तीनो छेद में लौड़ा डालने का मजा मिला

मेरा नाम गौतम सिंह है। मैंने मस्तराम डॉट नेट पर कई कहानियाँ पढ़ी। आज मैं भी आपको अपने साथ घटी एक घटना सुनाने जा रहा हूँ।
मजा शब्द वो है जिसमें मजा होता है। तो आइए दोस्तो मैं आपको एक सच्ची कहानी सुनाता हूँ। मैं उन दिनों खूब मस्ती किया करता था और शहर घूमा करता था। उन्हीं दिनों मेरी मुलाकात एक राजकुमारी सी लड़की आदिती से हुई। वह बहुत खबसूरत थी जिस तरह उसका नाम था उसी तरह वह दिखती भी थी। आदिती 18 साल की थी। मेरी यह मुलाकात दिल्ली से मुंबई जाते समय ट्रेन में हुई, वह भी मुंबई जा रही थी।

वह उस समय सलवार सूट में थी। रात का समय था, हमने एक दूसरे का परिचय लिया और हम दोनों में बात होने लगी, वह भी दिल्ली में रहती थी। हम लोगों ने एक दूसरे का मोबाईल नम्बर लिया। रात कब बातें करने में निकल गई पता ही नहीं चला, सुबह हम जब स्टेशन पहुँचे तो हमने मिलन का वायदा किया। एक हफ्ता हम लोग मुंबई में रूके और उस एक हफ़्ते में हम लोग रोज मिलते थे। धीरे-धीरे हम लोग करीब आ गये, एक दिन मैंने उससे पूछा- क्या तुम इंटरनेट का प्रयोग करती हो?

जब उसने हाँ में जवाब दिया तो मैंने तुरन्त ही उससे उसकी मेल आईडी माँग ली। अब हम लोंग चैटिंग करने लगे। धीरे-धीरे अब हम लोग सैक्स की बात करने लगे। आपको विश्वास नहीं होगा कि मुंबई ट्रिप में मैंने उसे चोदा नहीं, फिर भी हम लोग सैक्स चैटिंग में बहुत गन्दी-गन्दी बातें करते थे। दोस्तों आप ये कहानी न्यू हिंदी सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है l

एक दिन मैंने उसे वेब कैम भेजा और उसके बाद हम लोग वेब कैम पर बातें करने लगे। अब हम लोग वेब कैम पर नंगे होकर बातें किया करते थे। एक दिन उसने मुझसे कहा कि वो जैसे-जैसे वो कहे वैसे-वैसे मुझे करना है।
मैंने कहा- वेब कैम में कहाँ मजा आएगा, कभी मेरे घर आओ फिर जैसा कहोगी वैसा ही करूँगा।
उसने मुझसे वादा किया और रविवार को मिलने को कहा।

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रविवार को वह मेरे घर आई। क्या लग रही थी… जींस काले रंग की थी और टॉप उसने हल्की गुलाबी रंग की पहनी हुई थी।
उसकी गोल-गोल मुसम्बी जैसे आकार की चूची… लग रहा था कि उसे घर में बाद में आने दूं और उसकी चूची वहीं दबा दूँ लेकिन भावनाओं पर कंट्रोल करके मैंने उसे अंदर बुलाया और अपने कमरे का दरवाजा बंद करके जब मैं उसकी तरफ़ घूमा तो उसके कूल्हे देख कर मैं तो गश खाकर गिरने वाला था! क्या उठे हुए थे उसके चूतड़ !

वह पलटी और मुझे देख कर मुस्कुराने लगी और शायद वह समझ गई थी कि मैं क्या सोच रहा हूँ।
वह धीरे-धीरे मु्स्कुराते हुऐ मेरे पास आई और बोली- किन ख्यालों में खोए हुए हो?

