से वो ही चॅनेल लगा लिया. वो देख कर हम दोनो गरम होने लग गये.

फिर आंटी उठ कर किचन मे चाय बनाने लग गई. मैने सोचा आज तो इस साली की गरमी मैं निकाल कर ही रहूँगा. इसलिए जब आंटी थोड़ी देर बाद चाय ले कर आई. उन्होने मुझे चाय दी, पर मैं जान बुझ कर चाय पकड़ी न्ही.

इसलिए वो सारी चाय मेरे उपर गिर गई. मेरी पूरी पेंट खराब हो गई थी. आंटी ये देख कर काफ़ी घबरा गई, वो भाग कर किचन मे गई और पानी ले कर आई. उन्होने मेरी पेंट के उपर पानी गिरा दिया, और अपनी साड़ी के पल्लू से सॉफ करने लग गई.

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