अपनी रिसेप्षन वाली आंटी को चोदा

और मैने उसको बेड के नीचे खड़ा किया और बेड को पकड़ा और आंटी को आगे की तरफ झुका दिया और पीछे से उसकी चुत मे लंड डाल दिया और बुरी तरह ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा उसके मूह से लगातार आवाज़े निकल रही थी उफफफफफफ्फ़ ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आंटी दर्द के कारण चिल्ला रही थी.

मैने झटके की स्पीड कम कर दी आंटी बोली ज़रा धीरे से चोदो ये चुत तुम्हारे लंड के जितनी बड़ी नही हैं मैने आंटी को घोड़ी बना लिया और अपने लंड को आंटी की चुत के अंदर बाहर करता हुआ शॉट मारता रहा.

कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कॉमेंट सेक्षन मे ज़रूर लिखे, ताकि देसीकाहानी पर कहानियों का ये दौर आपके लिए यूँ ही चलता रहे.

आंटी भी ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी करो और ज़ोर से और उनको भी मज़ा आने लगा मैने आंटी को 15 मीं तक चोदता रहा और मैने अपना सारा स्पर्म आंटी की चूत मे ही निकाल दिया हमने 1 वीक तक डेली सेक्स किया अब जब भी आंटी के हज़्बेंड कही जाते है तो आंटी मुझे बुला लेती है चुदवाने के लिए.

मैने बहुत बार आंटी की गॅंड भी मारी उन्होने मना भी किया बट लंड को देख कर सभी वुमन पागल हो जाती है फिर उनको कुछ नही दिखता.

इसलिए प्लीज़ मैल के साथ पिक सेंड ज़रूर करें सारी बातें बिल्कुल प्राइवेट रहेगी, क्यू की मुझे पता है फरीदाबाद मे ऐसी बहुत आंटी है जिनके हज़्बेंड कहीं और जॉब करते है उनको बहुत ज़रूरत होती है. हिन्दी सेक्स स्टोरी

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