बेटे ने माँ को चोद के चूत की गर्मी शांत की

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम माधवी है और में पटना से हूँ। में विधवा हूँ, मेरी उम्र 38 साल है और में पिछले 4 सालो से लौड़ा के लिए तरस रही हूँ। मेरा बेटा नीरज जो बाहर पढ़ता है, जिसकी उम्र 20 साल है। में काफ़ी सेक्सी, लंबी, गोरी, खूबसूरत हूँ। एक बार मेरा बेटा नीरज मेरे घर गर्मीयों की छुट्टियों में रहने आया हुआ था, वो दिखने में सेक्सी है, उसकी बॉडी अच्छी है। जब भी में उसे देखती थी तो पता नहीं क्यों मेरी बूर में सरसराहट होती थी? में बहुत ही कामुक 40 साल की औरत हूँ।

में हर समय चुदाई के लिए बेचैन रहती हूँ, लेकिन विधवा होने से कई साल तक मैंने चुदाई का मज़ा नहीं लिया था और में हर समय अपनी बूर चुदवाने के तरीके सोचती रहती हूँ। में रोज नहाते समय हस्त मैथुन भी करती हूँ, लेकिन इससे भी मेरे बदन की भूख लगातार बढ़ ही रही थी। में जब भी नीरज की छाती के बालों को देखती हूँ, तो में उत्तेजित हो जाती थी।

अब रात के 1 बज रहे थे, अब में और नीरज पास-पास के रूम में सो रहे थे, उसके रूम की खिड़की खुली हुई थी और अंदर नाईट बल्ब जल रहा था। अब मुझे नींद नहीं आ रही थी, में पूरी तरह से उत्तेजित थी और मेरी बूर का कोना-कोना जल रहा था। तभी मैंने सोचा कि टॉयलेट के बाद मेरी बूर की गर्मी कुछ शांत हो जाएगी, तो में टॉयलेट करने को उठी। तो तभी मैंने देखा कि नीरज के रूम का नाईट बल्ब जल रहा है। फिर में टॉयलेट करके लौटकर आई तो मैंने सोचा कि क्यों ना नीरज को सोते हुए देखते हुए में उत्तेजित होकर हस्तमैथुन कर लूँ? लेकिन जैसे ही मैंने अंदर देखा तो मेरी पूरी बूर में सरसराहट दौड़ गई। अब मेरा बेटा नीरज अपना मोटा लौड़ा अपने हाथ में लिए सहला रहा था और उसे तेज़ी से झटके दे रहा था।

अब ये सब देखते ही मेरी बूर सुलगने लगी थी तो में उसे लगातार देखती रही। फिर तभी मैंने देखा कि नीरज के हाथ में मेरी पेंटी थी, अब वो उसे पागलों की तरह सूँघे जा रहा था, उसने वो अलमारी में से निकाल ली होगी। अब वो मेरी पेंटी को चाट रहा था, फिर मुझसे चुदाई की प्यास बर्दाश्त नहीं हो पाई तो मैंने धक्का देकर उसके रूम का दरवाजा खोल दिया और उसके रूम में घुस गई। अब मुझे देखते ही नीरज ने अपने लौड़ा को अपने हाथ में दबा लिया था। फिर में मुस्कुराते हुए बोली कि ये क्या कर रहे हो बेटा? तो वो कुछ नहीं बोला।

फिर में उसके पास चली गई और उसके लौड़ा की तरफ देखती हुई बोली कि उसे क्यों ऐसे छुपा रहे हो? मैंने तो सब देख लिया ही है। तो वो बोला कि आप मेरी माँ है, आप अपने रूम में जाइए ना, ये सब ठीक नहीं है।

More Sexy Stories  आंटी ने अपनी दुकान में गांड मरवाई

फिर मैंने अपनी साड़ी को ऊपर करके उठा दिया, तो वो बोला कि ये क्या कर रही है माँ? यहाँ से जाइए ना, लेकिन वो मेरी और देख रहा था, इससे मुझे लगा कि वो थोड़ा झिझक रहा है। फिर मैंने अपनी चूचियों को पूरी तरह से नंगा कर दिया और उससे कहा कि नीरज तुम्हें मेरी कसम, मेरी प्यास बुझा दो बेटा, में कब से आग में जल रही हूँ। फिर तब उसने हल्के से मेरी चूचियों को सहलाया और रूम लॉक कर दिया।

तब मैंने नीरज के लौड़ा को पकड़ लिया और सहलाने लगी। फिर उसने मेरी साड़ी को उतार दिया और इसके बाद उसने एक-एक करके मेरा ब्लाउज, पेटीकोट भी खोल दिया। अब में ब्लेक पेंटी पहने थी, अब मेरी पेंटी पूरी गीली हो रही थी। फिर उसने मेरी पेंटी में अपना हाथ डाल दिया तो में सिसकने लगी और फिर उसने मेरी पेंटी नीचे सरकाकर मेरी बूर को उजागर कर दिया और बहुत ध्यान से मेरी बूर को देखने लगा। फिर मैंने उसका हाथ पकड़कर अपनी बूर पर रख लिया और कहा कि मेरी बूर को चाटो नीरज। तो वो बोला कि माँ अपनी टाँगे फैला लो, अब मेरी बूर जमकर अपना पानी छोड़ रही थी।