मैंने उससे कहा कि मैं उसके ख्यालों में नहीं उसकी खूबसूरती में खोया हुआ हूँ।
वह बोली- धत्त बुद्धू कहीं के !
मैंने धीरे से कहा- तुम हो ही इतनी खूबसूरत… मैं ही क्या, कोई भी तुम्हें देखता ही रहेगा। वह शरमा गई, फिर धीरे से बोली- आज दिनभर तुम्हारे साथ हूँ और उस चीज का मजा लो, जिसके लिये हम लोग नेट पर बातें करते थे।

मैंने उसकी बात का समर्थन किया और कहा- आज तुम्हारा दिन है, इसलिए आज जैसा तुम कहोगी वैसा ही मैं करूँगा।
उसने हामी भरी और कहा- फिर तैयार हो जाओ।
मैंने कहा- ठीक है मेरे दिल की मल्लिका! उसने मुझे तेल की शीशी लाने को कहा और बोली- आज अपनी जिंदगी के सबसे हसीं पलों के लिये तैयार हो जाओ।

फिर हम दोनों बेडरूम में आ गए। वह धीरे-धीरे म्युजिक सिस्ट्म की तरफ बढ़ी और फिर उसने एक सैक्सी म्युजिक लगा दिया और डांस करते हुई बोली- नेट पर तुम्हारा लौड़ा देख-देख कर मैं तंग आ गई थी। आज मैं तुम्हारा लौड़ा अपने बुर में लूँगी और तुम अपना लौड़ा मेरी बुर में डालोगे। लेकिन मेरी एक शर्त है।

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मैंने पूछा तो वह बोली- मैं क्या कर रही हूँ, क्या हो रहा है यह कुछ नहीं पूछोगे। मेरी सहमति के बाद डांस करते-करते वह अपने कपड़े उतारने लगी, सबसे पहले उसने अपना टॉप उतारा, अंदर उसने काली रंग की जालीदार ब्रा पहनी थी। टाप उतार कर उसने घुमाते हुये मेरी तरफ उछाल दिया।

जिस-जिस तरह उसकी चूची उछल रही थी, उसी तरह मेरा दिल उछल रहा था। डांस बहुत ही सैक्सी कर रही थी वो, फिर उसने जींस का बटन खोला और जींस की जिप को वो बार-बार ऊपर नीचे कर रही थी।
फिर वो पोल डांस स्टाइल में अपने जिस्म को पीछे करते हुए मेरे पास आई और जींस को नीचे उतार कर बोली- इस बुर की पप्पी लो।
उसने पैन्टी भी नाम मात्र की पहनी हुई थी, मैं उसकी बुर को चूमने लगा, क्या महक थी उसकी बुर में… धीरे-धीरे पीछे झुक कर अपने हाथों को जमीन पर टिका कर उसने अपनी बुर को उठा कर बोली- सक्सेना जी, अपने दाँतों से मेरी पैन्टी उतारो।

मैं भी देर ना करते हुए उसकी पैन्टी उतारने लगा, उसकी बुर से लसलसा सा आने लगा।
क्या मजेदार स्वाद था!

फिर सीधे होते हुए एक बड़ा सा पानी वाला जग लाने को बोली, मैंने शीशे का जग लाकर उसको दिया, मैं यह समझ पाने में असमर्थ था कि वह चाहती क्या है।

मैं- आदिती इस जग का क्या करोगी।
आदिती- तुमने किसी लड़की को मूतते देखा है?
मै- नहीं!
आदिती- आज मैं दिखाती हूँ और तुम देखना।
मैं- मैं सोच भी नहीं सकता था कि तुम बला कि सैक्सी होगी सैक्स के मामले में।
आदिती- आज मैं यही सोच कर यहाँ आई हूँ, अपनी पूरी प्यास मैं मिटाऊँगी।
मैं- अच्छा आदिती, क्या तुम इस जग में मूतोगी?
आदिती- हाँ… लो जग पकड़ो मेरे बुर के पास इसको लगाओ और मुझे मूतते हुए देखो।

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