अंतर्वसना शांत की पंजाबी भाभी की

इस चुदाई कहानी मे आप को बतौँगा की कैसे मैने पंजाबी की चूत की कामुकता शांत की. कैसे मैने भाभी को सिड्यूस किया ओर कैसे उसने मेरा लंड चूत मे लिया तो बिना देर किया चलिए कहानी पे आते है.

हेलो दोस्तो मेरा नाम जसबीर है और मैं पुंजब के गाओं से हूँ. मैं एक पंजाबी लड़का हूँ इसलिए मैं शुरू से ही एक दम फिट और हेल्ती हूँ. मेरी बॉडी देख कर काफ़ी लड़किया मुझ पर फिदा हो गयी है. मेने जेसे ही अपनी स्टडी पूरी करी वैसे ही मुझे जॉब के लिए पुंजब के बाहर जाने की लगा.

पर मुझे चंडीगड़ मे एक कंपनी मे जॉब मिल गयी. वो कंपनी 24 घंटे चलती थी ब्स एक सनडे वाले दिन ही बंद होती थी. मुझे लगे हुए उस कंपनी मे 1 साल हो गया था. मैं कंपनी के पास ही एक रेंट के कमरे मे रहता हूँ. मैने वहाँ पर कुछ ज़्यादा समान न्ही रखा हुआ है. क्योकि मैने सोचा है की ये रूम रेंट का है तो मैं क्यो अपने पैसे यहा पर वेस्ट करूँ.

सब कुछ बहुत अछा चल रा था. कंपनी वालो ने मेरी ए शिफ्ट पक्की कर दी थी. मैं रोज 6 बजे चला जाता था और 2 बजे तक घर पर वापिस आ जाता था. मुझे लगा सब अब लाइफ बहुत अच्छी चल रही है पर मुझे एक लड़की की बहुत ज़्यादा ज़रूरत थी. क्योकि मैं मुठ मार कर बहुत बोर हो गया था. मुझे चूत तभी मिलती थी जब मैं अपने गाओ जाता. और अपनी वहाँ की पुरानी 3 गर्ल फ्रेंड को चोदता.

पर भगवान ने मेरी सुन ली. मेरे घर के पास ही एक खाली पड़े घर मे एक कपल्स रहने के लिए आगये थे. उन्हे देख कर ऐसा लगता था जेसे उनकी शादी अभी अभी हुई है. मुझे तो बाद मे पता चला जो मेरे घर के साथ रहने आए है वो मेरी ही कंपनी मे जॉब करते है.

उनका नाम विजय था वो मुझसे उमर मे बड़े थे. इसलिए मैं उन्हे भाईया कहता था. उन्होने मुझे बताया की वो पहले इस कंपनी की दूसरी ब्रांच मे जॉब करते थे. पर अब उनकी प्रमोशन हो गयी है जिस वजह से यहाँ पर आ गये है. मुझे वो अच्छे लगे सच मे काफ़ी भले इंसान थे.

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उन्होने मुझे अपने घर पर बुलाया और अपनी वाइफ रीता से मिलवाया. मैं रीता भाभी को देख कर बहुत खुश हुआ. क्योकि वो बहुत ही खूबसूरत थी. उसे देख कर ऐसा लग रा था मानो मेरे घर के पास एक परि रहने के लिए आ गयी है. गर्मियो के दिन चल रहे थे एक दिन भाईया मेरे घर आए और मैने उन्हे पीने के लिए पानी दिया. पर पानी गरम था इसलिए भाईया ने कहा तू अब रोज घर से आइस ले लिया कर ओके.

मैने उनकी बात मान ली और डेली उनके घर से आइस लेने लग गया. भाईया की बी शिफ्ट थी मतल्ब की जब मैं आता था तो वो कंपनी मे जा चुके होते थे. ऐसे ही अब मैं डेली भाभी से मिलता और आइस लेता. इसी बहाने भाभी से मेरी बात चीत होने लग गयी. वो सच मे काफ़ी अच्छी थी. पर मुझे लगा की वो मेरी बॉडी को काफ़ी घूर कर देखती है.

और एक दिन उन्होने खुद ही कह दिया की उन्हे मेरी बॉडी काफ़ी अच्छी लगी है. काश तेरे भाईया की भी ऐसी होती तो मज़ा आ जाता. मैने कहा कोई बात न्ही भाभी मैं भी तो आप का ही हूँ. वैसे आपसे मैं भी कुछ कहना चाहता हूँ. भाभी बोलो क्या कहना है मैने भाभी आप बहुत ही सेक्सी और हॉट है. काश मुझे भी आप जेसी ही वाइफ मिले भाईया सच मे काफ़ी लुक्की है.

जो उन्हे आप जेसी वाइफ मिली है. तो भाभी बोली अछा तुम्हे मेरे अंदर क्या क्या अछा लगता है. तो मैने कहा वैसे तो मुझे आप पूरी की पूरी बहुत अच्छी लगती है. पर मुझे आपके होंठ और बूब्स और बॅक बहुत अच्छे लगते है. भाभी बोली कोई बात न्ही मैं अपनी जेसी कोई लड़की देखूँगी जो तुम्हे खुश कर देगी.

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फिर मैं अपने घर आ गया और भाभी के नाम की मुठ मार कर सो गया. अगले ही दिन भाईया मेरे पास आए और बोले यार मुझे अपने पुराने वेल ऑफीस मे जाना पड़ेगा कल. क्योकि उन्होने मेरे ट्रान्स्फर ओडर अभी तक यहा न्ही भेजे इसलिए मुझे कम से कम 4 दिन लग जाएगें. तू अपनी भाभी का ध्यान राखिॉ और कोई भी ज़रूरत हो तो भाभी के पास चला जइओ क्योकि मैने उसे थोड़े पैसे दे दिए है.

अगले दिन भाईया चले गये और मैं भी अपने ऑफीस चला गया. पर मैं उस दिन थोड़ा सा लेट वापिस आया. भाभी ने मुझसे पूछा क्या बात है आज तुम ठीक न्ही लग रहे हो. और लेट भी आए हो ऑफीस से क्या बात है सब ठीक तो है ना. मैने कहा ठीक है भाभी ब्स थोड़ा सा बुखार लग रा है.

भाभी ने कहा ठीक है ऐसा करो आज तुम अपने घर मत जाओ. वैसे भी तेरे भाईया तो घर पर है न्ही तू यहा रुक जा प्लीज़ मेरी बात मान. मैने भाभी की बात मान ली और उनके पास ही रुक गया. भाभी ने मेरी बहुत सेवा करी. जिससे मेरा शाम तक बुखार उतर गया. ब्स फिर क्या था भाभी और मैं खुल कर बातें करने लग गये. और मैने और भाभी ने मिल कर रात का डिन्नर बनाया.

और एक साथ डिन्नर करके अलग अलग सो गये. रात को मुझे बहुत ठंड लगाने लग गयी. तभी भाभी मेरे पास आई तो उसने देखा की मुझे फिर से बहुत तेज भुकार चॅड गया है. और रात के 11 बज चुके थे. इस टाइम डॉक्टर के पास भी न्ही जा सकते थे. और ना ही घर पर कोई मेडिसिन थी.

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