अब 4 साल के बाद पहली बार मेरे लड़के ने मेरी बूर को सहलाया था। फिर वो मेरी बूर को चूसने लगा तो में ज़ोर से बोली कि चूसो मेरी बूर को, चाट लो पूरा। अब वो भी पूरा उत्तेजित हो गया था और तेज़ी से मेरी बूर को चूसने लगा था। अब मेरा भी मन उसका लौड़ा चूसने का कर रहा था, तो जब मैंने उसका लौड़ा चूसने की कोशिश की तो वो आनाकानी करने लगा। लेकिन में नहीं मानी और उसके लौड़ा को अपने मुँह में डालकर मुख मैथुन करने लगी। अब में अपने बेटे के लौड़ा को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी।

अब उसकी खुशबू मुझे पागल कर रही थी, फिर धीरे-धीरे नीरज अपनी कमर हिलाने लगा, तो में समझ गई कि अब उसका मन भी चुदाई के लिए मचल रहा है। तो मैंने उसी समय नीरज का लौड़ा अपने मुँह से निकाल दिया और अपनी बूर फैलाकर बोली कि नीरज अब घुसा दो अपने लौड़ा को अपनी माँ की बूर में, चोद लो जी भरकर अपनी माँ की बूर को, मेरी सालों की प्यास बुझा दो बेटा। फिर नीरज ने मेरी बूर की तरफ देखा और अपने लौड़ा को आगे बढ़ाकर अपना लौड़ा मेरी बूर के मुहाने पर रख दिया और उसे अंदर धकेलने लगा, अब में तो जैसे स्वर्ग में थी।

More Sexy Stories  मुझे मेरी बहन की गांड ने दीवाना बनाया

फिर मैंने उससे धक्का लगाने को कहा तो उसने धक्का मारा, तो उसका लौड़ा मेरी बूर के अंदर चला गया, तो उसी पल मैंने ज़ोर से सिसकारी ली। अब वो बहुत खुश हो गया था और ये सोचकर कि मुझे मज़ा आ गया, उसका लौड़ा वैसे ही मोटा था इसलिए मुझे दर्द ज्यादा ही महसूस हो रहा था, लेकिन थोड़ी ही देर में मेरा दर्द मज़े में बदल गया।

फिर में बोली कि वाह बेटा और कसकर चोदो मेरे सैय्या और कसकर पैलो मेरे राजा, फाड़ दो मेरी बूर को नीरज और कसकर, क्या मस्त पेल रहे हो नीरज? मज़ा आ गया, मेरी जान चोदो चोदते जाओ। फिर वो रुकने लगा तो मैंने मना कर दिया और कहा कि चुदाई कर दे मेरी बूर की, में कब से चुदने को तरस रही हूँ।

फिर उसके बाद वो तेज़ी से अपने लौड़ा से मेरी बूर में धक्के लगाने लगा। अब में मज़े की वजह से सिसकने लगी थी और अब थोड़ी देर के बाद मुझे भी बहुत ही ज़्यादा मज़ा आने लगा था। अब मैंने अपनी पूरी बॉडी को टाईट कर लिया और तेज़ी से साँसे लेने लगी थी। अब मैंने नीरज की पीठ को पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी थी। अब मैंने जोश में आकर उसकी पूरी पीठ पर जगह-जगह अपने नाख़ून चुभा दिए थे।

अब में पूरी तरह से जानवर बन गई थी, अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। अब वो अपने हाथों से मेरे निपल्स दबा रहा था और ज़ोर-जोर से धक्के लगा रहा था। अब मेरी बूर से लगातार पानी निकल रहा था, जो बाहर निकलकर नीचे मेरी जांघो पर जा रहा था। फिर अचानक से मेरे शरीर में झटका सा लगा। अब में अपनी अंतिम सीमा पर पहुँचने ही वाली थी तो में जोर से चिल्लाई नीरज मेरा हो रहा है और ज़ोर से चोद बेटा और ज़ोर से चोद। तभी वो बोला कि माँ मेरा भी होने वाला है और धक्के लगाते-लगाते वो मुझसे चिपक गया और उसने मेरे हिप्स पकड़ लिए और फिर में भी उसके साथ ही झड़ गई।

अब मुझे झड़ते टाईम बहुत अच्छा लगा था, फिर वो झड़ने के बाद भी 1 मिनट तक मेरी बूर में अपना लौड़ा रगड़ता रहा। अब मुझे ये बहुत अच्छा लग रहा था, फिर में उसके लौड़ा को अपनी बूर में से बाहर निकालकर अपने मुँह में डालकर चूसने लगी। फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों ने अपने-अपने कपड़े पहन लिए और में अपने रूम में आ गई। फिर उस दिन के बाद से जब भी मेरा मन करता है, तो में अपने बेटे से जी भरकर चुदवाती हूँ। नीरज के चोदने से मेरी बूर पूरी तरह से जवान हो गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *